
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा की सरकार बनी है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) 15 साल के बाद सत्ता से बेदखल हुई है। 15 साल बाद तृणमूल को उखाड़ फेंकने वाली भाजपा आत्मविश्वास से लबरेज है। तृणमूल कांग्रेस इस करारी हार के बाद चुनाव में धांधली के आरोप लगा रही है। दोनों दलों के आक्रामक तेवरों के बीच आज मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विरोध-प्रदर्शन का एलान किया। टीएमसी की तरफ से हुए इस हल्लाबोल के बीच भाजपा ने सोनारपुर में हुई मारपीट और हिंसा के मामले में तृणमूल को घेरा है। भाजपा नेता समिक भट्टाचार्य ने कहा है कि उनके दल पर तृणमूल के ऐसे राजनीतिक हथकंडों का कोई असर नहीं पड़ेगा।
ममता ने अपने धरने पर क्या कहा?
भाजपा ने 294 में से 177 विधानसभा सीटों पर मतगणना में धांधली की।
पुलिस ने धरने की अनुमति नहीं दी, फिर भी प्रदर्शन लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा।
विरोध और धरना जारी रहेगा, चाहे कितनी भी रोक लगाने की कोशिश की जाए।
कठिन समय में टीएमसी कार्यकर्ताओं का साथ नहीं छोड़ूंगी।
कार्यकर्ताओं को धमकाया जा रहा है और कई जगह हिरासत में लिया जा रहा है।
पुलिस टीएमसी कार्यकर्ताओं को प्रदर्शन में शामिल होने से रोक रही है।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार हमेशा मानवीय दृष्टिकोण के साथ काम करती रही है।
मेरी सरकार हमेशा मानवीय दृष्टिकोण के साथ काम करती रही है।
बिना पुनर्वास के फेरीवालों को हटाना हमारी सरकार की नीति नहीं थी।



