‘चुनावी स्टंट’ टिप्पणी को लेकर आलोचना झेल रहे चन्नी ने पुलवामा हमले की जांच पर केंद्र से किया सवाल

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 06 May 2024 09:38 PM
‘चुनावी स्टंट’ टिप्पणी को लेकर आलोचना झेल रहे चन्नी ने पुलवामा हमले की जांच पर केंद्र से किया सवाल
ऑडियो सुनें

चंडीगढ/मुंबई. ”चुनावी स्टंट” संबंधी अपनी टिप्पणी को लेकर आलोचना का सामना कर रहे कांग्रेस नेता चरणजीत सिंह चन्नी ने सोमवार को कहा कि उन्हें देश के सैनिकों पर गर्व है. हालांकि उन्होंने 2019 के पुलवामा आतंकी हमले को लेकर केंद्र पर निशाना साधा और कहा कि सरकार यह पता नहीं लगा सकी कि पुलवामा आतंकी हमले को किसने अंजाम दिया था.

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चन्नी ने पुंछ आतंकी हमले को लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को जीत दिलाने के लिए किया गया ‘स्टंट’ करार दिया. इस हमले में भारतीय वायुसेना के एक जवान शहीद हो गए और चार अन्य घायल हो गए थे. जालंधर संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार चन्नी की टिप्पणी से विवाद उत्पन्न हो गया और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस नेतृत्व से इस बयान से सैनिकों का अपमान करने के लिए देशवासियों से माफी मांगने को कहा.

चन्नी ने सोमवार को एक वीडियो संदेश में कहा, ”हमें अपने सैनिकों पर गर्व है जो हमारे देश की रक्षा करते हैं.” चन्नी ने रविवार के अपने बयान का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले संसदीय चुनाव से पहले 40 जवान शहीद हो गए थे लेकिन सरकार अभी तक यह पता नहीं लगा सकी है कि आतंकी हमला किसने किया था. उन्होंने सवाल किया ”उस हमले के लिए कौन ज.म्मिेदार था?”

चौदह फरवरी, 2019 को जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 40 जवान शहीद हो गए थे. चन्नी ने पुंछ में हुए आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा, “फिर से चुनाव आ गए हैं और फिर हमारे जवानों पर हमला किया गया है.” उन्होंने कहा, “मैं सरकार से पूछना चाहता हूं कि वे कौन लोग हैं जो ऐसे हमले करवाते हैं. आप उन्हें सामने क्यों नहीं लाते? खुफिया विफलता क्यों होती है.” चन्नी ने कहा कि सुनील जाखड़, जो पहले कांग्रेस में थे और अब भाजपा में हैं, ने तब 40 सैनिकों के शहीद होने पर प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग की थी.

उन्होंने कहा, ”आज फिर एक सैनिक शहीद हो गया और मैं जाखड़ जी से पूछना चाहता हूं कि अब आपका रुख क्या है.” उन्होंने सवाल किया, “हमारे सैनिक क्यों शहीद हो रहे हैं और सरकार की खुफिया विफलता क्यों है.” जम्मू कश्मीर के पुंछ में वायुसेना के एक काफिले पर हमले संबंधी एक सवाल का जवाब देते हुए चन्नी ने पंजाब के जालंधर में रविवार को संवाददाताओं से कहा था, ”ये स्टंटबाजी हो रही है, हमले नहीं हो रहे. जब भी चुनाव नजदीक आते हैं, भाजपा को जिताने के लिए ऐसे स्टंट किए जाते हैं. इसमें कोई सच्चाई नहीं है.” उन्होंने आरोप लगाया था, ”भाजपा लोगों के जीवन और शवों से खेलना जानती है.”

आतंकी हमले को लेकर वडट्टीवार के बयान पर प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, ‘हमारे घाव पर नमक न छिड़कें’

मुंबई में 26 नवंबर 2008 को हुए आतंकी हमले के मामले में आतंकवादी अजमल कसाब के खिलाफ गवाही देने वाली सबसे कम उम्र की प्रत्यक्षदर्शी देविका रोटवान ने महाराष्ट्र आतंक रोधी दस्ते (एटीएस) के प्रमुख हेमंत करकरे की शहादत पर बयान देने वाले कांग्रेस नेता विजय वडट्टीवार का नाम लिये बगैर सोमवार को कहा कि किसी को भी इस तरीके से ‘घावों पर नमक नहीं छिड़कना’ चाहिए.

महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता वडट्टीवार ने दावा किया था कि 26 नवंबर 2008 को हुए आतंकी हमले के दौरान करकरे की मौत कसाब की गोली से नहीं हुई थी बल्कि वह एक पुलिसकर्मी की गोली का शिकार हुए थे, जो राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़ा हुआ था. कांग्रेस नेता ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मुंबई नॉर्थ सेंट्रल लोकसभा क्षेत्र से उम्मीदवार उज्ज्वल निकम पर निशाना साधते हुए यह टिप्पणी की थी. निकम आतंकी हमले के मुकदमे में विशेष लोक अभियोजक रहे थे.

देविका ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”अगर 26 नवंबर को कसाब ने गोली नहीं चलाई तो किसने चलाई? कोई भी उस आतंकी हमले को कभी नहीं भुला पायेगा. आप हमारे घाव को कुरेद कर उसपर नमक छिड़क रहे हैं. अगर आप राजनीति करना चाहते हैं तो दूसरे विषयों पर करें लेकिन इसपर नहीं.” देविका 26 नवंबर 2008 को अपने पिता नटवरलाल और भाई आकाश के साथ छत्रपति शिवाजी महाराज र्टिमनल (सीएसएमटी) पर ट्रेन का इंतजार कर रहीं थीं कि तभी कसाब और उसके एक साथी ने अंधाधुंध गोलियां चला दीं.

देविका के दाहिने पैर में गोली लगी थी, जिस कारण उन्हें लंबे समय तक बैसाखी के सहारे चलना पड़ा. इतना ही नहीं देविका, कसाब के मुकदमे के दौरान अदालत में गवाही देने वाली सबसे कम उम्र की चश्मदीद गवाह बनी और आखिर में आतंकी को फांसी की सजा दी गयी. उन्होंने कहा, ”अगर वह (वडट्टीवार) पाकिस्तान का समर्थन करना चाहते हैं तो भारत में क्या कर रहे हैं? ” देविका ने कहा कि निकम के खिलाफ आरोप गलत हैं क्योंकि उस वकील ने ‘देश के लिए बहुत कुछ किया है और कसाब को फांसी पर चढ.ाने में मदद की है.

देविका ने वडट्टीवार पर निशाना साधते हुए कहा कि वह मतदान के वक्त इस तरह के बयान दे रहे हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस नेता को इस देश में रहने का अधिकार नहीं है. कांग्रेस नेता पर निशाना साधते हुए देविका ने कहा, ”निकम ने न देश से झूठ बोला और न ही धोखा दिया. अगर आपको कसाब के कसीदे पढ.ने हैं तो पाकिस्तान जाइये.”

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu