आदिवासियों को “वनवासी” कह कर उनके अपमान के लिए हाथ जोड़कर माफी मांगे भाजपा : राहुल गांधी

बड़ौदा अहीर. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने “भारत जोड़ो यात्रा” के दौरान भाजपा पर हमले जारी रखते हुए बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल आदिवासियों के लिए “वनवासी” के अपमानजनक संबोधन का इस्तेमाल कर उन्हें अपमानित कर रहा है. मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में यात्रा के दाखिल होने के बीच गांधी ने मांग भी की कि “वनवासी” शब्द के इस्तेमाल के लिए भाजपा को जनजातीय समुदाय से हाथ जोड़कर माफी मांगनी चाहिए.

गांधी, भाजपा शासित मध्य प्रदेश में “भारत जोड़ो यात्रा” के दूसरे दिन खंडवा जिले में स्वतंत्रता संग्राम के शहीद क्रांतिकारी टंट्या भील की जन्मस्थली बड़ौदा अहीर में जन सभा को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा,”कुछ दिन पहले मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण सुना जिसमें उन्होंने आदिवासियों के लिए नया शब्द वनवासी इस्तेमाल किया. इस शब्द का मतलब है कि आदिवासी देश के पहले मालिक नहीं हैं और वे सिर्फ जंगल में रहते हैं.” कन्याकुमारी से श्रीनगर तक की 3,570 किलोमीटर लम्बी यात्रा की अगुवाई कर रहे गांधी ने दावा किया कि “वनवासी” शब्द के इस्तेमाल के पीछे यह विचारधारा भी है कि भाजपा के राज में जब धीरे-धीरे जंगल खत्म हो जाएंगे, तब जनजातीय समुदाय के लिए देश में कोई जगह नहीं बचेगी.

उन्होंने “वनवासी” के संबोधन को आदिवासियों के लिए अपमानजनक बताया और कहा कि इस शब्द के इस्तेमाल पर भाजपा को देश के जनजातीय समुदाय से हाथ जोड़कर माफी मांगनी चाहिए. गांधी ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की विचारधारा ने देश के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उन अंग्रेजों की मदद की थी जिन्होंने टंट्या भील सरीखे आदिवासी क्रांतिकारियों को फांसी की सजा दी थी.

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने भाजपा सरकार पर कांग्रेस के राज में बने पेसा कानून, जमीन अधिग्रहण कानून और वनाधिकार कानून को कमजोर करने का आरोप भी लगाया और कहा कि जल, जंगल और जमीन को लेकर आदिवासियों से छीने गए अधिकार उन्हें वापस मिलने चाहिए.

उन्होंने मध्यप्रदेश में आदिवासियों पर देश भर में सबसे ज्यादा अत्याचार होने का आरोप लगाया और कहा,”अगर भाजपा की सरकार आदिवासियों को उनके अधिकार नहीं लौटाती है, तो प्रदेश में हमारी सरकार आते ही हम उनके सारे अधिकारों को सिलसिलेवार तौर पर बहाल कर देंगे.” गौरतलब है कि बड़ौदा अहीर में गांधी की “भारत जोड़ो यात्रा” के आगमन से महज एक दिन पहले, राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज ंिसह चौहान ने टंट्या भील की इस जन्मस्थली पहुंचकर उनके सम्मान में निकाली जा रही “गौरव यात्रा” को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था. कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि गांधी की अगुवाई वाली “भारत जोड़ो यात्रा” के प्रभाव के कारण मुख्यमंत्री को बड़ौदा अहीर में इस कार्यक्रम का आयोजन करना पड़ा.

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