अरुणाचल में फिर से बाढ़ और भूस्खलन के, 97 हजार से अधिक लोग प्रभावित

Author: Nandkishoryadav
UPDATED: Mon, 13 Jul 2026 02:46 PM
अरुणाचल में फिर से बाढ़ और भूस्खलन के, 97 हजार से अधिक लोग प्रभावित
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ईटानगर: अरुणाचल प्रदेश में लगातार बारिश के कारण आई बाढ़ और भूस्खलन से सोमवार को कई जिलों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी देते हुए बताया गया है कि सड़क संपर्क बाधित होने के साथ ही सार्वजनिक ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है।

बयान के अनुसार, राज्य में जारी बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में सात लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 97 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसईओसी) ने बताया कि सोमवार तड़के ऊपरी क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण कुमे नदी में अचानक बाढ़ आ गई, जिससे कुरुंग कुमे जिले के परसी-पारलो र्सिकल और डामिन उपखंड में भारी नुकसान हुआ।

बयान के अनुसार, डामिन उपखंड में हुरी और डामिन को जोड़ने वाला पुल बह गया, जिससे सड़क संपर्क टूट गया। वहीं, परसी-पारलो र्सिकल में निरीक्षण बंगला जलमग्न हो गया, दो आवासीय मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा, एक चर्च क्षतिग्रस्त हो गया और पगाम गांव को जोड़ने वाला पुल बह गया।

बाढ़ की वजह से इलाके के प्रमुख शैक्षणिक संस्थान सेंट थॉमस स्कूल को भी व्यापक नुकसान पहुंचा है। बयान में कहा गया कि पूरा परिसर जलमग्न हो गया, जिससे इमारतों, कक्षाओं, शिक्षण सामग्री, फर्नीचर, उपकरणों और शिक्षकों के आवास को नुकसान पहुंचा है। इसके चलते शैक्षणिक गतिविधियां रोक दी गई हैं।

बयान में कहा गया कि अचानक आई बाढ़ से परिवहन व्यवस्था, सार्वजनिक ढांचे और आवासीय संपत्तियों को गंभीर नुकसान पहुंचा है। जिला प्रशासन नुकसान का आकलन करने और राहत कार्यों के लिए अर्धसैनिक बलों, पुलिस तथा अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर रहा है। नुकसान की वास्तविक स्थिति और तत्काल बहाली की जरूरतों का पता लगाने के लिए विस्तृत आकलन किया जा रहा है।

पक्के केसांग जिले में सोमवार को पकरो गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-13 पर बड़े भूस्खलन के कारण मार्ग अवरुद्ध हो गया। जिला अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित हिस्से की बहाली में दो से तीन दिन लग सकते हैं। जिला प्रशासन ने अगले आदेश तक यात्रियों को ईटानगर-सेप्पा मार्ग पर यात्रा करने से बचने की सलाह दी है।

पश्चिम कामेंग जिले में भारी बारिश के कारण सेला सुरंग की ओर जाने वाली सड़क का एक हिस्सा बह गया। अधिकारियों ने यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग के रूप में पुराने सेला मार्ग का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। इस बीच, पापुम पारे जिले में शिव मंदिर के पास भूस्खलन के बाद पोतिन-किमिन मार्ग रविवार शाम से बंद है।

राज्य में बारिश से जुड़ी बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में अब तक सात लोगों की मौत हुई है और 29 लोग घायल हुए हैं।
सभी 26 जिलों के 425 गांवों में बाढ़ से कुल 97,182 लोग प्रभावित हुए हैं। आपदा से कृषि और सार्वजनिक ढांचे को व्यापक नुकसान पहुंचा है। कुल 541.75 हेक्टेयर फसल क्षेत्र प्रभावित हुआ है, जबकि करीब 1,010 हेक्टेयर वन क्षेत्र को भी नुकसान पहुंचा है।

बयान के अनुसार, बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान में 150 सड़कों, 19 पुलों, 21 पुलियों, 221 जलापूर्ति प्रणालियों, 58 सरकारी भवनों, 156 बिजली लाइनों, 224 बिजली खंभों, 10 जलविद्युत परियोजनाओं, दो अस्पतालों और तीन स्कूलों को पहुंचा नुकसान शामिल है। राज्यभर में सैकड़ों मकान भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।

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