कैदी माफी योजना के तहत चार विदेशियों को रिहा कर रहा है म्यांमा

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 17 Nov 2022 07:24 PM
कैदी माफी योजना के तहत चार विदेशियों को रिहा कर रहा है म्यांमा
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बैंकॉक. म्यांमा की सैन्य सरकार ने बृहस्पतिवार को घोषणा की है कि वह राष्ट्रीय विजय दिवस के मौके पर कैदियों को माफी दिए जाने की योजना के तहत चार विदेशी कैदियों को रिहा कर रही है जिनमें एक आॅस्ट्रेलियाई शिक्षाविद, एक जापानी फिल्मकार, एक पूर्व ब्रिटिश राजनयिक और एक अमेरिकी नागरिक हैं.

म्यांमा के सरकारी एमआरटीवी की खबर के अनुसार आॅस्ट्रेलियाई नागरिक सीन टर्नेल, जापान के तोरू कुबोता, ब्रिटेन की विक्की बोमैन तथा अमेरिकी नागरिक क्यॉ हताय ओ एवं 11 स्थानीय म्यांमाई नागरिकों के साथ कुल मिलाकर 5,774 कैदियों को रिहा किया जा रहा है. विदेशी नागरिकों की कैद म्यांमा के नेताओं और इन कैदियों के देशों की सरकारों के बीच टकराव का विषय रही है.

मानवाधिकार निगरानी संगठन ‘असिस्टेंस एसोसिएशन फॉर पॉलिटिकल प्रिजनर्स (एएपीपी)’ के अनुसार म्यांमा में पिछले साल फरवरी में आंग सान सू ची की लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई सरकार को सेना द्वारा अपदस्थ किये जाने के बाद से 16,232 लोगों को राजनीतिक आरोपों में हिरासत में लिया गया है. एएपीपी के अनुसार गिरफ्तार किये गये लोगों में 13,015 लोग अभी तक की स्थिति के अनुसार हिरासत में हैं.

संगठन के अनुसार इसके अलावा इस अवधि में सुरक्षा बलों ने कम से कम 2,465 नागरिकों की जान ले ली. हालांकि यह संख्या अधिक लगती है. एमनेस्टी इंटरनेशनल आॅस्ट्रेलिया के टिक ओकोनर ने टर्नेल की रिहाई के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें भी अन्य कई लोगों की तरह कभी गिरफ्तार नहीं किया जाना चाहिए था. उन्होंने कहा, ‘‘म्यांमा में सैन्य तख्तापलट के बाद से जेल में डाले गये हजारों लोगों ने कुछ गलत नहीं किया है.’’

जापान सरकार के शीर्ष प्रवक्ता हिरोकाजू मातसुनो ने संवाददाताओं से कहा कि कुबोता बृहस्पतिवार रात को एक विमान से म्यांमा से रवाना हो सकते हैं और शुक्रवार को जापान पहुंच सकते हैं. उन्होंने कहा कि अधिकारियों का मानना है कि 26 वर्षीय जापानी फिल्म निर्माता की सेहत सही है. यांगून में ब्रिटेन के दूतावास ने कहा कि बोमैन को अभी तक जेल से रिहा नहीं किया गया है.

आॅस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग ने ट्वीट किया कि वह टर्नेल को रिहा किये जाने की खबरों का स्वागत करती हैं, लेकिन अभी इससे ज्यादा कुछ नहीं कहेंगी. सुरक्षा बलों ने सिडनी के मैक्वेरी विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के एसोसिएट प्रोफेसर 58 वर्षीय टर्नेल को यांगून के एक होटल से गिरफ्तार किया था. सू ची के सलाहकार रहे टर्नेल को पिछले साल सैन्य तख्तापलट के कुछ दिन बाद ही गिरफ्तार किया गया था.

उन्हें सितंबर में देश के आधिकारिक गोपनीयता कानून और आव्रजन कानून का उल्लंघन करने के आरोप में तीन साल कारावास की सजा सुनाई गई थी. कुबोता को यांगून में पिछले साल सत्ता पर सेना के कब्जे के खिलाफ आयोजित एक प्रदर्शन की तस्वीरें और वीडियो लेने के कारण 30 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था. उन्हें पिछले महीने 10 साल कारावास की सजा सुनाई गई थी.

वहीं, म्यांमा में ब्रिटेन की पूर्व राजदूत बोमैन (56) को अगस्त में यांगून में उनके पति के साथ गिरफ्तार किया गया था. उनके पति म्यांमा के नागरिक हैं. उन्हें अपने निवास का पंजीकरण नहीं कराने के कारण सितंबर में एक साल कारावास की सजा दी गई थी.
क्यॉ हताय ओ 2017 में अपने मूल देश म्यांमा लौट आये थे. उन्हें आतंकवाद के आरोपों में सितंबर 2021 में गिरफ्तार किया गया था और वह तब से हिरासत में हैं.

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