लालू के कटाक्ष के बाद भाजपा नेताओं ने सोशल मीडिया पर आरंभ किया ‘मोदी का परिवार’ अभियान

नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से पूरे देश को अपना परिवार बताए जाने के कुछ देर बाद सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और अध्यक्ष जे पी नड्डा सहित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेताओं ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ के ‘प्रोफाइल’ पर अपने नाम के आगे ‘मोदी का परिवार’ लिखा और इस संबंध में एक अभियान शुरु कर दिया.

एक दिन पहले राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद ने पटना में विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में प्रधानमंत्री मोदी पर ‘अपना परिवार’ नहीं होने को लेकर कटाक्ष किया था. इसके बाद भाजपा नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी के समर्थन में यह अभियान चलाया.

लालू ने एक रैली में कहा था, ”अगर नरेन्द्र मोदी के पास अपना परिवार नहीं है तो हम क्या कर सकते हैं. वह राम मंदिर के बारे में डींगें मारते रहते हैं. वह सच्चे हिंदू भी नहीं हैं. हिंदू परंपरा में बेटे को अपने माता-पिता के निधन पर अपना सिर और दाढ.ी मुंडवानी चाहिए. जब मोदी की मां की मृत्यु हुई तो उन्होंने ऐसा नहीं किया.ह्व प्रधानमंत्री मोदी ने लालू के इस आरोप पर सोमवार को पलटवार किया और कहा कि भ्रष्टाचार, परिवारवाद और तुष्टीकरण में आकंठ डूबे ‘इंडी गठबंधन’ के नेता बौखलाते जा रहे हैं.

उन्होंने तेलंगाना में एक रैली को संबोधित करते हुए, ”अब इन्होंने 2024 के चुनाव का अपना असली घोषणा पत्र निकाला है. मैं इनके परिवारवाद पर सवाल उठाता हूं तो इन लोगों ने अब बोलना शुरू कर दिया है कि मोदी का कोई परिवार नही है. कल ये ऐसा भी कह सकते हैं कि तुम्हें कभी जेल की सजा नहीं हुई इसलिए तुम राजनीति में भी नहीं आ सकते.” मोदी ने 140 करोड़ देशवासियों को अपना परिवार बताया और कहा कि जिसका कोई नहीं है, वह भी मोदी के हैं और मोदी उनका है.

उन्होंने कहा, ”मेरा भारत-मेरा परिवार, इन्हीं भावनाओं का विस्तार लेकर मैं… आपके लिए जी रहा हूं, आपके लिए जूझ रहा हूं और आपके लिए जूझता रहूंगा. एक सपना लेकर बचपन में घर छोड़ा था. मैं देशवासियों के लिए जिऊंगा, ये सपना लेकर निकला था. मेरा पल-पल सिर्फ और सिर्फ आपके लिए होगा. मेरा कोई निजी सपना नहीं होगा, आपके सपने ही मेरा संकल्प होंगे. जिंदगी खपा दूंग, आपके सपनों को पूरा करने के लिए, आपके बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल करने के लिए.” अपने जीवन को ‘खुली किताब’ करार देते हुए मोदी ने कहा कि उन्हें देशवासी भलीभांति जानते हैं और समझते हैं तथा उनके बारे में पल-पल की खबर रखते है.

उन्होंने कहा, ”कभी जब मैं देर रात तक काम करता हूं और खबर बाहर निकल जाती है तो देश से लाखों लोग मुझे लिखते हैं कि इतना काम मत करिए, कुछ आराम करिए.” प्रधानमंत्री की इस टिप्पणी के बाद बाद कई केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा नेताओं ने अपने ‘एक्स’ प्रोफाइल पर अपने नाम के आगे ‘मोदी का परिवार’ जोड़ दिया. भाजपा के मुख्यमंत्री, पार्टी के वरिष्ठ नेता और अन्य पदाधिकारी भी इस अभियान में शामिल हुए.

सबसे पहले भाजपा अध्यक्ष नड्डा ने अपने प्रोफाइल में यह बदलाव किया और उसके बाद गृह मंत्री शाह ने. कुछ देर बाद केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, निर्मला सीतारमण, अश्विनी वैष्णव, धर्मेंद्र प्रधान, ज्योतिरादित्य सिंधिया, गिरिराज सिंह, स्मृति ईरानी, मीनाक्षी लेखी, भूपेंद्र यादव और अनुराग ठाकुर सहित कई नेताओं ने भी इसका अनुसरण करते हुए ‘एक्स’ प्रोफाइल पर अपने नाम के आगे ‘मोदी का परिवार’ जोड़ दिया.

