
इस्लामाबाद. पश्चिमी अफगानिस्तान में रविवार को 6.3 तीव्रता का भूकंप आया. इससे करीब एक सप्ताह पहले देश के इसी क्षेत्र में आये भूकंप और इसके बाद के झटकों में हजारों लोगों की मौत हो गई थी तथा क्षेत्र में तमाम गांव तबाह हो गए थे. अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) ने बताया कि रविवार को आए भूकंप का केंद्र प्रांतीय राजधानी हेरात से लगभग 34 किलोमीटर दूर और सतह से आठ किलोमीटर की गहराई में था.
‘सेव द चिल्ड्रेन’ ने कहा कि चार लोगों की मौत हो गई है और हेरात क्षेत्रीय अस्पताल में 153 घायल लोगों को लाया गया है. सहायता समूह के अनुसार, रबात सांगी जिले के बलूच इलाके में सारे मकान ध्वस्त हो गए और कई गांव तबाह हो गए. प्राधिकारियों ने हताहतों की संख्या कम बताई है. हेरात शहर के एक निवासी सैयद काजिम रफीकी (42) ने कहा कि उन्होंने ऐसी तबाही पहले कभी नहीं देखी थी
क्योंकि अधिकांश मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं और “लोग भयभीत हैं.” रफीकी और अन्य लोग रक्त दान करने अस्पताल गए.
उन्होंने कहा, ”हमें हर संभव तरीके से मदद करनी होगी.” हेरात में सात अक्टूबर को आए भूकंप के कारण इलाके में तमाम गांव तबाह हो गए थे. यह देश के हालिया इतिहास में आए सबसे विनाशकारी भूकंप में से एक था. संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया था कि इस भूकंप में मारे गए लोगों में 90 फीसदी से अधिक महिलाएं और बच्चे थे.
तालिबान अधिकारियों ने कहा था कि पहले आये भूकंप में हेरात प्रांत में दो हजार से अधिक लोगों की मौत हुई. भूकंप का केंद्र जेंदा जान जिले में था. शुरुआत में आए भूकंप, इसके बाद के झटकों और इसके बाद बुधवार को फिर से आए 6.3 तीव्रता वाले भूकंप के कारण इलाके में तमाम गांव तबाह हो गए. इसमें स्कूल, क्लीनिक और अन्य ढांचे भी ध्वस्त हो गए थे.



