खेरसॉन के लिए जंग डी-दिवस जैसी निर्णायक थी: जेलेंस्की

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 15 Nov 2022 07:45 PM
खेरसॉन के लिए जंग डी-दिवस जैसी निर्णायक थी: जेलेंस्की
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कीव. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने मंगलवार को दक्षिणी शहर खेरसॉन पर दोबारा कब्जे की तुलना ‘डी-डे’ से की जब द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान मित्र देशों की सेनाएं फ्रांस में उतरी थी. उन्होंने कहा कि दोनों घटनाएं अंतरिम रूप से विजय दिलाने के लिहाज से निर्णायक हैं.

इंडोनेशिया में आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन में जेलेंस्की ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से हिस्सा लिया. उन्होंने इस सम्मेलन में कहा कि आठ महीने बाद रूस के कब्जे से खेरसॉन की आजादी अतीत के कई युद्धों का स्मरण कराती है, जो युद्ध में निर्णायक साबित हुए.

उन्होंने कहा, ‘‘उदाहरण के लिए यह ‘डी-डे’ जैसा है. द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान इसी दिन (6 जून, 1944) को मित्र देशों की सेना फ्रांस के नॉरमंडी पर उतरी थी. यह बुराई के खिलाफ जंग में अंतिम पड़ाव नहीं था, लेकिन इसने पूरे घटनाक्रम का भविष्य पहले ही तय कर दिया. बिल्कुल ऐसा ही अभी हम महसूस कर रहे हैं.’’ यू्क्रेन-रूस में युद्ध छिड़े करीब नौ महीने हो चुके हैं, ऐसे में खेरसॉन पर फिर से कब्जे को यूक्रेन की सबसे बड़ी जीत माना जा रहा है.

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने भी इसे यूक्रेन के लिए अहम जीत करार दिया है. जी-20 सम्मेलन से इतर एक बैठक में बाइडन ने कहा, ‘‘हम यूक्रेन के लोगों को मदद मुहैया कराना जारी रखेंगे ताकि वह अपनी रक्षा कर सकें.’’ जी-20 सम्मेलन को संबोधित करते हुए यूक्रेन के राष्ट्रपति ने विशेष अधिकरण गठित किये जाने की मांग की ताकि यूक्रेन के खिलाफ युद्ध के अपराध के लिए रूसी सैन्य और राजनीतिक शख्सियतों के खिलाफ सुनवाई की जा सके. जेलेंस्की ने जी-20 को जी-19 के रूप में रेखांकित किया और कहा कि इस समूह से रूस को निकाला जाना चाहिए.

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