
रांची. रांची की एक विशेष पीएमएलए अदालत ने कथित भूमि घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) हिरासत बुधवार को पांच दिन के लिए बढ़ा दी. यह जानकारी वकीलों ने दी. झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकारी अध्यक्ष सोरेन को दो फरवरी को विशेष पीएमएलए (धन शोधन रोकथाम अधिनियम) अदालत ने पांच दिन की ईडी हिरासत में भेजा था. सोरेन की ईडी हिरासत बुधवार को समाप्त हो गई.
सोरेन की ओर से पेश महाधिवक्ता राजीव रंजन ने संवाददाताओं से कहा, ”प्रवर्तन निदेशालय ने सात दिन की हिरासत का अनुरोध किया था, जिसका हमने यह कहते हुए विरोध किया कि और हिरासत की जरूरत नहीं है क्योंकि उनसे पहले ही 20 जनवरी को आठ घंटे और 31 जनवरी को भी आठ घंटे की पूछताछ की जा चुकी है.” उन्होंने कहा कि इसके अलावा उनसे पांच दिनों में 120 घंटे की पूछताछ हो चुकी है.
महाधिवक्ता ने कहा, ”इसलिए, और हिरासत की कोई आवश्यकता नहीं है लेकिन उन्होंने जांच के इस दायरे को अपराध के मामले से परे विस्तारित करने की कोशिश की है. हम कहते रहे हैं कि उनके (ईडी) पास अपराध से परे किसी भी चीज की जांच करने की शक्ति और अधिकार क्षेत्र नहीं है.” उन्होंने कहा कि अधिसूचित अपराध में शामिल 8.5 एकड़ जमीन के संबंध में प्राथमिकी दर्ज की गई है.
उन्होंने कहा, ”आज की याचिका में, उन्होंने (ईडी) कुछ अन्य ‘चैट’ का उपयोग किया है, जिनका वर्तमान भूमि सौदे से कोई लेना-देना नहीं है, जिसमें उन्हें गिरफ्तार किया गया है… वे आगामी (लोकसभा) चुनाव के मद्देनजर उन्हें हिरासत में रखना चाहते हैं.” महाधिवक्ता ने दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री सोरेन को तहखाने में एक कमरे में रखा गया है जहां खिड़कियां नहीं होने के कारण सूरज की रोशनी भी नहीं पहुंचती है. महाधिवक्ता ने कहा कि उन्होंने अदालत को बताया है कि उस तहखाने के कमरे में एक पाइप के माध्यम से हवा भी आती है और सोते समय भी सोरेन पर सशस्त्र गार्ड द्वारा लगातार निगरानी रखी जाती है.
इससे पहले दिन में ईडी पूर्व मुख्यमंत्री सोरेन को कड़ी सुरक्षा के बीच रांची की दीवानी अदालत लेकर पहुंची. सोरेन ने अपने समर्थकों की ओर हाथ हिलाकर उनका अभिवादन स्वीकार किया और उनके समर्थकों ने ‘हेमंत सोरेन जिंदाबाद’ तथा ‘जेल का दरवाजा टूटेगा, हेमंत भैया छूटेगा’ जैसे नारे लगाए. हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन ने पहले ईडी कार्यालय में अपने पति से मुलाकात की और उनकी शादी की 18वीं सालगिरह पर सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि वह एक योद्धा की जीवन साथी हैं और हमेशा उनकी ताकत रहेंगी.
उन्होंने कहा कि उनके पति अपनी शादी की सालगिरह पर परिवार के साथ नहीं हैं लेकिन वह भावुक नहीं होंगी क्योंकि वह “साजिश को हराएंगे और विजेता बनकर उभरेंगे.” कल्पना सोरेन ने एक्स पर पोस्ट किया, “हेमंत जी ने झारखंड की अस्मिता और अस्तित्व की रक्षा के लिए झुकना स्वीकार नहीं किया. उन्होंने खुद को सर्मिपत करने और साजिश से लड़ने का फैसला किया. आज हमारी शादी की 18वीं सालगिरह है लेकिन हेमंत जी परिवार या बच्चों के बीच नहीं हैं. हमें विश्वास है कि वह इस साजिश को हराएंगे और विजेता बनकर उभरेंगे और जल्द ही हमारे साथ जुड़ेंगे.”
