
नयी दिल्ली. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को सेना की अभियान संबंधी तैयारियों के उच्च मानकों के लिए उसकी तारीफ की और कहा कि युद्ध संबंधी तैयारी एक सतत प्रक्रिया होनी चाहिए और सेना को हमेशा अनिश्चितताओं के लिए तैयार रहना चाहिए. सेना के शीर्ष कमांडरों को संबोधित करते हुए सिंह ने पूर्वी लद्दाख के हालात का जिक्र किया और किसी भी आकस्मिक स्थिति से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए सेना पर पूरा विश्वास जताया. उन्होंने यह भी कहा कि विवाद के शांतिपूर्ण समाधान के लिए दोनों पक्षों के बीच वार्ता सभी स्तरों पर जारी रहेगी.
रक्षा मंत्री ने सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के प्रयासों की सराहना की, जिसने कठिन परिस्थितियों में काम करते हुए पश्चिमी और उत्तरी दोनों सीमाओं पर सड़क नेटवर्क में अतुलनीय सुधार किया है. रक्षा मंत्री ने कहा कि वर्तमान जटिल और कठिन वैश्विक परिस्थितियां वैश्विक स्तर पर सभी को प्रभावित करती हैं. उन्होंने सेना के शीर्ष अधिकारियों का आह्वान किया कि अप्रत्याशित स्थितियों के अनुरूप योजना तैयार करें, रणनीति बनाएं और निपटने की तैयारी करें.
उन्होंने कहा कि गैर-परंपरागत युद्ध, भविष्य के पारंपरिक युद्धों का हिस्सा होगा और दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे संघर्षों में भी यह स्पष्ट रूप से प्रर्दिशत हो रहा है. दिल्ली में सोमवार से शुरू हुए पांच दिवसीय सैन्य कमांडर सम्मेलन में चीन के साथ लगी सीमाओं समेत अन्य मोर्चों पर संभावित राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों पर विचार करते हुए सेना की समग्र लड़ाकू क्षमताओं को मजबूत करने पर बातचीत की जा रही है.
रक्षा मंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भरता के माध्यम से हर जवान के लिए शस्त्रों का आधुनिकीकरण सरकार के ध्यान देने वाला प्रमुख बिंदु है. उन्होंने सैन्य कमांडरों को संबोधित करते हुए कहा, ”रक्षा कूटनीति, स्वदेशीकरण, सूचना युद्ध, रक्षा बुनियादी ढांचे और बल आधुनिकीकरण से संबंधित मुद्दों पर हमेशा ऐसे मंच पर विचार किया जाना चाहिए.” सिंह ने कहा कि राष्ट्र को अपनी सेना पर गर्व है और सरकार सेना-सुधार और क्षमता-आधुनिकीकरण की राह पर आगे बढ.ने में मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है.
उन्होंने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खतरे से निपटने में केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल/पुलिस बलों और सेना के बीच उत्कृष्ट तालमेल की सराहना की. सिंह ने हाल ही में हुए एशियाई खेल में सेना के खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के लिए भारतीय सेना की भी सराहना की. उन्होंने कहा कि पूरा देश सेना को सबसे विश्वसनीय और प्रेरणादायी संगठनों में से एक के रूप में देखता है.


