
बेंगलुरु. कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने मंगलवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी स्वतंत्रता आंदोलन की लाभार्थी है, लेकिन वह ‘हीनता’ की वजह से स्वाधीनता संघर्ष में शामिल नहीं हुई थी और इसके कारण भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की आलोचना करती है. यहां कांग्रेस कार्यालय में नेहरू की 134वीं जयंती के अवसर पर एक कार्यक्रम में भाग लेते हुए सिद्धरमैया ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री का लोकतंत्र और संविधान पर बहुत भरोसा था और वह कड़ी आलोचनाओं को स्वीकार करते थे.
सिद्धरमैया ने कहा, ”भाजपा स्वतंत्रता संघर्ष की लाभार्थी है. भाजपा का एक भी सदस्य देश की स्वतंत्रता के लिए नहीं लड़ा और जेल नहीं गया.” उन्होंने कहा, ”भाजपा डर और हीनता की भावना से स्वतंत्रता संघर्ष में शामिल नहीं हुई थी और उसने इसे नेहरू की आलोचना का विषय बना लिया, जो स्वतंत्रता सेनानी के रूप में नौ साल जेल में बिताने के बाद 17 साल तक देश के प्रधानमंत्री रहे थे.” सिद्धरमैया के अनुसार नेहरू संवाद और चर्चा में भरोसा करते थे और वह लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे लोगों की कठोर आलोचनाओं को बहुत सहनशीलता से स्वीकार करते थे. नेहरू को महान व्यक्तित्व करार देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री ने वैश्विक स्तर पर भारत का मस्तक ऊंचा रखने के लिए ठोस बुनियाद रखी थी.



