राजौरी में सेना के शिविर पर हमला: तीन जवान बलिदान, दो आतंकवादी ढेर

जम्मू. जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में बृहस्पतिवार की तड़के आतंकवादियों ने सेना के एक शिविर पर एक आत्मघाती हमला किया जिसमें तीन जवान बलिदान हो गये और दो आतंकवादी मारे गये. यह हमला लगभग तीन साल के अंतराल के बाद जम्मू कश्मीर में ‘फिदायीन’ (आत्मघाती हमलावरों) की वापसी का संकेत है.

पुलिस ने बताया कि दोनों आतंकवादियों के बारे में ऐसा माना जाता है कि वे पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) से थे. पुलिस ने बताया कि आतंकवादी घातक ‘स्टील कोर’ गोलियों से लैस थे और चार घंटे से अधिक समय तक चली मुठभेड़ में दोनों आतंकवादी मारे गये. मुठभेड़ सुबह लगभग साढ़े छह बजे समाप्त हुई. यह हमला सोमवार को देश के 75वें स्वतंत्रता दिवस के चार दिन पहले हुआ.

पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि बृहस्पतिवार को हमला करने वाले दोनों ’फिदायीन’ संभवत: आतंकी गुट जैश-ए-मोहम्मद के थे. सिंह के अनुसार, दोनों ने शिविर में घुसने का प्रयास किया लेकिन वे मारे गए. उन्होंने बताया, ‘‘गोलीबारी में सेना के तीन जवान बलिदान हो गये.’’ जम्मू में सेना के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) लेफ्टिनेंट कर्नल देवेंद्र आनंद ने बताया,
‘बृहस्पतिवार की तड़के, राजौरी जिले के पारगल में सेना की चौकी पर तैनात सतर्क संतरियों ने संदिग्ध व्यक्तियों को खराब मौसम का फायदा उठाते हुए चौकी के पास आते देखा.’’ उन्होंने कहा कि संतरियों ने उन दो आतंकवादियों को चुनौती दी जिन्होंने चौकी के अंदर प्रवेश करने का प्रयास करते हुए ग्रेनेड फेंके. उन्होंने बताया कि हालांकि, सतर्क सैनिकों ने क्षेत्र को घेर लिया. आनंद ने बताया कि गोलीबारी में दो आतंकवादी मारे गये और इस अभियान में भारतीय सेना के छह सैनिक घायल हो गये और उनमें से तीन जवान बलिदान हो गये.

उन्होंने बताया कि बलिदान हुए सेना के जवानों में सूबेदार राजेंद्र प्रसाद (राजस्थान के झुंझुनू जिले के मालिगोवेन गांव के), राइफलमैन लक्ष्मणन डी (तमिलनाडु के मदुरै जिले के टी पुडुपट्टी गांव के) और राइफलमैन मनोज कुमार (हरियाणा के फरीदाबाद के शाहजहांपुर गांव के) थे.

अधिकारियों और प्रत्यक्षर्दिशयों ने बताया कि यहां से 185 किलोमीटर दूर पारगल स्थित सैन्य शिविर के बाहरी घेरे से अंदर आने की कोशिश कर रहे आतंकवादियों ने देर रात लगभग दो बजे पहली बार गोलीबारी की. आखिरी आत्मघाती हमला 14 फरवरी 2019 को दक्षिण कश्मीर में पुलवामा जिले के लेथपोरा में हुआ था जिसमें सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गये थे.
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) मुकेश सिंह ने कहा, ‘‘कुछ लोगों (आतंकवादियों) ने पारगल में सेना के एक शिविर की बाड़ पार करने की कोशिश की. जवानों ने उन्हें रोकने की कोशिश की और इसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई. भीषण गोलाबारी में दो आतंकवादी मारे गए.’’ एडीजीपी ने बताया कि दारहल थाने से करीब छह किलोमीटर दूर स्थित सेना के इस शिविर में अतिरिक्त बल भेजा गया है. उन्होंने कहा कि तलाशी और घेराबंदी अभियान जारी है.

पुलिस ने कहा कि क्षेत्र में जैश के आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में एक खुफिया सूचना मिली थी और पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां जिले के विभिन्न हिस्सों में अभियान चला रही थीं. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (राजौरी) मोहम्मद असलम ने कहा, ‘‘11 राज राइफल्स शिविर की सात फुट ऊंची बाड़ की दीवार के निकट आए आतंकवादियों ने एक संतरी चौकी पर ग्रेनेड फेंका.’’
उन्होंने बताया कि ग्रेनेड विस्फोट में चौकी के एक कर्मी की मौके पर ही मौत हो गई. उन्होंने कहा कि पुलिस को आतंकवादियों की गतिविधि के बारे में सूचना मिली थी और कल से घेराबंदी और तलाशी अभियान जारी है. इस बीच जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने हमले की ंिनदा की और आतंकवादियों तथा उनके समर्थकों से उचित तरीके से निपटने को लेकर प्रतिबद्धता जताई.

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपनी संवेदना व्यक्त की और कहा, ‘‘राजौरी में एक आतंकवादी हमले के बाद तीन सैनिकों के मारे जाने के बारे में सुनकर बहुत दुख हुआ.’’ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता देंिवदर सिंह राणा ने ट्वीट किया, ‘‘मैं देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले बलिदानी जवानों को सलाम करता हूं.’’

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