कल्पना सोरेन ने लिखा, ”मैं झारखंड के एक बहादुर योद्धा की जीवन साथी हूं. मैं आज भावुक नहीं होऊंगी. मैं हेमंत जी की तरह कठिन परिस्थितियों में भी मुस्कुराऊंगी और उनके साहस और संघर्ष की ताकत बनूंगी.” सोरेन को धनशोधन मामले में ईडी द्वारा सात घंटे की पूछताछ के बाद 31 जनवरी की रात गिरफ्तार किया गया था. सोरेन ने अपनी गिरफ्तारी से पहले मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था.
सोरेन ने सत्ता का घोर दुरुपयोग किया : ईडी ने पीएमएलए अदालत से कहा
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके एक करीबी सहयोगी के बीच व्हाट्सऐप चैट रिकॉर्ड पेश किया, जिसमें कथित तौर पर भारी रकम के साथ राज्य सरकार के अधिकारियों के स्थानांतरण और तैनाती से संबंधित जानकारी पर चर्चा की गई थी.
प्रवर्तन निदेशालय ने 48 वर्षीय झामुमो नेता को उनकी पांच दिन की रिमांड अवधि की समाप्ति पर पेश करते हुए रांची में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की एक विशेष अदालत के समक्ष यह दलील दी. ईडी ने विशेष न्यायाधीश दिनेश राय की अदालत को सूचित किया कि सोरेन के खिलाफ उसकी जांच झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता द्वारा रांची में धोखाधड़ी से प्राप्त की गई 8.5 एकड़ जमीन तक सीमित नहीं है, बल्कि ”उनसे (सोरेन) जुड़ी कई अन्य संपत्तियां भी हैं.” इस पर अदालत ने सोरेन की हिरासत पांच दिन के लिए बढ़ा दी.
ईडी ने सोरेन को 31 जनवरी को लगभग सात घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया था. गिरफ्तारी से पहले उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि जिस दौरान सोरेन उसकी हिरासत में थे, ”कई अन्य संपत्तियों का विवरण भी सामने आया, जिसके बारे में आरोपी व्यक्ति हेमंत सोरेन न तो सही जानकारी दे रहे हैं और न ही सहयोग कर रहे हैं.” ईडी ने कहा कि वह बुधवार को भी इस मामले में छापेमारी कर रही है और वह सोरेन का सामना राजस्व विभाग के उप-निरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद से कराना चाहती थी, जिसे उसने इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री के साथ कथित तौर पर लगभग 8.5 एकड़ के 12 भूखंड हासिल करने की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया है.
एजेंसी ने अदालत को सूचित किया कि सोरेन को उनके और उनके करीबी सहयोगी बिनोद सिंह के बीच व्हाट्सऐप पर हुई चैट दिखाई गई. इसने दावा किया कि यह ”अत्यधिक आपत्तिजनक थी और इसमें कई संपत्तियों का विवरण था तथा कई गोपनीय दस्तावेज थे.” एजेंसी ने दावा किया कि इस चैट में ”न केवल कई संपत्तियों के संबंध में गोपनीय जानकारी का आदान-प्रदान शामिल है, बल्कि स्थानांतरण और तैनाती, सरकारी रिकॉर्ड साझा करने आदि से संबंधित अन्य आपत्तिजनक जानकारी भी शामिल है, जिसमें बड़ी मात्रा में धन का लेनदेन किया गया प्रतीत होता है.”
ईडी ने दावा किया कि बिनोद सिंह ने अधिकारियों के स्थानांतरण और तैनाती के अलावा झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने वाले छात्रों के कई प्रवेश पत्र साझा करने के संबंध में कई अन्य व्यक्तियों के साथ भी व्हाट्सऐप चैट की थी.
सोरेन और बिनोद सिंह के बीच व्हाट्सऐप पर हुई बातचीत की कुछ तस्वीरें पेश करते हुए ईडी ने कहा कि ये केवल कुछ नमूने हैं और ऐसी बातचीत 530 से अधिक पृष्ठों में है. ईडी ने सोरेन का रिमांड बढ़ाए जाने का अनुरोध करते हुए अदालत को बताया कि सोरेन ने 8.5 एकड़ की अचल संपत्ति से जुड़े सबूतों को बाधित करने में सत्ता का घोर दुरुपयोग किया.



