दुनियाभर की ‘खाने की मेज’ पर किसी न किसी भारतीय खाद्य उत्पाद की मौजूदगी का लक्ष्य रखें: मोदी

लखनऊ. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को यहां चौथे ‘ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह’ में अपने संबोधन के दौरान ‘काला नमक’ और ‘काला’ चावल का जिक्र करते हुए दुनियाभर की ‘खाने की मेज’ पर किसी न किसी भारतीय खाद्य उत्पाद की मौजूदगी सुनिश्चित करने का लक्ष्य निर्धारित करने पर जोर दिया.

उन्होंने कृषि क्षेत्र में नए रास्ते तलाशने में किसानों का समर्थन करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई. प्रधानमंत्री ने यह टिप्पणी न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी समेत विभिन्न मांगों को लेकर किसानों के एक वर्ग द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन के बीच की है.
उन्होंने कहा, ”मैं खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े उद्यमियों से विशेष आग्रह करूंगा कि आपको ‘जीरो इफेक्ट, जीरो डिफेक्ट’ के मंत्र पर काम करना चाहिए. आपको एक ही ध्येय के साथ काम करना चाहिए कि दुनियाभर की खाने की मेज (डायनिंग टेबल) पर कोई न कोई भारतीय खाद्य उत्पाद जरूर हो.”

उन्होंने सिद्धार्थ नगर के ‘काला नमक’ चावल और चंदौली के ‘काला’ चावल जैसे उत्पादों की सफलता की कहानियों पर प्रकाश डालते हुए दुनियाभर में खाने की मेज पर भारतीय खाद्य उत्पादों की मौजूदगी के एक सामान्य लक्ष्य की दिशा में काम करने पर जोर दिया. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में गंगा नदी के किनारे बड़े पैमाने पर प्राकृतिक खेती की जा रही है जो कम लागत में अधिक लाभ देने वाली खेती है.

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से गंगा जी जैसी हमारी पावन नदियों का जल भी दूषित होने से बच गया.
प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश में गंगा के किनारे बड़े पैमाने पर की जा रही प्राकृतिक खेती का हवाला देते हुए प्राकृतिक खेती और मोटे अनाज पर ध्यान केंद्रित करने पर जोर दिया, जिससे न केवल किसानों को लाभ होता है बल्कि पवित्र नदियों की शुद्धता को बनाए रखने में भी मदद मिलती है.

ग्रामीण अर्थव्यवस्था और देश की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था में उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने विभिन्न हितधारकों से आ”ान किया कि वे इस अवसर का भरपूर लाभ उठाएं. उन्होंने उत्तर प्रदेश के लोगों की क्षमताओं पर भरोसा जताते हुए कहा कि राज्य की ‘डबल इंजन’ सरकार ना सिर्फ प्रदेश बल्कि देश की प्रगति की आधारशिला रख रही है.

इससे पहले प्रधानमंत्री ने यहां आयोजित विभिन्न उद्योग समूहों की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी का शुभारंभ और अवलोकन किया. इस दौरान उनके साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री को भगवान गणेश की प्रतिमा भेंट करके उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया.

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 14,000 विभिन्न परियोजनाओं की शुरुआत की. यह धनराशि ‘यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023’ के दौरान किए गए निवेश प्रस्तावों से संबंधित है. पंजाब के किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 13 फरवरी को दिल्ली के लिए कूच किया था लेकिन पंजाब और हरियाणा की सीमा पर स्थित शंभू बॉर्डर और खनोरी बॉर्डर पर सुरक्षा बलों ने उन्हें रोक लिया था.

इसके बाद किसानों ने पंजाब और हरियाणा की सीमा पर डेरा डाल दिया. किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी के साथ-साथ स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश को लागू करने, किसानों और खेतिहर मजदूरों के लिए पेंशन, खेती के लिए लिए गए कर्ज की माफी, बिजली की दरों में बढ़ोतरी नहीं करने, भूमि अधिग्रहण कानून-2013 को बहाल करने समेत कई तरह की मांग कर रहे हैं.

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