भारत की संप्रभुता में हस्तक्षेप करने के लिए चीन से धन आया: ‘न्यूजक्लिक’ के खिलाफ दिल्ली पुलिस की प्राथमिकी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Fri, 06 Oct 2023 09:52 PM
भारत की संप्रभुता में हस्तक्षेप करने के लिए चीन से धन आया: ‘न्यूजक्लिक’ के खिलाफ दिल्ली पुलिस की प्राथमिकी
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नयी दिल्ली. दिल्ली पुलिस ने समाचार पोर्टल ‘न्यूजक्लिक’ के खिलाफ आतंकवाद रोधी कानून ‘गैर कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम’ (यूएपीए) के तहत दर्ज प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि ”भारत की संप्रभुता में हस्तक्षेप करने” और देश के खिलाफ असंतोष पैदा करने के इरादे से चीन से बड़ी मात्रा में धन आया.

इसमें यह भी आरोप लगाया गया कि ‘न्यूजक्लिक’ के संस्थापक और प्रधान संपादक प्रबीर पुरकायस्थ ने 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए एक समूह- पीपुल्स अलायंस फॉर डेमोक्रेसी एंड सेक्युलरिज्म (पीएडीएस) और साथ ही पीएडीएस के संयोजक बत्तीनी राव, इतिहासकार दिलीप शिमोन, सामाजिक कार्यकर्ता दीपक ढोलकिया, दिल्ली स्थित गैर सरकारी संगठन अमन ट्रस्ट के निदेशक जमाल किदवई और पत्रकार किरण शाहीन सहित अन्य के साथ साजिश रची.

प्राथमिकी में दावा किया गया है कि यह विदेशी धन चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के प्रचार विभाग के एक सक्रिय सदस्य नेविली रॉय सिंघम द्वारा धोखाधड़ी से भेजा गया. दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को समाचार पोर्टल को प्राथमिकी की एक प्रति दी. एक दिन पहले दिल्ली की अदालत ने उसे ऐसा करने का निर्देश दिया था.

प्राथमिकी की एक प्रति ‘पीटीआई-भाषा’ के पास उपलब्ध है. प्राथमिकी में कहा गया, ”शाओमी, वीवो जैसी चीनी दूरसंचार कंपनियों ने इस साजिश को आगे बढ.ाने के लिए भारत में अवैध रूप से विदेशी धन लाने के लिए पीएमएलए (धन-शोधन निवारण अधिनियम), फेमा (विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम) का उल्लंघन करते हुए भारत में हजारों छद्म कंपनियों को शामिल किया.”

प्राथमिकी के अनुसार, ”भारत की संप्रभुता में हस्तक्षेप करने और देश के खिलाफ असंतोष पैदा करने के इरादे से रची गई साजिश के तहत चीन से बड़ी मात्रा में धन राशि भेजी गई और जानबूझकर ‘पेड न्यूज’ (प्रचार के लिए नकद या किसी मूल्य के बदले समाचार या लेख का प्रकाशन) का प्रसार किया गया था, जिसमें घरेलू नीतियों, भारत की विकास परियोजनाओं की निंदा की गई थी और चीन सरकार की परियोजनाओं और रक्षा नीतियों एवं कार्यक्रमों की प्रशंसा की गई थी.” प्राथमिकी में दावा किया गया कि ये विदेशी धन कार्यकर्ता गौतम नवलखा और तीस्ता सीतलवाड, उनके पति और कार्यकर्ता जावेद आनंद के सहयोगियों, पत्रकारों उर्मिलेश, अरात्रिका हलदर, परंजॉय गुहा ठाकुरता और अभिसार शर्मा समेत अन्य को कथित तौर पर वितरित किया गया था.

प्राथमिकी के अनुसार, नवलखा 1991 से पुरकायस्थ से जुड़े रहे हैं और 2018 से पीपीके न्यूजक्लिक स्टूडियो प्राइवेट लिमिटेड के शेयरधारक भी हैं. नवलखा एल्गार परिषद-माओवादी संबंध मामले में घर में नजरबंद हैं. इसमें कहा गया, ”नवलखा पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के एजेंट गुलाम नब्बू फई के साथ देश विरोधी सांठगांठ में शामिल रहे. प्रबीर, नेविली और शंघाई स्थित नेवली की कंपनी स्टारस्ट्रीम के अन्य कर्मचारियों ने मेल का आदान-प्रदान किया जो उनकी यह दिखाने की मंशा को उजागर करता है कि कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश भारत का हिस्सा नहीं हैं.”

दिल्ली पुलिस ने प्राथमिकी में कहा, ”कोविड-19 महामारी को रोकने के लिए भारत सरकार के प्रयासों को बदनाम करने के इरादे से झूठा विमर्श प्रचारित किया गया.” पुरकायस्थ और ‘न्यूजक्लिक’ के मानव संसाधन विभाग (एचआर) के प्रमुख अमित चक्रवर्ती को दिल्ली पुलिस ने यूएपीए की धारा 13, 16, 17, 18 और 22सी और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 153ए और 120बी के तहत मंगलवार को गिरफ्तार किया.

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने कुल 46 लोगों – 37 पुरुषों और नौ महिलाओं-से पूछताछ की.  न्यूजक्लिक’ को विदेशी धन मिलने के मामले में पत्रकार उर्मिलेश और अभिसार शर्मा से दूसरी बार पूछताछ की गई. मंगलवार को प्राथमिकी में नामजद लोगों के खिलाफ दिल्ली में 88 और अन्य राज्यों में सात स्थानों पर छापे मारे गए.

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