
लखनऊ: सदन से निकलकर सीएम योगी ने पत्रकारों से बातचीत में राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि मामले में एसआईटी गठित की गई। कैमरे में जो लोग दिखे उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। जांच के बीच एससी ने एसआईटी के पुनर्गठन की बात कही। एसआईटी जांच में कोई भी साधु संत दोषी नहीं मिले। ऐसे में साधु संतों और 1100 कर्मचारियों पर आक्षेप लगाना बड़ी आश्चर्य की बात है। ये आरोप वो सपा और कांग्रेस लगा रही है, जिन्होंने सदैव रामजन्मभूमि और भगवान राम का अपमान किया है।
उन्होंने कहा कि एक समय में सपा ने पवित्र सरयू नदी को रक्तरंजित किया था। संसद के अंदर सपा और कांग्रेस के सांसदों द्वारा जो आक्षेप किए गए, वो सीधे सीधे सनातन का अपमान था। इनका आचरण सनातन विरोधी है। इस प्रकरण में जो लोग भी पकड़े गए हैं, उनका भाजपा और साधु संतों से कोई लेना देना नहीं है। इन लोगों ने सदैव राम मंदिर का विरोध किया। ये वही लोग हैं जो 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में आमंत्रण के बाद भी नहीं गए। आस्था की चर्चा वो लोग कर रहे हैं, जो लोग हिंदुओं और सनातन परंपरा को हमेशा कटघरे में खड़ा करते रहे हैं। ये लोग चर्चा से भागना चाह रहे हैं।
यूपी की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहा विपक्ष
जब पीठ ने दूध का दूध, पानी का पानी करने की बात कही तो इन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया। सपा और कांग्रेस का ऐसा आचरण सनातन का अपमान और 25 करोड़ जनता पर कुठाराघात है। यूपी अब बीमारू राज्य नहीं, किसान अब सुसाइड नहीं कर रहा है। आज यूपी ने खुद को देश में टॉप थ्री इकोनॉमी में खड़ा किया है। जिन लोगों ने नौजवानों के हक पर डकैती डाली थी। आज वही सपा फिर देश के अंदर यूपी की छवि धमिल करने की कोशिश कर रही है। अध्यक्ष पीठ का अपमान और मार्शलों के साथ धक्कामुक्की करने की हम निंदा करते हैं। इन लोगों ने माहौल को खराब करने की कोशिश की। इनका आचरण सांविधानिक मूल्यों को तार तार करने वाला है। यूपी के धार्मिक पर्यटन को आगे बढ़ने से रोकने का कुत्सित प्रयास है। हम इसकी निंदा करते हैं।
शर्मनाक है आचरण
यूपी विधानसभा में बुधवार को अनुपूकर बजट पेश किया गया है। अनुपूरक बजट पर चर्चा करने के लिए जैसे ही सीएम योगी बोलने के लिए खड़े हुए विपक्षी विधायकों खासकर सपा के सदस्यों ने हंगामा कर दिया। वह राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर पहले चर्चा करना चाह रहे थे। सीएम योगी ने हंगामे पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह आचरण शर्मनाक है। अनुपूरक बजट का एजेंडा पहले ही तय हो गया था। इस पर विरोधी दलों के लोगों ने रुचि नहीं ली। बल्कि दूसरे मुद्दों पर वह व्यवधान डाल रहे हैं।
सीएम की तस्वीर दिखाने पर भड़के विधानसभा अध्यक्ष
जब सीएम योगी इस अनुपूरक बजट पर चर्चा कर रहे थे उसी दौरान एक सपा विधायक सचिन ने सीएम से जुड़ी कोई तस्वीर दिखाई। इस पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना नाराज हो गए। उन्होंने उनको सदन से बाहर करने का आदेश दिया। साथ ही कहा कि इन्हें पूरे सत्र के लिए सदन से बाहर किया जा रहा है। नाराज सतीश महाना ने कहा कि वह दोबारा ऐसा करते हैं तो विशेषाधिकार नोटिस लाकर उनकी सदस्यता खत्म कर देंगे।



