मुंबई. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बदलापुर यौन उत्पीड़न मामले के आरोपी के कथित तौर पर मुठभेड़ में मारे जाने को “भगवान का न्याय” करार दिया. पार्टी ने विपक्ष पर घटना पर संदेह करके “शहरी नक्सलियों” की भाषा बोलने का आरोप लगाया. बदलापुर के एक स्कूल में किंडरगार्टन की दो छात्राओं के यौन उत्पीड़न के आरोपी अक्षय शिंदे (24) के सोमवार शाम मुंब्रा बाईपास के पास कथित मुठभेड़ में मारे जाने के बाद महाराष्ट्र में सियासी घमासान मच गया है.
पुलिस के अनुसार शिंदे ने उसकी पूर्व पत्नी की शिकायत के आधार पर दर्ज मामले की जांच के सिलसिले में तलोजा जेल से बदलापुर ले जाते समय पुलिस वैन में एक पुलिसकर्मी की बंदूक कथित तौर पर छीन ली थी और गोली चलाई थी, जिसके बाद ‘आत्मरक्षा’ में पुलिस द्वारा चलाई गोली से वह मारा गया. विपक्षी नेताओं ने “मुठभेड़ में शिंदे की मौत” की परिस्थितियों पर सवाल उठाए हैं.
वहीं, राज्य सरकार ने दावा किया है कि पुलिस ने तब “आत्मरक्षा” में शिंदे पर गोली चलाई, जब उसने एक पुलिस कर्मी की बंदूक छीन ली और गोली चला दी, जिससे एक सहायक निरीक्षक घायल हो गया. महाराष्ट्र में विपक्षी गठबंधन महा विकास आघाडी (एमवीए) के नेताओं ने राज्य सरकार के दावे पर सवाल उठाते हुए घटना की न्यायिक जांच की मांग की है.
भाजपा की मुंबई इकाई के प्रमुख आशीष शेलार ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा, “पुलिस ने ठोस सबूत जुटाए हैं. पुलिस ने उस पर (शिंदे पर) गोली चलाई, लेकिन विपक्षी दल घटना की परिस्थितियों पर सवाल उठा रहे हैं. विपक्षी दल ऐसे व्यवहार कर रहे हैं, मानो उनका ‘एनकाउंटर’ हो गया हो.” शेलार ने एमवीए के घटक दलों-शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) और कांग्रेस पर महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के हर कदम पर संदेह करने का आरोप लगाया.
उन्होंने कहा, “एमवीए नेता सत्ता के भूखे हैं. ये वही लोग हैं, जिन्होंने अफजल गुरु (2001 के संसद हमला मामले का दोषी कश्मीरी आतंकवादी, जिसे फांसी की सजा दी गई थी) के प्रति सहानुभूति व्यक्त की थी.” पुलिस को पूर्ण समर्थन का दावा करते हुए शेलार ने कहा कि अक्षय शिंदे के साथ जो हुआ, वह उसकी नियति थी. उन्होंने कहा, “यह भगवान का न्याय था.” शेलार ने राकांपा (एसपी) नेता शरद पवार की भी आलोचना की, जिन्होंने अक्षय शिंदे को तलोजा जेल से स्थानांतरित करने पर सवाल उठाया था और घटना की गहन जांच की मांग की थी.
भाजपा नेता ने आरोप लगाया, “जब कोई पुलिस के खिलाफ आक्रामक हो जाए, तो उसे (पुलिस को) क्या करना चाहिए? जो व्यक्ति किसी पुलिसकर्मी की बंदूक पर हाथ डालता है, उसका हश्र अक्षय शिंदे जैसा ही होना चाहिए. विपक्षी दल ‘शहरी नक्सलियों’ से प्रेरित हैं.” शेलार ने दावा किया कि विपक्षी गठबंधन प्रधानमंत्री, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को निशाना बनाकर यह गलत धारणा पैदा करने की कोशिश कर रहा है कि महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब है.
सरकार स्कूल प्रबंधन का बचाव कर रही है : राउत ने बदलापुर मामले के आरोपी की मौत पर कहा
शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने बदलापुर यौन उत्पीड़न मामले के आरोपी अक्षय शिंदे की “मुठभेड़ में मौत” पर मंगलवार को संदेह जताया और दावा किया कि राज्य सरकार स्कूल प्रबंधन के बचाव का प्रयास कर कर रही है. राउत के बयान पर पलटवार करते हुए सत्तारूढ़ शिवसेना ने पुलिस अधिकारियों की बहादुरी पर सवाल उठाने के लिए उद्धव ठाकरे नीत पार्टी की आलोचना की.
राज्यसभा सदस्य राउत ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि हालांकि यह “मुठभेड़” संदिग्ध है, लेकिन ऐसे आरोपी के प्रति सहानुभूति दिखाने की कोई जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा, “…यह हत्या या मुठभेड़ मुख्य आरोपी (स्कूल प्रबंधन) का बचाव करने के लिए की गई थी. यह कैसे संभव है कि कोई व्यक्ति पुलिसकर्मी से हथियार छीनता है और उससे गोली चला देता है? यह एक बुनियादी सवाल है.”
उन्होंने दावा किया, “यह एक बड़ी साजिश है. जिन लोगों को बचाया जा रहा है, उन्हें मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री का संरक्षण मिला हुआ है.” उन्होंने कहा कि यौन उत्पीड़न की घटना के समय का स्कूल का सीसीटीवी फुटेज गायब है. राउत ने दावा किया, “स्कूल का भाजपा (नेताओं) से संबंध है और कल की कहानी (अक्षय शिंदे की हत्या) उन्हें बचाने के लिए बनाई गई.” शिवसेना (यूबीटी) नेता और पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे ने सवाल किया कि बदलापुर स्कूल के ट्रस्टी कहां हैं और सरकार उन्हें क्यों बचाने में लगी है. ठाकरे ने दावा किया, “ऐसा समझा जाता है कि स्कूल के ट्रस्टी भाजपा से जुड़े हैं, जिन्हें बचाया जा रहा है.”
यौन उत्पीड़न के आरोपी का शव पोस्टमार्टम के बाद पुलिस को सौंपा गया
बदलापुर यौन उत्पीड़न मामले के आरोपी अक्षय शिंदे का शव दक्षिण मुंबई के जेजे अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार को पुलिस को सौंप दिया गया. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. अधिकारी ने बताया कि एक मामले में जांच के लिए ले जाए जाते समय शिंदे की ठाणे में मुंब्रा बाईपास के पास सोमवार शाम को उस समय पुलिस गोलीबारी में मौत हो गई जब उसने कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी की रिवाल्वर छीन गोली चला दी. अधिकारी ने बताया कि स्कूल में सफाईकर्मी के रूप में काम करने वाले अक्षय शिंदे को उसकी पूर्व पत्नी द्वारा दर्ज कराए गए मामले में जांच के लिए तलोजा जेल से बदलापुर ले जाया जा रहा था.
शिंदे का शव मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम के लिए ठाणे के कालवा सिविल अस्पताल से सरकारी जेजे अस्पताल स्थानांतरित कर दिया गया. अस्पताल के एक अधिकारी ने कहा, ”राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार पांच डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम किया. शव और रिपोर्ट मंगलवार शाम करीब पांच बजे मुंब्रा पुलिस को सौंप दिए गए.” अस्पताल की डीन डॉ. पल्लवी सापले ने कहा कि पोस्टमार्टम का वीडियो रिकॉर्ड करने के सरकारी दिशानिर्देशों का पालन किया गया है.