
अररिया. राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव ने रविवार को निर्वाचन आयोग पर ”भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक प्रकोष्ठ” के रूप में काम करने का आरोप लगाया और कहा कि निर्वाचन आयोग ”गोदी आयोग” बन गया है. तेजस्वी यादव बिहार के अररिया में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन के दीपांकर भट्टाचार्य और ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दलों के अन्य प्रतिनिधियों के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे.
यादव ने कहा, ”निर्वाचन आयोग अपनी विश्वसनीयता खो चुका है… बिहार में मतदाता सूची का उसका विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा हमला है. यह लोगों के वोट चुराने का प्रयास है. निर्वाचन आयोग भाजपा के एक प्रकोष्ठ के रूप में काम कर रहा है… यह ‘गोदी आयोग’ बन गया है… इसके अधिकारी भाजपा कार्यकर्ताओं की तरह व्यवहार कर रहे हैं.” यादव ने कहा, ”हम निर्वाचन आयोग को बिहार में आगामी चुनाव में भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए वोट चुराने नहीं देंगे.”
यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘घुसपैठियों’ वाले हालिया बयान की भी आलोचना की और उन पर “झूठ फैलाने” का आरोप लगाया. यादव ने कहा, ”शुक्रवार को गयाजी में एक जनसभा में प्रधानमंत्री का ”घुसपैठियों” वाला बयान एक झूठ है…वह झूठ फैला रहे हैं. बिहार की जनता भाजपा और उसके सहयोगियों को घुसपैठिया कहने के लिए करारा जवाब देगी.” राजद नेता यादव ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ने उच्चतम न्यायालय में अपने हलफनामे में एसआईआर के दौरान अवैध प्रवासियों का पता लगने के एक भी मामले का उल्लेख नहीं किया है, जबकि प्रधानमंत्री और भाजपा के अन्य नेता विधानसभा चुनाव से पहले वोट चुराने के लिए ”घुसपैठियों” का मुद्दा उठाते हैं. पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा, ”अपनी विश्वसनीयता के क्षरण के लिए निर्वाचन आयोग स्वयं जिम्मेदार है. ‘केंद्रीय निर्वाचन आयोग’ अब ‘केंद्रीय चुनौती आयोग’ कहलाने लायक है. निर्वाचन आयोग की एसआईआर कवायद संविधान पर सीधा हमला है.”



