भाजपा ने तेलंगाना के अपने विधायक राजा सिंह का निलंबन रद्द किया, गोशमहल से दिया टिकट

हैदराबाद. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तेलंगाना के अपने विधायक टी. राजा सिंह का निलंबन रद्द कर दिया है और उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव के लिए एक बार फिर गोशमहल सीट से टिकट दिया गया है. भाजपा की तेलंगाना इकाई के अध्यक्ष जी. किशन रेड्डी ने रविवार को एक बयान में सिंह का निलंबन रद्द करने की जानकारी दी.

राजा सिंह को एक सोशल मीडिया मंच पर अपलोड किए गए वीडियो में ‘इस्लाम और पैगंबर मोहम्मद’ के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणियों के बाद पिछले साल अगस्त में पार्टी से निलंबित कर दिया गया था. इस वीडियो को बाद में सोशल मीडिया मंच से हटा दिया गया था. उन्हें एहतियान हिरासत (पीडी) अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था. तेलंगाना उच्च न्यायालय ने नवंबर 2022 में उनके खिलाफ लगाए गए पीडी अधिनियम को रद्द कर दिया था और बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी.

किशन रेड्डी ने बयान में कहा, ”भाजपा की केंद्रीय अनुशासन समिति ने पार्टी द्वारा दिए गए ‘कारण बताओ नोटिस’ के जवाब में गोशमहल से विधायक टी राजा सिंह के स्पष्टीकरण पर विचार करने के बाद भाजपा से उनका निलंबन रद्द करने का निर्णय लिया है. यह सभी संबंधित लोगों की जानकारी के लिए है.” सिंह ने वीडियो संदेश में अपना निलंबन वापस लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा, महासचिव बी.एल. संतोष, केंद्रीय मंत्री तथा भाजपा की तेलंगाना इकाई के अध्यक्ष किशन रेड्डी और राज्य के अन्य नेताओं को धन्यवाद दिया.

सिंह को उनकी गोशमहल सीट से पुन: टिकट दिया गया है. तेलंगाना में 30 नवंबर को चुनाव होना है. सिंह ने ‘एक्स’ पर लिखा, ह्लआगामी विधानसभा चुनाव के लिए मुझे गोशमहल सीट से भारतीय जनता पार्टी का उम्मीदवार बनाने के लिए मैं भाजपा नेतृत्व के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं.ह्व उन्होंने कहा कि वह पार्टी के निर्देशों के अनुसार चुनाव प्रचार करेंगे. राजा सिंह को उनके हिंदूवादी विचारों के लिए जाना जाता है. उनके खिलाफ हैदराबाद में कई मामले दर्ज हैं, जिनमें कथित सांप्रदायिक अपराधों से संबंधित मामले भी हैं.

सिंह को उनकी गोशमहल सीट से पुन: टिकट दिया गया है. तेलंगाना में 30 नवंबर को चुनाव होना है. राजा सिंह को उनके हिंदूवादी विचारों के लिए जाना जाता है. उनके खिलाफ हैदराबाद में कई मामले दर्ज हैं जिनमें कथित सांप्रदायिक अपराधों से संबंधित मामले भी हैं.

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