केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने सत्र 2026-27 के लिए विज्ञान चुनौती प्रतियोगिता की घोषणा की है। इसमें आठवीं, नौवीं और दसवीं कक्षा के विद्यार्थी भाग ले सकेंगे। प्रतियोगिता दो चरणों में होगी और इसके लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा। पहले चरण का आयोजन स्कूल स्तर पर 2 से 13 नवंबर तक होगा। दूसरे चरण में चयनित छह विद्यार्थियों को कंप्यूटर आधारित परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलेगा।
विज्ञान सिर्फ किताबों में पढ़ने या परीक्षा में अच्छे नंबर लाने तक सीमित नहीं है। इससे हम नई चीजें सीखते हैं, सवाल पूछते हैं और समस्याओं का हल निकालना सीखते हैं। इसी सोच को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने सत्र 2026-27 के लिए विज्ञान चुनौती प्रतियोगिता आयोजित करने की घोषणा की है। इसमें सीबीएसई से जुड़े स्कूलों में कक्षा 8, 9 और 10 में पढ़ने वाले विद्यार्थी हिस्सा ले सकते हैं। इस प्रतियोगिता से बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ेगी। साथ ही, वे बेहतर तरीके से सोचने, तर्क करने और समस्याओं को हल करने की कला सीख सकेंगे। इसमें भाग लेने के लिए कोई फीस नहीं देनी होगी।
पहले चरण की परीक्षा कब होगी?
विज्ञान चुनौती का पहला चरण 2 नवंबर से 13 नवंबर 2026 के बीच स्कूलों में आयोजित किया जाएगा। सीबीएसई 2 नवंबर को पंजीकृत स्कूलों के लिए बहुविकल्पीय प्रश्नों वाला प्रश्नपत्र और मूल्यांकन संबंधी निर्देश उपलब्ध कराएगा। विद्यार्थियों को प्रश्न हल करने के लिए अधिकतम 60 मिनट मिलेंगे। इस प्रतियोगिता में केवल सही उत्तर देना ही महत्वपूर्ण नहीं होगा, बल्कि प्रश्नों को कितनी जल्दी और कितनी सटीकता से हल किया गया, इस पर भी ध्यान दिया जाएगा। स्कूलों को परीक्षा निष्पक्ष तरीके से कराने और सभी विद्यार्थियों के लिए समान समय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
दूसरे चरण में कौन ले सकेगा हिस्सा?
पहले चरण में विद्यार्थियों के प्रदर्शन के आधार पर प्रत्येक स्कूल आठवीं, नौवीं और दसवीं कक्षा से दो-दो विद्यार्थियों का चयन करेगा। इस तरह हर पात्र स्कूल दूसरे चरण के लिए कुल छह विद्यार्थियों को नामांकित कर सकेगा। दूसरे चरण के लिए स्कूलों का पंजीकरण 17 नवंबर से 25 नवंबर 2026 तक होगा। चयन में प्रश्नों के सही उत्तर और उन्हें हल करने में लगे समय, दोनों को महत्व दिया जाएगा। यदि एक से अधिक विद्यार्थियों के अंक समान होते हैं, तो कम समय में प्रश्न हल करने वाले विद्यार्थी को प्राथमिकता दी जाएगी। दूसरे चरण में वही स्कूल भाग ले सकेंगे जिन्होंने पहले चरण की प्रक्रिया पूरी की होगी।