सरकार ने ‘भारत बायोटेक’ के ‘इंट्रानेजल कोविड’ टीके को बूस्टर के रूप में मंजूरी दी

नयी दिल्ली. ‘भारत बायोटेक’ के ‘इंट्रानेजÞल कोविड’ टीके को 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए ‘बूस्टर’ खुराक के रूप में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है और इसे शुक्रवार की शाम टीकाकरण पंजीकरण मंच ‘को-विन’ पर भी जारी किया जा सकता है. आधिकारिक सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी.

अधिकारियों के अनुसार, इस टीके में किसी तरह की सूई का इस्तेमाल नहीं होगा और इसे नाक से दिया जाएगा. यह निजी अस्पतालों में उपलब्ध होगा और इसे शुक्रवार की शाम को टीकाकरण पंजीकरण मंच ‘को-विन’ पर भी जारी किया जा सकता है. इसे एहतियाती खुराक के रूप में उन वयस्कों को दिया जा सकता है जो कोविशील्ड या कोवैक्सीन की दो खुराक लगवा चुके हैं. चीन और कुछ अन्य देशों में कोरोना वायरस के संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच इस टीके को मंजूरी मिली है.

इस ‘बीबीवी154’ टीके का 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए ‘बूस्टर’ खुराक के तौर पर इस्तेमाल करने के वास्ते भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने नंवबर में मंजूरी दे दी थी. इस संबंध में एक आधिकारिक सूत्र ने कहा, ‘‘इन्कोवैक (आईएनसीओवीएसीसी) नामक टीके को शुक्रवार शाम को को-विन मंच पर जारी किया जा सकता है. अभी के लिए यह निजी अस्पतालों में उपलब्ध होगा.’’

टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह के अध्यक्ष डॉक्टर एन के अरोड़ा ने कहा, ‘‘इंट्रानेजल टीका भारत के अनुसंधान एवं विकास कौशल का टीका विकास के क्षेत्र में एक और उदाहरण है. इसे लगाना और श्वसन वाहिका में इससे प्रतिरक्षा अवरोध निर्माण करना आसान है, जिसके माध्यम से वायरस शरीर में प्रवेश करते हैं.’’ उन्होंने पीटीआई-भाषा से कहा, ”एहतियाती खुराक के विकल्पों में से एक के रूप में इंट्रानेजल वैक्सीन को अब मंजूरी दे दी गई है और इसकी अनुशंसा की जाती है.”

हैदराबाद स्थित टीका निर्माता कंपनी ने एक बयान में कहा था कि इन्कोवैक ‘एडेनोवायरस वेक्टरेड’ टीका है जिसके तीन चरण में परीक्षण किए गए, जिसके सफल परिणाम रहे. टीके को वांिशगटन विश्वविद्यालय, सेंट लुइस के साथ साझेदारी में विकसित किया गया है. जैव प्रौद्योगिकी विभाग के कोविड सुरक्षा कार्यक्रम के माध्यम से उत्पाद विकास और नैदानिक ??परीक्षणों को भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित किया गया.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को संक्रमण को लेकर लापरवाही बरतने के प्रति आगाह करते हुए कहा था कि महामारी अभी खत्म नहीं हुई है. उन्होंने लोगों से भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क लगाने का आग्रह किया, जबकि अधिकारियों को खासकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर निगरानी संबंधी उपायों को कड़ा करने का निर्देश दिया था.

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