भाजपा में शामिल हुए जालंधर से आप सांसद सुशील रिंकू और विधायक अंगुराल

नयी दिल्ली/चंडीगढ. पंजाब के जालंधर से आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद सुशील कुमार रिंकू और जालंधर पश्चिम के विधायक शीतल अंगुराल बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए. पार्टी मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, पार्टी महासचिव विनोद तावड़े और पार्टी की पंजाब इकाई के अध्यक्ष सुनील जाखड़ की मौजूदगी में दोनों नेताओं ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की.

इस अवसर पर तावड़े ने कहा कि दोनों नेताओं के आने से पंजाब में भाजपा मजबूत होगी. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में दोनों नेताओं की क्षमताओं का पंजाब व पार्टी के हित में उपयोग किया जाएगा. पुरी ने कहा कि जहां ‘डबल इंजन’ की सरकार है वहां तो विकास हो रहा है लेकिन पंजाब इसमें पीछे रह गया. केंद्र व राज्य में एक ही पार्टी की सरकार को भाजपा के नेता अक्सर ‘डबल इंजन’ की सरकार कहते हैं.

जाखड़ ने दोनों नेताओं का भाजपा में स्वागत किया और बताया कि पार्टी मुख्यालय पहुंचने से पहले रिंकू ने लोकसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफा भेज दिया है और आम आदमी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया. भाजपा में शामिल होने के बाद रिंकू ने कहा कि वह किसी लालच के कारण भाजपा में शामिल नहीं हुए हैं, बल्कि उनका एकमात्र मकसद जालंधर का विकास है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में कई राज्य और शहरों का विकास हो रहा है, लेकिन जालंधर इस मामले में पीछे छूट गया है.

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की आम आदी पार्टी की सरकार ने विकास के मामले में उनका साथ नहीं दिया. रिंकू ने खुद को प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की कार्यप्रणाली का मुरीद बताया और कहा कि उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से जालंधर के लिए नयी ट्रेन की मांग की तो उन्होंने वंदे भारत ट्रेन दी. उन्होंने कहा कि वह जालंधर की बेहतरी के लिए भाजपा में शामिल हुए हैं और उसे नया जालंधर बनाएंगे.

रिंकू ने पिछले साल जालंधर उपचुनाव में भारी अंतर से जीत हासिल की थी. वह निवर्तमान लोकसभा में आप के एकमात्र सदस्य हैं.
आप ने जालंधर से सुशील रिंकू को ही दोबारा उम्मीदवार बनाया था. आप में शामिल होने से पहले वह कांग्रेस में भी रह चुके हैं. साल 2023 में कांग्रेस छोड़ने के अगले ही दिन उन्हें जालंधर संसदीय क्षेत्र से आप उम्मीदवार घोषित किया गया था. सूत्रों ने बताया कि रिंकू पार्टी में शामिल होने के बाद अब भाजपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ सकते हैं.

जालंधर से सांसद रिंकू ने आप से इस्तीफा दिया, पार्टी ने बताया लोगों से विश्वासघात
पंजाब में सत्तारूढ. आम आदमी पार्टी (आप) में शामिल होने के एक साल से भी कम समय में जालंधर के मौजूदा सांसद सुशील रिंकू ने बुधवार को पार्टी छोड़ दी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए. लोकसभा चुनाव से ठीक पहले रिंकू के इस फैसले से अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी को झटका लगा है क्योंकि आप ने उम्मीदवारों की पहली सूची में उन्हें जालंधर से दोबारा अपना उम्मीदवार बनाया था.

आप के एकमात्र लोकसभा सदस्य रिंकू बुधवार को दिल्ली में जालंधर पश्चिम से पार्टी विधायक शीतल अंगुराल के साथ भाजपा में शामिल हो गए. आप की पंजाब इकाई के मुख्य प्रवक्ता मालविंदर सिंह कंग ने रिंकू की भाजपा में शामिल होने पर आलोचना की. उन्होंने इसे जनता से विश्वासघात करार दिया. कंग ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ” जनता इस विश्वासघात के लिए उन्हें सबक सिखाएगी.” पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रिंकू और अंगुराल को पार्टी छोड़ने पर आड़े हाथ लिया. उन्होंने कहा कि वह पंजाब के गौरव और सम्मान की रक्षा के लिए हमेशा प्रतिबद्ध हैं.

‘आप’ ने उन्हें ‘गद्दार’ कहते हुए कहा कि रिंकू को पंजाब विधानसभा चुनाव में लोगों ने हरा दिया था, लेकिन ‘आप’ ने उन्हें चुना और जालंधर से सांसद बनाया. पार्टी द्वारा जारी बयान में कहा गया, ”अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान दोनों ने उनके लिए प्रचार किया और उन्हें भारी जीत दिलाने में मदद की. वह गद्दार निकले…लेकिन उनके विश्वासघात को देखने के बाद जालंधर के लोग उन्हें पूरी तरह से खारिज कर देंगे.” रिंकू ने पिछले साल पांच अप्रैल को जालंधर में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की मौजूदगी में आप में शामिल होने के लिए कांग्रेस छोड़ दी थी.

‘आप’ ने रिंकू को उपचुनाव में जालंधर लोकसभा सीट से मैदान में उतारा और उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार करमजीत कौर चौधरी को 58,691 मतों के अंतर से शिकस्त दी. पिछले कई दिनों से उनके भाजपा में शामिल होने की अटकलें चल रही थीं. दिल्ली में बुधवार को भाजपा में शामिल होने के बाद रिंकू ने कहा, ”उपचुनाव के दौरान जो वादे किए गए थे, उन्हें पूरा नहीं किया जा सका क्योंकि मेरी (आप) सरकार ने मेरा समर्थन नहीं किया. चाहे वह जालंधर में सड़कों, गांव के तालाबों से जुड़े काम हों.ये पूरे नहीं हो सके.”

रिंकू ने कुछ दिन पहले एक टीवी चैनल से बात करते हुए कांग्रेस के साथ गठबंधन की वकालत भी की थी. आम आदमी पार्टी पंजाब में अपने दम पर लोकसभा चुनाव लड़ रही है. दलित नेता रिंकू ने अपना राजनीतिक करियर नगर निगम पार्षद के रूप में शुरू किया. वह 2017 में कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने. हालांकि, उन्हें 2022 के विधानसभा चुनाव में आप उम्मीदवार शीतल अंगुराल से हार का सामना करना पड़ा.

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