
नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अयोध्या हवाई अड्डे का नाम ‘महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा, अयोध्याधाम’ करने के प्रस्ताव को शुक्रवार को मंजूरी दे दी. इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में हवाई अड्डे को एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा घोषित करने का भी निर्णय लिया गया. मोदी ने 30 दिसंबर को हवाई अड्डा का उद्घाटन किया था.
एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया, “‘हवाई अड्डे का मर्हिष वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, अयोध्याधाम’ नाम मर्हिष वाल्मीकि को श्रद्धांजलि देता है, जिन्होंने रामायण महाकाव्य की रचना की थी. इस नाम से हवाई अड्डे की पहचान में एक सांस्कृतिक भाव भी जुड़ गया है.” विज्ञप्ति में कहा गया है, ”अयोध्या की आर्थिक क्षमता और वैश्विक तीर्थ स्थल के रूप में इसके महत्व को समझने, विदेशी तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए इसके दरवाजे खोलने के लिए अयोध्या हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय दर्जा देना बहुत महत्वपूर्ण है.”
विज्ञप्ति में कहा गया, ”अयोध्या, अपनी गहरी सांस्कृतिक जड़ों के साथ रणनीतिक रूप से एक प्रमुख आर्थिक केंद्र और तीर्थस्थल बनने की स्थिति में है.” विज्ञप्ति में कहा गया, ”हवाई अड्डे की अंतरराष्ट्रीय तीर्थयात्रियों और व्यवसायों को आर्किषत करने की क्षमता शहर की ऐतिहासिक ख्याति के अनुरूप है.” नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”अयोध्या हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा बनाने के फैसले से क्षेत्र का आर्थिक विकास होगा. विदेशी तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के आगमन से वैश्विक तीर्थ स्थल के रूप में अयोध्या का महत्व भी बढ़ेगा.”



