प्रतिबंधों की समयसीमा से पहले ईरान और यूरोपीय देशों के बीच अंतिम दौर की परमाणु वार्ता

Author: navabharat digital
UPDATED: Tue, 26 Aug 2025 02:58 PM
प्रतिबंधों की समयसीमा से पहले ईरान और यूरोपीय देशों के बीच अंतिम दौर की परमाणु वार्ता
ऑडियो सुनें

वियना: ई3 देश कहलाने वाले ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी के प्रतिनिधि मंगलवार को जिनेवा में ईरानी अधिकारियों के साथ अंतिम समय में परमाणु वार्ता करेंगे। यह बैठक उस समय हो रही है जब यूरोपीय देशों द्वारा ईरान पर प्रतिबंध फिर से लागू करने की समयसीमा तेज़ी से नजदीक आ रही है।

यह कार्रवाई संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के ‘स्रैपबैक’ प्रावधान के तहत की जा सकती है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने सोमवार को बैठक की पुष्टि की। इससे पहले 25 जुलाई को इस्तांबुल में यूरोपीय और ईरानी प्रतिनिधियों के बीच एक दौर की बातचीत हो चुकी है।

ईरान द्वारा अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के साथ सहयोग समाप्त करने और जून में ईरान-इज़राइल युद्ध के दौरान उसके परमाणु ठिकानों पर हमले के बाद यूरोपीय देशों की ंिचताएं और भी बढ़ गई हैं।

आईएईए के निरीक्षण बंद होने के कारण वैश्विक समुदाय को ईरान के परमाणु कार्यक्रम — विशेषकर 60 प्रतिशत शुद्धता तक संर्विधत यूरेनियम के भंडार — की स्थिति का कोई स्पष्ट अंदाज़ा नहीं है। हथियार बनाने के लिए उपयुक्त यूरेनियम 90 प्रतिशत शुद्धता का होता है और 60 प्रतिशत तकनीकी रूप से बेहद निकट स्तर है।

ईरान का दावा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है, हालांकि वह एकमात्र ऐसा गैर-परमाणु हथियार संपन्न देश है जो इतने उच्च स्तर की यूरेनियम संवर्धन कर रहा है। अमेरिका, आईएईए और अन्य विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान 2003 तक परमाणु हथियार कार्यक्रम चला रहा था।

इस वर्ष की शुरूआत में अमेरिका और यूरोपीय देशों ने सहमति जताई थी कि यदि ईरान जैसे अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता फिर शुरू करना, संयुक्त राष्ट्र निरीक्षकों को परमाणु ठिकानों तक पहुंच देना और 400 किलोग्राम से अधिक संर्विधत यूरेनियम का स्पष्ट विवरण देना जैसी कुछ प्रमुख शर्तें पूरी नहीं करता तो अगस्त के अंत तक ‘स्रैपबैक’ प्रावधान लागू किया जाएगा।

वर्ष 2015 के ईरान परमाणु समझौते के तहत किसी भी पक्ष को यह अधिकार है कि ईरान के समझौते के प्रावधानों के उल्लंघन की स्थिति में वह बिना संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अन्य स्थायी सदस्यों — जैसे रूस और चीन — की वीटो शक्ति के हस्तक्षेप के, पुराने प्रतिबंधों को दोबारा लागू कर सकता है।

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By navabharat digital