
नयी दिल्ली. भाजपा ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ शिकायत कर रही हैं क्योंकि उनका राजनीतिक वजूद ”धोखेबाजी के जरिये” बनाये गए जनाधार को ”बचाने” पर टिका हुआ है.
यह आरोप ऐसे समय सामने आया है जब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सुप्रीमो बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर दावा किया कि राज्य में जारी एसआईआर प्रक्रिया “अनियोजित और जबरन” तरीके से चलाई जा रही है, जिससे नागरिक और अधिकारियों के लिये जोखिम वाले हालात बन रहे हैं. बनर्जी ने यह भी दावा किया कि एसआईआर प्रक्रिया “चिंताजनक” और “खतरनाक” स्तर पर पहुंच गई है, और “तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई” की मांग की.
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सीईसी को लिखे बनर्जी के पत्र को ”हताशा का संकेत” बताया और उन पर आरोप लगाया कि वह उस परिवेश को बचाने के लिए एसआईआर प्रक्रिया को रोकने की कोशिश कर रही हैं ”जिसने उन्हें सत्ता में बनाए रखा है.” उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में आरोप लगाया, ”एसआईआर प्रक्रिया को रोकने के लिए ममता बनर्जी का निर्वाचन आयोग को पत्र लिखना इस बात की स्वीकारोक्ति है कि (तृणमूल) शीर्ष नेतृत्व घबरा गई हैं. सालों तक, तृणमूल ने चुपचाप गैर-कानूनी घुसपैठ और फर्जी मतदाताओं से फायदा उठाया.”
उन्होंने कहा, ”अब एसआईआर के जरिये मतदाता सूची को दुरूस्त किया जा रहा है और फर्जी प्रविष्टियों को हटाया जा रहा है, जिससे ममता घबरा गई हैं. परेशान, हताश तृणमूल कांग्रेस उसे सत्ता में बनाये रखने वाले परिवेश को बचाने की कोशिश कर रही है.” पश्चिम बंगाल के लिए भाजपा सह-प्रभारी अमित मालवीय ने दावा किया कि बनर्जी एसआईआर प्रक्रिया को लेकर शिकायतें और तमाशा जारी रखेंगी, क्योंकि उन्हें पता है कि “फंदा कस रहा है” और 2026 के विधानसभा चुनावों में हार का खतरा बढ़ गया है.
उन्होंने आरोप लगाया, “उनका (बनर्जी का) राजनीतिक अस्तित्व उन मतदाताओं के आधार को बचाने पर टिका है, जिन्हें धोखाधड़ी और अवैध तरीकों से बनाया गया है.” उन्होंने कहा, “2026 में पश्चिम बंगाल अपने राज्य के लिए मुख्यमंत्री चुनेगा, न कि किसी ऐसे व्यक्ति को, जो ऐसा व्यवहार करता हो मानो वह पूर्वी पाकिस्तान की प्रांतीय नेता हो.”



