बीपीएसएल पर न्यायालय की आदेश की समीक्षा कर रहे हैं, आगे का रुख जल्द तय करेंगे : नागराजू

मुंबई: सरकार भूषण पावर एंड स्टील (बीपीएसएल) के मामले में उच्चतम न्यायालय के आदेश की समीक्षा कर रही है और जल्द आगे की रणनीति को अंतिम रूप देगी। उच्चतम न्यायालय ने बीपीएसएल के परिसमापन का आदेश दिया है।

वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) के सचिव एम नागराजू ने सोमवार को एक कार्यक्रम के मौके पर संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैंने सभी ऋणदाताओं के साथ पहले ही आदेश की समीक्षा कर ली है। हमने फैसले का अध्ययन किया है, हमने फैसले पर अपने अधिवक्ताओं की राय ली है। अब हम सरकार से इस बारे में राय ले रहे हैं कि हम फैसले को किस तरह से देखें। हम जल्द ही इसे अंतिम रूप देंगे।’’ नागराजू ने यह भी कहा कि मामले में वरिष्ठ सरकारी अधिवक्ताओं की राय मांगी जाएगी। उन्होंने कहा कि आदेश पर ‘गंभीरता से विचार’ करने की जरूरत है।

न्यायमूर्ति बेला त्रिवेदी और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की उच्चतम न्यायालय की पीठ ने शुक्रवार को बीपीएसएल के अधिग्रहण के लिए जेएसडब्ल्यू स्टील की 19,350 करोड़ रुपये की बोली को खारिज कर दिया था क्योंकि इसने दो साल से अधिक समय तक समाधान योजना का अनुपालन नहीं किया था। पीठ ने कंपनी की परिसंपत्तियों के परिसमापन का आदेश दिया था।

उच्चतम न्यायालय के फैसले को ऋणदाताओं के लिए एक झटका माना जा रहा है, जिन्हें अब अपनी प्राप्तियों पर बड़ी कटौती का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि परिसमापन प्रक्रिया में आमतौर पर काफी कम रकम मिलती है।
सार्वजनिक क्षेत्र के भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) बीपीएसएल के प्रमुख ऋणदाता हैं। बैंक या जेएसडब्ल्यू इसे आदेश के खिलाफ अपील दायर कर सकते हैं। इस बीच, नागराजू ने यह भी कहा कि आईडीबीआई बैंक की हिस्सेदारी की बिक्री चालू कैलेंडर साल में पूरी हो जाएगी।

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