
नयी दिल्ली: फिच रेटिंग्स ने मंगलवार को भारत की सॉवरेन रेटिंग को ‘बीबीबी-‘ पर स्थिर परिदृश्य के साथ बरकरार रखा है। फिच ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट से उत्पन्न ऊर्जा संकट की चुनौतियों के बावजूद घरेलू अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है।
फिच ने कहा कि उसे अमेरिका-ईरान संघर्ष से जुड़ी अनिश्चितता के कारण भारत की वृद्धि संभावनाओं पर कोई स्थायी खतरा होने की उम्मीद नहीं है। सबसे निचली निवेश ग्रेड रेंिटग ‘बीबीबी-‘ की पुष्टि करते हुए फिच ने कहा, ”हाल के वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था झटकों के प्रति जुझारू रही है, और यह रुख आगे भी जारी रहने की उम्मीद है।”
फिच ने कहा कि भारत की रेंिटग इसके मजबूत वृद्धि परिदृश्य और ठोस बाहरी वित्तीय बुनियादी सिद्धांतों को दर्शाती है। उसने मार्च, 2027 को समाप्त होने वाले चालू वित्त वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर 6.4 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है।
फिच के अनुसार, व्यापक आर्थिक स्थिरता प्रदान करने और नीतिगत विश्वसनीयता में सुधार के मजबूत रिकॉर्ड से निकट अवधि की ऊर्जा संकट संबंधी चुनौतियों के बावजूद निरंतर मजबूत वृद्धि को बल मिलना चाहिए और आर्थिक मजबूती बढ़नी चाहिए।
फिच ने आगे कहा, ”उच्च वृद्धि दर से ढांचागत ऋण संकेतकों में निरंतर सुधार को समर्थन मिलना चाहिए और सरकारी कर्ज के नीचे आने की संभावना बढ़नी चाहिए।” वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में सरकार ने कर्ज-से-जीडीपी अनुपात 55.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था, जो वित्त वर्ष 2025-26 के 56.1 प्रतिशत से कम है। सरकार ने मार्च, 2031 तक अपने कर्ज-से-जीडीपी अनुपात को घटाकर 50 प्रतिशत पर लाने का लक्ष्य रखा है।



