भाजपा के चुनावी वादे ‘मोदी के जुमले’, क्योंकि प्रधानमंत्री ने पहले इन्हें ‘रेवड़ी’ करार दिया था : कांग्रेस

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 05 Nov 2023 10:08 PM
भाजपा के चुनावी वादे ‘मोदी के जुमले’, क्योंकि प्रधानमंत्री ने पहले इन्हें ‘रेवड़ी’ करार दिया था : कांग्रेस
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नयी दिल्ली. कांग्रेस ने रविवार को कहा कि विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा किए गए वादों को ‘मोदी का जुमला’ कहना उपयुक्त होगा, क्योंकि प्रधानमंत्री ने पहले इन कदमों को ‘रेवड़ी’ करार दिया था. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के घोषणा पत्र में कांग्रेस की ‘गारंटी’ की नकल करने का आरोप लगाया.

कांग्रेस ने शनिवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के लिए जारी भाजपा के घोषणापत्र को ‘नकल’करार दिया था.रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया,” मोदी सरकार की असंवेदनशील और जनविरोधी आर्थिक नीतियों से पीड़ित करोड़ों परिवारों को राहत और सहायता प्रदान करने के लिए कांग्रेस पार्टी जिसे ‘गारंटी’ कहती है, प्रधानमंत्री करीब एक वर्ष से इन गारंटी की ‘रेवड़ी’ कहकर आलोचना करते रहे हैं.”

उन्होंने कहा, ”अब, उनकी पार्टी बेशर्मी से कांग्रेस की नकल कर रही है. उन्होंने जो चुनावी वादे किए हैं, वे स्वघोषित विश्वगुरु की किताब के मुताबिक ‘रेवड़ी’ हैं. मुख्य अंतर यह है, और यह आश्चर्यजनक नहीं है कि इन्हें ‘मोदी की गारंटी’ के रूप में प्रचारित किया जा रहा है. इन्हें वास्तव में ‘मोदी के जुमले’ कहा जाना चाहिए.” रमेश ने पोस्ट में कहा, ” यह ‘मोदी है तो पाखंड की सीमा नहीं है’ का एक और उदाहरण है.” पांच राज्यों मिजोरम, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान और तेलंगाना में विधानसभा चुनाव सात नवंबर से शुरू हो रहे हैं और मतों की गिनती तीन दिसंबर को होगी.

कांग्रेस छत्तीसगढ़ और राजस्थान में सत्ता बरकरार रखने की कोशिश कर रही है, जबकि मध्य प्रदेश और मिजोरम में सत्ता में वापसी करने का प्रयास कर रही है. मध्य प्रदेश में फिलहाल भाजपा की सरकार है, जबकि मिजोरम में भाजपा गठबंधन सरकार का हिस्सा है. तेलंगाना में कांग्रेस भारत राष्ट्र समिति को सत्ता से हटाने की कोशिश कर रही है.

मुफ्त राशन योजना का विस्तार करने संबंधी सरकार का कदम आर्थिक संकट का संकेत

कांग्रेस ने रविवार को कहा कि मुफ्त राशन योजना को पांच साल और विस्तार देने का सरकार का फैसला देश में ”खतरनाक स्तर पर पहुंच गई आर्थिक बदहाली और बढ़ती असमानताओं” का संकेत है. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर इस मामले को लेकर अपना रुख बदलने का आरोप लगाया.

रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ”उनकी यह ताजा घोषणा आर्थिक बदहाली और बढ़ती असमानताओं का संकेत है, जो लगातार बढ़कर खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है. अधिकतर भारतीयों की आय उस हिसाब से नहीं बढ़ रही जिस दर से आवश्यक वस्तुओं की कीमतें आसमान छू रही हैं.” उन्होंने कहा कि मोदी ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (पीएमजीकेवाई) को अगले पांच साल तक बढ़ाए जाने की घोषणा की है.

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में सितंबर 2013 में संसद द्वारा पारित राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) का कई बार विरोध किया था. उन्होंने कहा, ”पीएमजीकेवाई और कुछ नहीं बल्कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) है जो पहले से ही 80 करोड़ भारतीयों को कवर करता है. यह प्रधानमंत्री के ‘यू-टर्न’ लेने का एकमात्र उदाहरण नहीं है. मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) को लेकर भी उन्हें अपना रुख बदलने के लिए मजबूर होना पड़ा था. मनरेगा महामारी के दौरान जीवनरक्षक साबित हुआ.” मोदी ने शनिवार को दुर्ग में एक रैली में कहा था कि देश के 80 करोड़ गरीबों को मुफ्त राशन देने वाली योजना को भाजपा सरकार अगले पांच साल के लिए और बढ़ाएगी.

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