
नयी दिल्ली. अगले चुनाव के बाद कांग्रेस के दर्शक दीर्घा तक सिमटने का दावा करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को लोकसभा में आरोप लगाया कि वह विपक्ष के रूप में अपना दायित्व निभाने में बुरी तरह विफल रही एवं उसने दूसरे विपक्षी दलों को उभरने का मौका नहीं दिया.
उन्होंने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए यह भी कहा कि आज विपक्ष की जो हालत है उसकी सबसे ज्यादा दोषी कांग्रेस है. प्रधानमंत्री ने कहा, ” मै विशेष रूप से विपक्ष के संकल्प की सराहना करता हूं, उन्होंने लंबे अर्से तक वहां (विपक्ष दीर्घा) में बैठने का संकल्प ले लिया है. आप कई तक दशक तक जैसे यहां (सत्ता पक्ष की ओर) बैठे थे, वैसे ही कई दशक तक आपके वहां बैठने के संकल्प को जनता जरूर आशीर्वाद देगी.
उन्होंने कहा, ”आप जिस ऊंचाई पर हैं, उससे अधिक ऊंचाई पर पहुंचेंगे. अगले चुनाव के बाद आप दर्शक दीर्घा में बैठेंगे.” मोदी ने किसी का नाम लिये बिना कहा, ”विपक्ष में कई युवा सांसद हैं जिनमें उत्साह और उमंग है लेकिन उनकी छवि से किसी और की छवि न दब जाये, इसलिए उन्हें बोलने नहीं दिया जाता. एक ही उत्पाद को बार बार लांच करने के चक्कर में कांग्रेस की दुकान में ताला लग गया है.” प्रधानमंत्री का कहना था कि कांग्रेस विपक्षी दल के रूप में अपना दायित्व निभाने में विफल रही तथा दूसरे विपक्षी दलों को उभरने का मौका नहीं दिया.
उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, ”विपक्ष ने जो संकल्प लिया है, उसकी सराहना करता हूं, उनके भाषण से यह संकल्प पक्का हो गया है कि उन्हें लंबे समय तक वहीं रहना है.” मोदी ने कहा, ”आप (विपक्ष) में से बहुत लोग चुनाव लड़ने का हौसला खो चुके हैं, कुछ ने पिछली बार सीट बदली थी और इस बार भी बदलने के प्रयास में हैं.” उन्होंने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा, ”(मल्लिकार्जुन) खरगे जी एक सदन से दूसरे सदन में चले गए, गुलाम नबी आजाद पार्टी से ही शिफ्ट कर गए…एक ही प्रोडक्ट लॉन्च करने के प्रयास में ‘कांग्रेस की दुकान’ को ताला लगने की नौबत आ गई है.” प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि उनके तीसरे कार्यकाल में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा. उनका कहना था कि कांग्रेस इस तरह से ‘कैंसल कल्चर’ में फंस गई है कि वह देश की सफलताओं को ही ‘कैंसल’ कर रही है.



