मुसलमानों को सभी विवादित धार्मिक स्थलों को स्वेच्छा से हिंदुओं को सौंप देना चाहिए: आरएसएस नेता

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 12 Dec 2023 09:51 PM
मुसलमानों को सभी विवादित धार्मिक स्थलों को स्वेच्छा से हिंदुओं को सौंप देना चाहिए: आरएसएस नेता
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नयी दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने कहा है कि मुसलमानों और अन्य धर्मों के लोगों को स्वेच्छा से सभी विवादित धार्मिक स्थलों को हिंदू समुदाय को सौंप देना चाहिए. उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ एक साक्षात्कार में कहा कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत बहुत स्पष्ट थे, जब उन्होंने कहा था कि ”हर मस्जिद में शिवलिंग खोजने की जरूरत नहीं है.” कुमार ने कहा, ”भागवत के बयान का उद्देश्य आपसी संघर्ष को समाप्त करना था ताकि समाज नफरत और हिंसा से मुक्त होकर सोच-विचार कर सके.” आरएसएस के राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के संरक्षक कुमार ने कहा कि सनातन अनुयायियों के मंदिरों को विदेशी आक्रमणकारियों द्वारा ध्वस्त कर दिया गया था.

उन्होंने कहा, ”मोहन भागवत ने जो कहा वह बहुत स्पष्ट है. खोजने की जरूरत नहीं है, सच्चाई सभी के सामने है. हर किसी को उस सच्चाई को स्वीकार करना चाहिए.” कुमार ने कहा, ”मुसलमानों तथा अन्य धर्मों के लोगों को आगे आना चाहिए और हिंदुओं के विवादित धार्मिक स्थलों को हिंदू समुदाय को सौंप देना चाहिए.” कुमार ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण से न केवल देश में, बल्कि दुनिया भर में खुशी का माहौल है. उन्होंने कहा, ”राम मंदिर सभी के लिए है… राम मंदिर (अयोध्या) एक राष्ट्रीय मंदिर है. राम सभी के लिए हैं और सभी में हैं. भारत एक ऐसा राष्ट्र है जो सभी धर्मों को स्वीकार करता है और उनका सम्मान करता है. इसलिए, इसे (राम मंदिर को) एक राष्ट्रीय मंदिर कहना उचित है.”

पीओके ही नहीं सीओके भी हमारा होना चाहिए: आरएसएस प्रचारक इंद्रेश कुमार

जम्मू-कश्मीर से जुड़े अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को समाप्त करने के सरकार के फैसले की वैधता को उच्चतम न्यायालय द्वारा बरकरार रखे जाने के एक दिन बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार ने कहा है कि न सिर्फ पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (पीओके) बल्कि चीन के कब्जे वाला कश्मीर (सीओके) भी भारत में होना चाहिए.
पीटीआई-वीडियो को दिए एक साक्षात्कार में इंद्रेश कुमार ने दावा किया कि अब वह दिन दूर नहीं जब देश को इसमें भी सफलता मिलेगी.

उन्होंने कहा, ”अब तो पीओके ही नहीं सीओके भी आना चाहिए. कैलाश मानसरोवर चीन से मुक्त होना चाहिए. लद्दाख का जो बहुत बड़ा भू-भाग, जम्मू-कश्मीर का जो भू-भाग चीन के कब्जे में है, वह भी आना चाहिए.” उन्होंने कहा, ”वह दिन दूर नहीं है, जब इसमें सफलता मिलेगी.” चीन के कब्जे वाले कश्मीर (सीओके) में 37,555 वर्ग किलोमीटर अक्साई चीन और 5,180 वर्ग किलोमीटर शक्सगाम और छीना हुआ क्षेत्र शामिल है. इस पर चीन का अवैध कब्जा है. भारत का कहना है कि अक्साई चीन सहित पूरा जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है जबकि चीन ने हमेशा दावा किया है कि अक्साई चिन शिनजियांग उइगुर स्वायत्त क्षेत्र (शिनजियांग उइगुर) है.

इंद्रेश कुमार ने कहा कि अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद जम्मू-कश्मीर के घर-घर और गांव-गांव में आज खुशहाली आई है और वहां एक नए सूर्य का उदय हुआ है. उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में जहां पहले ‘भारत माता की जय’ के नारे तक नहीं लगाए जाते थे आज वहां न सिर्फ यह नारा लगता है बल्कि ‘सारे जहां से अच्छा हिन्दुस्तां हमारा’ भी गुनगुनाया जाता है.

उच्चतम न्यायालय ने पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने के केंद्र के फैसले को सोमवार को बरकरार रखा. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को ही संसद में जम्मू-कश्मीर से संबंधित दो विधेयकों पर चर्चा का जवाब देते हुए था कि पीओके भारत का अभिन्न अंग है और कोई भी इसे छीन नहीं सकता. मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के मुख्य संरक्षक इंद्रेश कुमार ने कहा कि आरएसएस की शाखाओं में आने से किसी को मनाही नहीं है लेकिन इसके लिए एक शर्त जरूरी है कि वह भारत को अपना राष्ट्र मानता हो.

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ”हमने किसी को रोका नहीं है. किसी पर प्रतिबंध नहीं है. वह किसी जाति धर्म या संप्रदाय के हों, जो भारत को अपना राष्ट्र मानते हैं और जो भारतीयता में आस्था रखते हैं और जो संविधान को मानते हैं. ऐसा विचार रखने वाला कोई भी व्यक्ति शाखा में आ सकता है.” उन्होंने कहा कि आज भी संघ की शाखाओं में सैंकड़ों की संख्या में मुस्लिम और ईसाई समुदाय के लोग मिल जाएंगे.

उन्होंने कहा, ”बड़ी संख्या में बौद्ध और जैन तो हैं ही, सिख भी हैं. इसलिए हमने किसी के लिए दरवाजे बंद नहीं किए हैं.” धर्मांतरण को असंवैधानिक और मानवता के विरूद्ध करार देते हुए आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक ने कहा कि सब धर्मों का सम्मान ही संवैधानिक और मानवीय है.

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