हालांकि, कुछ नेताओं विशेष रूप से जो लोकसभा चुनाव के टिकट से वंचित रहे हैं, उन्होंने शाम छह बजे तक ऐसा नहीं किया था.
इनमें सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, हर्षवर्धन और राहुल कासवान शामिल हैं. इन तीनों की जगह पार्टी की पहली सूची में नए चेहरों को शामिल किया गया है. उल्लेखनीय है कि साल 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के ‘चौकीदार चोर है’ के नारे के जवाब में भाजपा ने ‘मैं भी चौकीदार’ अभियान चलाया था.

प्रधान ने ‘एक्स’ पर अपना प्रोफाइल बदलने के बाद एक पोस्ट में कहा कि भ्रष्टाचार मामले में सजायाफ्ता लालू प्रसाद द्वारा प्रधानमंत्री मोदी पर किया गया व्यक्तिगत हमला ‘इंडी’ गठबंधन की सामूहिक निम्न सोच का एक उदाहरण है. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावों में जनता द्वारा बार-बार नकारे जाने और पराजय से हताश-निराश ये लोग खुलकर परिवारवाद और तुष्टीकरण की पैरवी में राजनीतिक मर्यादा को तार-तार कर रहे हैं.

उन्होंने कहा, ”लालू जी को पता होना चाहिए कि प्रधानमंत्री समूचे देश को अपना परिवारजन मानते हैं और पूरा देश उन्हें अपने परिवार का सदस्य मानता है.” केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि अपने बेटे-बेटियों को सत्ता दिलाने के लिए आतुर लालू यादव और ‘इंडी’ गठबंधन के लोग केवल और केवल अपने परिवार की चिंता करते हैं जबकि प्रधानमंत्री मोदी देश के 140 करोड़ नागरिकों की भलाई के लिए हर क्षण काम कर रहे हैं.

उन्होंने कहा, ”लोकसभा चुनाव में हार से भयभीत इंडी गठबंधन के नेताओं की बौखलाहट से स्पष्ट है कि इनकी सियासी जमीन सरक चुकी है और जनता का आशीर्वाद मोदी के साथ है.” भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि विपक्षी दल पिछले 16-17 सालों से मोदी पर व्यक्तिगत हमले कर रहे हैं और उनके खिलाफ ऐसी ‘ओछी’ टिप्पणियां कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि इसी क्रम में कल पटना की रैली में एक बार फिर लालू प्रसाद द्वारा ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं की मौजूदगी में प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ ओछी टिप्पणी की गई.

त्रिवेदी ने यहां भाजपा मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ”यह दुखद और पीड़ादायक है.” भाजपा प्रवक्ता ने कहा, ”उन्होंने (लालू) मोदी परिवार के बारे में बात की है. मैं उन्हें (लालू) याद दिलाना चाहता हूं कि प्रधानमंत्री मोदी के लिए पूरा देश उनका परिवार है.” आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा को टक्कर देने के लिए विपक्षी दलों ने ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इनक्लूसिव अलायंस) गठबंधन बनाया है. भाजपा के नेता इस गठबंधन को ‘इंडी’ और ‘घमंडिया’ गठबंधन कहते रहे हैं. त्रिवेदी ने कहा कि मोदी ने समाज के लिए काम करने और पूरा देश अपना परिवार मानकर भारत को शिखर पर ले जाने के संकल्प के साथ बहुत पहले ही अपना घर छोड़ दिया था.

उन्होंने कहा, ”यही कारण है कि वह कभी थकते नहीं हैं. अपने परिवार के लिए काम करते हुए किसी को थकान महसूस नहीं होती है. यही वजह है कि प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले 10 साल में एक दिन के लिए भी छुट्टी नहीं ली.” त्रिवेदी ने राजद अध्यक्ष की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए हिंदू धर्म के बारे में उनकी ‘समझ’ पर सवाल उठाया और कहा कि हिंदू धर्म में पुत्र नहीं, एक शिष्य और भक्त का महत्व है.

उन्होंने कहा, ”भारत में गुरु-शिष्य परंपरा है, पिता-पुत्र की परंपरा नहीं. आपने भगवान हनुमान जी के हजारों मंदिर देखे होंगे, जो भगवान राम के भक्त और शिष्य थे. क्या आपने कभी उनके पुत्रों लव और कुश का कोई मंदिर देखा है? लालू प्रसाद यादव ने कहा कि मोदी हिंदू नहीं हैं. इस गठबंधन के लिए कोई भी हिंदू नहीं है.”

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में भाजपा का लक्ष्य 2047 तक भारत को विकसित देश बनाना है, वहीं विपक्षी दलों का एकमात्र लक्ष्य सत्ता हासिल करना है. उन्होंने कहा, ”हम कहते हैं कि हम रहें या न रहें, भारत को जिंदा रहना चाहिए. वे कहते हैं कि भारत रहे या न रहे, हमारे परिवार रहने चाहिए.”

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