
मुंबई. शिवसेना (उबाठा) के नेता आदित्य ठाकरे ने बृहस्पतिवार को कहा कि जून 2020 में दिशा सालियान की आकस्मिक मौत के मामले में उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है और वह अदालत के सामने अपना पक्ष रखेंगे. अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मैनेजर रही दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने बुधवार को कहा कि उन्होंने बंबई उच्च न्यायालय का रुख कर उन रहस्यमय परिस्थितियों की नए सिरे से जांच की मांग की है, जिनमें जून 2020 में उनकी बेटी मृत पाई गई थी.
उन्होंने कहा कि याचिका में आदित्य ठाकरे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने का आग्रह किया गया है. सतीश सालियान ने संवाददाताओं को बताया कि याचिका में यह भी कहा गया है कि उनकी बेटी के साथ बलात्कार किया गया और उसकी हत्या कर दी गई तथा बाद में कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों को बचाने के लिए राजनीतिक रूप से साजिश रची गई.
महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री ठाकरे ने यहां कहा, ”पिछले पांच साल से मेरी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है. हम अदालत में अपना पक्ष रखेंगे. हम अदालत में अपना जवाब (आरोपों का) देंगे.” दिशा सालियान की 8 जून, 2020 को उपनगरीय मलाड में एक आवासीय इमारत की 14वीं मंजिल से कथित तौर पर गिरने से मौत हो गई थी.
पुलिस ने तब दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज किया था. छह दिन बाद, बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत ने बांद्रा स्थित अपने अपार्टमेंट में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी. भाजपा नेता एवं मंत्री नितेश राणे ने बृहस्पतिवार को आदित्य ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि उच्चतम न्यायालय के पिछले फैसलों के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति पर बलात्कार का आरोप है तो उसे गिरफ्तार किया जाना चाहिए.
उन्होंने ठाकरे से विधायक पद से इस्तीफा देने की भी मांग की. राणे ने संवाददाताओं से कहा, ”हमने सदन (विधानसभा) में इसकी मांग की है.” शिवसेना (उबाठा) के नेता एवं विधान परिषद में विपक्ष के नेता अंबादास दानवे ने आरोप लगाया कि ठाकरे को निशाना बनाने के प्रयासों के पीछे भाजपा का हाथ है. उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि भाजपा नीत सरकार मामले की जांच करने के लिए स्वतंत्र है. राकांपा (एसपी) के नेता जितेंद्र आव्हाड ने सवाल उठाया कि दिशा सालियान के पिता पांच साल तक चुप क्यों रहे. उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह राजनीति से प्रेरित है.
दिशा सालियान के पिता ने बेटी की मौत की जांच के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया
अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने बुधवार को कहा कि उन्होंने जून 2020 में रहस्यमयी परिस्थितियों में हुई अपनी बेटी की मौत की नये सिरे से जांच कराने के लिए बंबई उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है. सतीश ने कहा कि याचिका में उच्च न्यायालय से शिवसेना (उबाठा) नेता आदित्य ठाकरे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है.
हालांकि, शिवसेना (उबाठा) के प्रवक्ता ने आश्चर्य जताया कि चार साल बाद अचानक यह मामला सुर्खियों में क्यों आ गया. उन्होंने इसमें साजिश की आशंका जताई. गौरतलब है कि महाराष्ट्र विधानमंडल का बजट सत्र अभी चल रहा है. सतीश सालियान के वकील नीलेश ओझा ने कहा कि वे अभी भी याचिका दायर करने की प्रक्रिया में हैं और बृहस्पतिवार को उच्च न्यायालय रजिस्ट्री विभाग में इस पर नंबर दर्ज कराएंगे.
