सीबीआई ने न्यूजक्लिक, पुरकायस्थ के खिलाफ एफसीआरए ‘उल्लंघन’ के लिए प्राथमिकी दर्ज की

नयी दिल्ली. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम के कथित उल्लंघन के लिए न्यूजक्लिक और उसके संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ के खिलाफ बुधवार को एक प्राथमिकी दर्ज की. यह जानकारी अधिकारियों ने दी. प्राथमिकी में एजेंसी ने कंपनी पीपीके न्यूजक्लिक स्टूडियो प्राइवेट लिमिटेड, पुरकायस्थ, वर्ल्डवाइड मीडिया होल्डग्िंस के एकमात्र प्रबंधक जेसन फेचर और एक आईटी कंसल्टेंसी कंपनी संचालित करने वाले अमेरिकी करोड़पति नेविल रॉय सिंघम के अलावा अन्य अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया है.

अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी के अधिकारियों की एक टीम ने न्यूजक्लिक के संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ के आवास और कार्यालय पर छापे मारे, जिन्हें दिल्ली पुलिस ने एक मामले में गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत हाल ही में गिरफ्तार किया था.

समाचार पोर्टल ने कहा कि वह प्राधिकारियों के साथ सहयोग कर रहा है. उसने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर कहा, ”सीबीआई वर्तमान में न्यूजक्लिक कार्यालय और हमारे प्रधान संपादक प्रबीर पुरकायस्थ के आवास पर छापेमारी और जब्ती अभियान चला रही है. यह पांचवीं एजेंसी है जो हमारे खिलाफ जांच कर रही है. हम अधिकारियों के साथ सहयोग कर रहे हैं.”

प्रवक्ता ने बताया कि आरोप है कि निजी कंपनी (न्यूजक्लिक) ने विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) के उल्लंघन में बिना स्पष्टीकरण वाले विदेशी निर्यात वित्तपोषण के तौर पर लगभग 28.46 करोड़ रुपये चार विदेशी संस्थाओं से प्राप्त हुए थे. उन्होंने कहा कि आरोप है कि लगभग 9.59 करोड़ रुपये का विदेशी धन की बिना स्पष्टीकरण वाली एक प्राप्ति है जिसे गलत तरीके से एफडीआई के रूप में उल्लेखित किया गया है. सीबीआई ने आरोप लगाया है कि पुरकायस्थ, उनके करीबी सहयोगियों ने एफसीआरए, 2010 के प्रावधानों का कथित तौर पर उल्लंघन किया.

प्रवक्ता ने कहा, ”यह भी आरोप लगाया गया कि एफसीआरए, 2010 के प्रावधानों का उल्लंघन किया गया जो किसी भी इलेक्ट्रॉनिक मोड के माध्यम से दृश्य-श्रव्य समाचार या समसामयिक मामलों के कार्यक्रम बनाने और प्रसारण में संलग्न कंपनी और किसी भी संवाददाता या स्तंभकार या लेखक या ऐसी कंपनी के मालिकों द्वारा विदेशी योगदान स्वीकार करने पर रोक लगाते हैं.”

दिल्ली पुलिस ने समाचार पोर्टल के खिलाफ अपने मामले में आरोप लगाया है कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के तथाकथित प्रचार विभाग के एक सक्रिय सदस्य नेविल रॉय सिंघम द्वारा धोखाधड़ी से वित्तपोषण किया गया. पोर्टल ने आरोपों का खंडन किया है.
न्यूयॉर्क टाइम्स की उस खबर के बाद न्यूजक्लिक सुर्खियों में आया था कि उसे कथित तौर पर चीन का ‘प्रोपेगेंडा’ फैलाने के लिए सिंघम से धन मिला था. न्यूजक्लिक ने हालांकि सभी आरोपों से इनकार किया है. दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने पुरकायस्थ और पोर्टल के मानव संसाधन विभाग प्रमुख अमित चक्रवर्ती को 3 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था. पुलिस ने दिल्ली में न्यूजक्लिक का कार्यालय सील भी कर दिया था.

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