‘अभिजीत दीपके को तुरंत करें गिरफ्तार’: दिल्ली पुलिस से सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फैजान ने की मांग, लगाए क्या आरोप?

नई दिल्ली: सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फैजान अंसारी ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके के खिलाफ दिल्ली पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि दीपके के सहयोगियों ने उन पर पुणे और औरंगाबाद में हमला किया था। अंसारी ने दिल्ली पुलिस के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) को दी गई शिकायत में कहा कि इन दोनों घटनाओं के संबंध में पहले से दो मामले दर्ज हैं। उन्होंने पुलिस से अभिजीत दीपके को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की है।

फैजान अंसारी ने एएनआई से बातचीत में कहा, “आज मैंने सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके के खिलाफ दिल्ली डीसीपी को लिखित शिकायत दी है, क्योंकि मेरे पास इस बात के सबूत हैं कि उनके लोगों ने मुझ पर हमला किया। मुझ पर पुणे और औरंगाबाद में हमला हुआ था। इस संबंध में पहले से दो मामले दर्ज हैं। मैं चाहता हूं कि दिल्ली पुलिस तुरंत दीपके को गिरफ्तार करे।”
वांगचुक को लेकर क्या बोले फैजान अंसारी?
अंसारी ने आगे कहा, “मैं सही समय पर सोनम वांगचुक को हिरासत में लेने के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री और दिल्ली पुलिस को सलाम करता हूं। इससे दिल्ली का माहौल खराब होने से बच गया। दीपके जो कुछ भी कर रहे हैं, वह अपने निजी फायदे के लिए कर रहे हैं।”
किसने उठाई दीपके की विदेश में पढ़ाई पर जांच की मांग?
इससे पहले सूरत के आरटीआई कार्यकर्ता अमित तिवारी ने सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके के पिता भगवानराव दीपके की आय की जांच की मांग की थी। उन्होंने सवाल उठाया था कि एक जूनियर इंजीनियर (जेई) के वेतन से उनके बेटे की अमेरिका में उच्च शिक्षा का खर्च कैसे उठाया गया?

आरटीआई कार्यकर्ता ने चुनाव आयोग (ईसीआई) और केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) से भी सीजेपी की कानूनी स्थिति और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल द्वारा घोषित एक करोड़ रुपये की सहायता राशि पर कर देयता की जांच की मांग की है। वहीं, सोमवार को अभिजीत दीपके ने चेतावनी दी थी कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो वे फिर से धरना देंगे।

अभिजीत दीपके ने पीड़ित परिवारों को मुआवजा न मिलने का मुद्दा
दीपके ने केंद्र सरकार से सवाल किया था कि नीट-यूजी अभ्यर्थियों की आत्महत्या के मामलों में मृतकों के परिजनों को अब तक एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा क्यों नहीं दिया गया। सीजेपी ने जंतर-मंतर पर 37 दिनों तक प्रदर्शन किया था। यह प्रदर्शन 25 जुलाई को केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और अन्य प्रमुख मांगों पर आश्वासन मिलने के बाद वापस ले लिया गया था।

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