हैदराबाद. केंद्रीय मंत्री बंडी संजय कुमार ने रविवार को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर पलटवार किया. ओवैसी ने आलोचना करते हुए कुमार के ”इस्लामोफोबिया की बीमारी” से पीड़ित होने का आरोप लगाया था. इसके जवाब में कुमार ने ओवैसी से सवाल किया कि ”क्या वह हिंदूफोबिया से पीड़ित नहीं हैं.” कुमार की इस कथित टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए कि मदरसे अपने छात्रों को एके-47 राइफल चलाने का प्रशिक्षण दे रहे हैं, ओवैसी ने पिछले सप्ताह यहां एक सभा को संबोधित करते हुए सवाल किया था कि कुमार को मुसलमानों से इतनी नफरत क्यों है. ओवैसी ने कहा, ”आपको (संजय कुमार) इस्लामोफोबिया की बीमारी है.”
एआईएमआईएम प्रमुख ओवैसी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया जताते हुए गृह राज्य मंत्री कुमार ने करीमनगर (तेलंगाना में) में संवाददाताओं से कहा, ”क्या यह सच नहीं है कि उत्तर प्रदेश के मदरसे में हथियार पाए गए थे?” केंद्रीय मंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में ओवैसी पर ‘हिंदूफोबिया से ग्रस्त’ होने का आरोप लगाते हुए कई उदाहरणों का हवाला दिया.
कुमार ने असदुद्दीन ओवैसी के छोटे भाई एवं विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी की 2012 में की गई कथित टिप्पणी का हवाला देते हुए कहा, ”यह हिंदू फोबिया नहीं तो और क्या है? ओवैसी के कॉलेज में एक शिक्षक हिज्ब-उत-तहरीर का नेतृत्व करते हुए पाया गया. मुझे बताइए, हम यहां किस तरह के फोबिया से निपट रहे हैं? जब ओवैसी कहते हैं, ‘हमें हिंदुओं का सफाया करने के लिए 15 मिनट दीजिए,’ तो वह किस ‘फोबिया’ को उजागर कर रहे हैं?” उन्होंने कहा कि वे पुराने शहर (हैदराबाद में) को एक नए शहर के रूप में विकसित करने का सपना देखते हैं और आरोप लगाया कि ओवैसी की वजह से यह अटक गया है. कुमार ने दावा किया कि उनके (ओवैसी के) अपने समुदाय ने भी सच बोलना शुरू कर दिया है. भाजपा नेता ने ओवैसी पर पुराने शहर को रोहिंग्या और आतंकी तत्वों के गढ़ में बदलने का आरोप भी लगाया.
कुमार ने पूछा, ”वे कहते हैं कि हमें पुराने शहर में प्रवेश करने के लिए उनकी अनुमति लेने की आवश्यकता है. ओवैसी ने पुराने शहर को रोहिंग्या और आतंकी तत्वों के गढ़ में बदल दिया है. इन तत्वों ने किसकी अनुमति ली है.” केंद्रीय मंत्री ने सवाल किया, ”आप खुद को धर्मनिरपेक्ष कहते हैं, लेकिन गणेश चतुर्थी या दिवाली या दुर्गा पूजा के लिए वही जोश कहां है?” तिरुपति लड्डू बनाने में मिलावटी घी के इस्तेमाल के आरोपों पर पूछे गए सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इससे लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं और आंध्र प्रदेश सरकार को आरोपों की गहन जांच करनी चाहिए.