नयी दिल्ली. दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को फरवरी 2020 के दंगों के आरोपी शफा उर रहमान को आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने और प्रचार करने के लिए पांच दिन की ‘कस्टडी पैरोल’ दे दी. ‘कस्टडी पैरोल’ के दौरान आरोपी अत्यावश्यक कारणों से जेल से बाहर तो आता है लेकिन वह हमेशा पुलिस की हिरासत में ही होता है.
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बाजपेयी ने चार सप्ताह के लिए अंतरिम जमानत दिये जाने के अनुरोध संबंधी रहमान की याचिका पर सुनवाई की. याचिका में कहा गया है कि एआईएमआईएम के टिकट पर चुनाव लड़ रहे रहमान को आगामी चुनावों के लिए प्रचार करना है. विशेष सरकारी वकील अमित प्रसाद ने दलील दी कि चुनाव के वास्ते प्रचार करना अंतरिम जमानत देने के लिए अनुचित आधार है और रहमान को केवल ‘कस्टडी पैरोल’ पर ही रिहा किया जा सकता है.
अदालत ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने 28 जनवरी को आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व पार्षद एवं सह-आरोपी ताहिर हुसैन को चुनाव प्रचार के लिए छह दिन की ‘कस्टडी पैरोल’ दी थी. अदालत ने कहा, ”हालांकि वर्तमान मामला और वह मामला जिसमें सह-अभियुक्त मोहम्मद ताहिर हुसैन को उच्चतम न्यायालय द्वारा ‘कस्टडी पैरोल’ दी गई है, दोनों बिल्कुल अलग-अलग हैं. फिर भी जब उच्चतम न्यायालय ने सह-अभियुक्त की अंतरिम जमानत अस्वीकार कर दी है और उसे केवल ‘कस्टडी पैरोल’ दी है, तो इस अदालत को भी उसी का अनुसरण करना चाहिए.” अदालत ने सुरक्षा व्यय के रूप में 2.07 लाख रुपये जमा करने पर 30 जनवरी से तीन फरवरी तक प्रतिदिन 12 घंटे के लिए उनकी रिहाई का निर्देश दिया.
एआईएमआईएम के टिकट पर चुनाव लड़ रहे रहमान को यह भी आदेश दिया गया कि वह अपने प्रचार अभियान, भाषण या संवाददाता सम्मेलनों में अपने लंबित मामलों पर कोई टिप्पणी न करें. अदालत ने रहमान को अपने जामिया नगर स्थित घर में रहने, पार्टी कार्यालय जाने, बैठकों में शामिल होने, दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने और अपने चुनाव प्रचार अभियान से जुड़े प्रबंधकों और अधिवक्ताओं से मिलने की अनुमति दी.
देके वोट तुम अपना मुझे, जिंदगी दे देना: ताहिर हुसैन ने प्रचार के दौरान कहा
आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व पार्षद एवं 2020 दिल्ली दंगों के आरोपी ताहिर हुसैन ने बुधवार को मुस्तफाबाद में पुलिस की निगरानी में चुनाव प्रचार शुरू कर लोगों से वोट मांगा और कहा कि इससे उन्हें जिंदगी मिल जाएगी. यह प्रचार अभियान उच्चतम न्यायालय द्वारा हुसैन को छह दिन की अभिरक्षा पैरोल दिए जाने के एक दिन बाद शुरू हुआ. आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने ताहिर को चुनावी मैदान में उतारा है. उन्होंने अपने समर्थकों को यह पंक्ति पढ़कर संबोधित किया, ”देके वोट तुम अपना मुझे, जिंदगी दे देना”.
ताहिर सुबह छह बजे तिहाड़ जेल से पैरोल पर बाहर आये और मुस्तफाबाद के 25-फुटा रोड स्थित अपने चुनाव कार्यालय पहुंचे.
सशस्त्र सुरक्षार्किमयों की मौजूदगी उनके कार्यालय के बाहर पुष्प वर्षा और ”ताहिर भाई जिंदाबाद” के नारों के साथ उनका स्वागत किया गया. लगभग 300 समर्थकों के साथ हुसैन ने मुस्तफाबाद की संकरी गलियों में घर-घर जाकर वोट मांगे.
अपना प्रचार अभियान शुरू करने से पहले हुसैन ने कहा, ”मेरे पास कहने के लिए बहुत कुछ है, लेकिन समय नहीं है. इसलिए, मैं ज्यादा कुछ नहीं कह पाऊंगा.” उन्होंने कहा, ”मेरे आंसुओं का महत्व समझिए… देके वोट तुम अपना मुझे, जिंदगी दे देना.” शीर्ष न्यायालय के निर्देशों के अनुसार, ताहिर को करावल नगर स्थित अपने घर जाने की अनुमति नहीं दी गई है. करावल नगर वर्ष 2020 के दंगों के कथित स्थलों में से एक है. इसके अलावा, ताहिर को अपने ऊपर चल रहे मामलों को लेकर कोई सार्वजनिक बयान देने से भी मना किया गया है.
न्यायालय ने मंगलवार को ताहिर हुसैन को 29 जनवरी से 3 फरवरी तक अभिरक्षा पैरोल दी थी. ताहिर को पुलिस की निगरानी में रोजाना 12 घंटे (सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक) चुनाव प्रचार करने की अनुमति मिली है.