
नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को कहा कि ‘न्यूजक्लिक’ पोर्टल के वित्तपोषण मामले में कानून अपना काम करेगा लेकिन पूर्व में आपातकाल लगाने वाली और हाल ही में 14 पत्रकारों पर ‘प्रतिबंध’ लगाने वाली कांग्रेस को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और प्रेस की स्वतंत्रता के बारे में उपदेश नहीं देना चाहिए.
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, ”कांग्रेस का प्रेस के बारे में उपदेश देना शैतान द्वारा शास्त्रों के बारे में उपदेश देने जैसा है.” दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा ने मंगलवार को ऑनलाइन न्यूज पोर्टल ‘न्यूजक्लिक’ और उसके पत्रकारों से जुड़े 30 ठिकानों पर आतंकवाद रोधी कानून (यूएपीए) के तहत दर्ज एक मामले में छापेमारी की.
विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ ने छापों की कड़ी निंदा की और आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की यह कार्रवाई केवल उन लोगों के खिलाफ है जो सत्ता के विरोध में सच बोलते हैं, उन लोगों के खिलाफ नहीं है जो नफरत और विभाजन फैलाते हैं. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पत्रकारों पर छापेमारी बिहार में जाति आधारित गणना के ‘विस्फोटक’ निष्कर्षों और देश भर में जाति जनगणना की बढ़ती मांग से ‘ध्यान भटकाने’ वाला है.
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि देश में जांच एजेंसियां स्वतंत्र हैं और कानून के अनुसार काम करती हैं.
उन्होंने कहा, “मुझे छापे को सही ठहराने की जरूरत नहीं है. अगर किसी ने कुछ गलत किया है तो जांच एजेंसियां उस पर काम करती हैं… कहीं भी यह नहीं लिखा है कि अगर आपको अवैध तरीके से धन मिला है या आपने कुछ आपत्तिजनक किया है तो जांच एजेंसियां उसकी जांच नहीं कर सकतीं.”
उन्होंने ओडिशा के भुवनेश्वर में एक संवाददाता सम्मेलन में सवालों के जवाब में कहा, ”जांच एजेंसियां स्वतंत्र हैं और वे कानून के अनुसार काम करती हैं.” पूनावाला ने कहा कि ‘न्यूजक्लिक’ फंडिंग मामले में कानून अपना काम करेगा. उन्होंने न्यूज पोर्टल के समर्थन पर कांग्रेस की आलोचना की और उसके द्वारा आपातकाल लगाए जाने का मुद्दा उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने संविधान में पहले संशोधन में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर रोक लगा दी थी.
उन्होंने कहा, “आज, यह पूरी तरह से स्पष्ट है कि संगठन (न्यूजक्लिक) ने नेविल रॉय सिंघम के माध्यम से अवैध रूप से 38 करोड़ रुपये प्राप्त किए, जो चीन के लिए एक मोर्चे के रूप में काम कर रहा था.” पूनावाला ने आरोप लगाया, ”और इस धन का इस्तेमाल किसी भी मुद्दे पर चीन के दुष्प्रचार को आगे बढ़ाने के लिए किया गया ताकि चीन की छवि को मजबूत किया जा सके और प्रमुख एवं महत्वपूर्ण मुद्दों पर भारत की स्थिति को कमजोर किया जा सके.”
उन्होंने कहा, “इस पूरी साजिश का खुलासा हो गया है.” समाचार पोर्टल के समर्थन में आने के लिए कांग्रेस की आलोचना करते हुए पूनावाला ने कहा, “जिन लोगों ने 14 पत्रकारों को प्रतिबंधित सूची और हिट लिस्ट में डाला है, वे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की बात कर रहे हैं. जो लोग आपातकाल लेकर आए और मीडिया पर प्रतिबंध लगाया, वे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और प्रेस की स्वतंत्रता के बारे में बात कर रहे हैं.” पूनावाला ने आरोप लगाया कि न्यूज पोर्टल के खिलाफ ‘इतने सारे सबूत’ उपलब्ध होने के बावजूद कांग्रेस ‘न्यूजक्लिक’ के बचाव में उतर आई है.
उन्होंने कहा, “भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) का मतलब है कि ‘मुझे चीनी एमओयू की जरूरत है, मुझे चीनी पैसे की जरूरत है. मुझे चीनी दुष्प्रचार की जरूरत है.” उन्होंने आरोप लगाया, ”राजीव गांधी फाउंडेशन से मिले धन और राहुल गांधी द्वारा चीन के साथ किए गए एमओयू से कांग्रेस चीन से जुड़ी हुई है.”