याचिका में आरोप लगाया गया है कि दिशा सालियान के साथ बलात्कार किया गया और उसकी हत्या कर दी गई तथा बाद में कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों को बचाने के लिए राजनीतिक रूप से साजिश रची गई. दिशा सालियान की मौत आठ जून 2020 को उपनगरीय मलाड में एक आवासीय इमारत की 14वीं मंजिल से गिरने से हुई थी. इसके बाद शहर की पुलिस ने दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज किया था.
दिशा सालियान के पिता ने जिनके नाम लिए हैं, क्या उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा : भाजपा विधायक
सत्तारूढ. भाजपा के नेतृत्व वाले ‘महायुति’ गठबंधन के विधायकों ने बृहस्पतिवार को महाराष्ट्र विधानसभा में दिशा सालियान की मौत का मुद्दा उठाया और जानना चाहा कि उसके पिता ने जिनके नाम लिए हैं, क्या उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा. सालियान के पिता ने मामले में उच्च न्यायालय का रुख किया है. भाजपा विधायक अमीत साटम ने आज विधानसभा में यह मुद्दा उठाया.
इससे एक दिन पहले ही सतीश सालियान ने अपनी बेटी की मौत के मामले की नये सिरे से जांच की मांग की थी. साटम ने कहा कि बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व प्रबंधक दिशा सालियान की आठ जून, 2020 को मृत्यु हो गई या उनकी हत्या की गई.
उन्होंने कहा, ”पुलिस ने मौत को आत्महत्या करार दिया है, और आगे कोई कार्रवाई नहीं की गई. दिसंबर 2022 में एक एसआईटी का गठन किया गया था, लेकिन अभी तक कोई रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई है. लेकिन सोशल मीडिया इस बारे में अटकलों से भरा है कि सालियान की मौत के समय क्या कोई पार्टी चल रही थी, क्या उसे मारा गया था.”
साटम ने कहा, ”सालियान के पिता ने मीडिया को बताया है कि उन्हें संदेह है कि उनकी बेटी का सामूहिक बलात्कार कर हत्या कर दी गई. उन्होंने अदालत में एक याचिका दायर की है. पिछली एमवीए सरकार ने मामले को दबा दिया. तत्कालीन महापौर ने उनसे (सतीश सालियान) मुलाकात की, उन्हें गुमराह किया और कुछ न कहने के लिए उन पर दबाव डाला. उन्होंने (सतीश सालियान) कहा है कि पिछले एमवीए शासन के एक मंत्री की (मामले में) संलिप्तता थी. यह एक गंभीर आरोप है.” सतीश सालियान ने बुधवार को कहा था कि उन्होंने जून 2020 में रहस्यमयी परिस्थितियों में हुई अपनी बेटी की मौत की नये सिरे से जांच कराने के लिए बंबई उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है.
सतीश ने कहा कि याचिका में उच्च न्यायालय से शिवसेना (उबाठा) नेता आदित्य ठाकरे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है. मंत्री नितेश राणे ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के एक फैसले के अनुसार, एक व्यक्ति जिसके खिलाफ इस तरह के आरोप लगाए जाते हैं, उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए. राणे ने पूछा कि क्या ”पूर्व मंत्री” को गिरफ्तार किया जाएगा.
शंभूराज देसाई ने राणे का समर्थन किया और कहा कि कानून आम आदमी और शक्तिशाली लोगों के लिए अलग नहीं हो सकता है.
दिशा सालियान की मौत आठ जून 2020 को उपनगरीय मलाड में एक आवासीय इमारत की 14वीं मंजिल से गिरने से हुई थी. इसके बाद शहर की पुलिस ने दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज किया था.
महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री योगेश कदम के कहा कि एसआईटी जांच अभी भी जारी है, और सालियन के पिता ने राज्य सरकार को अपनी याचिका में पक्षकार बनाया है. उन्होंने कहा, ”हम अदालत के आदेशों के अनुसार कार्य करेंगे. जो लोग दोषी हैं, वे चाहे कितने भी शक्तिशाली क्यों न हों, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा. कानून सभी के लिए समान है.”



