ओबीसी के लिए आरक्षण की मांग को लेकर 17 जुलाई को तेलंगाना में ‘रेल रोको’ आंदोलन : के कविता

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 08 Jul 2025 09:34 PM
ओबीसी के लिए आरक्षण की मांग को लेकर 17 जुलाई को तेलंगाना में ‘रेल रोको’ आंदोलन : के कविता
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नयी दिल्ली. सामाजिक संगठन ‘तेलंगाना जागृति’ की अध्यक्ष के. कविता ने मंगलवार को कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए 42 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर 17 जुलाई को तेलंगाना में ‘रेल रोको’ आंदोलन किया जाएगा. तेलंगाना विधानसभा ने इस साल के आरंभ में ओबीसी के लिए 42 प्रतिशत आरक्षण को लेकर एक विधेयक पारित किया था.

राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को 42 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने वाले विधेयक को मंजूरी मिलने में देरी को लेकर कविता ने यहां प्रेसवार्ता में कांग्रेस-नीत तेलंगाना सरकार पर भी निशाना साधा. उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य में की गयी जातिगत गणना भी ‘त्रुटिपूर्ण’ थी. तेलंगाना विधानसभा ने इस साल 17 मार्च को शैक्षणिक संस्थानों, रोजगार और ग्रामीण एवं शहरी स्थानीय निकायों के चुनावों में पिछड़ी जातियों के लिए आरक्षण को 23 प्रतिशत से बढ़ाकर 42 प्रतिशत करने के लिए दो विधेयक पारित किए थे.

इन दोनों विधेयकों को केंद्र की मंजूरी की आवश्यकता होगी, क्योंकि ओबीसी के लिए प्रस्तावित आरक्षण निर्धारित 50 प्रतिशत की सीमा से अधिक होगा. भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की नेता के. कविता ने कहा कि ओबीसी के लिए आरक्षण की मांग को लेकर 17 जुलाई को तेलंगाना में ‘रेल रोको’ विरोध प्रदर्शन किया जाएगा.

उन्होंने कहा, ”यह सुनिश्चित करने के लिए कि केंद्र सरकार तेलंगाना के ओबीसी के दर्द को समझे, हम 17 जुलाई को राज्य में ट्रेनें रोकेंगे… इस बार यह केवल एक दिन का ‘रेल रोको’ होगा. अगर हमारी मांग पूरी नहीं हुई तो हम पीछे नहीं हटेंगे और हम भविष्य में अनिश्चितकालीन ‘रेल रोको’ भी कर सकते हैं.” कविता ने कहा कि तेलंगाना की कांग्रेस सरकार संविधान के अनुच्छेद 243डी के तहत आदेश के जरिये स्थानीय निकायों में आरक्षण लागू कर सकती है. उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से कहना चाहिए कि वह विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी द्वारा किए गए वादे के अनुसार आरक्षण लागू करें.

कविता ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”आज इस बात की बहुत संभावना है कि तेलंगाना में ओबीसी 42 प्रतिशत आरक्षण विधेयक लागू हो सकता है. स्थानीय निकाय चुनाव अब कभी भी हो सकते हैं. इसलिए मैं राहुल गांधी जी से मांग करती हूं कि वह जल्दी से अपने मुख्यमंत्री (रेवंत रेड्डी) को बुलाएं, उनसे सरकारी आदेश जारी करने को कहें और फिर स्थानीय निकाय चुनाव कराएं, क्योंकि राज्य में विधेयक पहले ही पारित हो चुका है.” भारतीय संविधान का संक्षिप्त संस्करण दिखाते हुए उन्होंने कहा,”राहुल गांधी जी संविधान की प्रति के साथ देशभर में घूमते हैं, जिसमें अनुच्छेद 243डी भी है. अगर वह चाहें तो मुख्यमंत्री को बुलाकर आदेश जारी करने के लिए कह सकते हैं और स्थानीय निकायों में ओबीसी को 42 प्रतिशत आरक्षण दिया जा सकता है.”

उन्होंने कहा, ”मैं यह उपहार राहुल गांधी जी को देना चाहती हूं और उनसे अनुच्छेद 243डी पढ़ने का अनुरोध करना चाहती हूं.” उन्होंने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भी आग्रह किया कि वे सुनिश्चित करें कि विधेयक को मंजूरी मिले.

कविता ने कहा, ”मैं प्रधानमंत्री से आग्रह करती हूं कि आप ओबीसी समुदाय से हैं, इसलिए आप तेलंगाना के ओबीसी के पक्ष में खड़े रहिए. आज तेलंगाना के ओबीसी को 42 प्रतिशत आरक्षण देने का ऐतिहासिक अवसर है.” उन्होंने कहाा, ”यह विधेयक भारत के राष्ट्रपति के पास है, इसे मंजूरी दी जानी चाहिए. इस विधेयक को संविधान की नौवीं अनुसूची में डालकर आरक्षण को सुरक्षित रखने का आश्वासन दिया जाना चाहिए.” संविधान की नौवीं अनुसूची में केंद्रीय और राज्य कानूनों की सूची शामिल है, जिन्हें अदालतों में चुनौती नहीं दी जा सकती. कविता ने कहा कि स्थायी समाधान या तो संसद का अधिनियम है या संविधान में संशोधन. तेलंगाना जाति सर्वेक्षण को गांधी द्वारा “जाति जनगणना के लिए मॉडल” कहे जाने के बारे में पूछे जाने पर कविता ने आरोप लगाया कि यह अभ्यास “त्रुटिपूर्ण” था.

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