सरकार ने प्रदर्शनकारी किसानों से शांति बनाए रखने का आग्रह किया, उन्हें वार्ता के लिए आमंत्रित किया

नयी दिल्ली. केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने बुधवार को कहा कि पंजाब-हरियाणा सीमाओं पर प्रदर्शनकारी किसानों द्वारा उठाये गये मुद्दों पर गौर करते समय देशभर के किसानों के हित को ध्यान में रखा जाना चाहिए और उनसे एक और दौर की वार्ता के लिए आने की अपील की. मुंडा ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में यह विश्वास भी जताया कि किसानों की मांगों का समाधान बातचीत के जरिए निकाला जा सकता है.

उन्होंने कहा, ”किसान देशभर में हैं. नीति बनाते समय पूरे देश के किसानों के हित को ध्यान में रखना जरूरी है. इसे ध्यान में रखते हुए हम आने वाले दिनों में उनकी चिंताओं को दूर करने की दिशा में काम करेंगे.” अपनी मांगों को लेकर सरकार के साथ चौथे दौर की वार्ता विफल होने के दो दिन बाद बड़ी संख्या में किसानों ने बुधवार को अपना आंदोलन फिर से शुरू कर दिया. किसानों की मांगों में विभिन्न फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी और कृषि ऋण माफी शामिल है. मुंडा ने प्रदर्शनकारी किसानों से शांति बनाये रखने और समाधान खोजने के लिए वार्ता में शामिल होने की भी अपील की.

उन्होंने कहा, ”हमने सभी से अपील की है कि हमें शांतिपूर्ण माहौल में वार्ता करनी चाहिए. मैंने उन्हें वार्ता के लिए आमंत्रित किया है और उनसे शांति बनाए रखने और ऐसा समाधान खोजने की अपील की है जो सभी के लिए अच्छा हो.” मुंडा ने यहां पत्रकारों से कहा, ”हम सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार हैं. हम बातचीत के जरिए ही समाधान निकाल सकते हैं. मैंने उन्हें चर्चा के लिए आमंत्रित किया है और उनसे शांति बनाए रखने तथा ऐसा समाधान खोजने की अपील की है जो सभी के लिए अच्छा हो.” बुधवार को विरोध प्रदर्शन के दौरान पंजाब-हरियाणा सीमा पर खनौरी में सुरक्षार्किमयों और प्रदर्शनकारी किसानों के बीच झड़प में 21 वर्षीय एक किसान की मौत हो गई और कुछ अन्य घायल हो गए.

मुंडा ने इस बात पर जोर दिया कि बातचीत से ही समाधान निकाला जा सकता है. उन्होंने कहा, ”हमने बातचीत के जरिए समस्याओं को सुलझाने की कोशिश की है. यहां तक कि मौजूदा मुद्दे को भी हम बातचीत के जरिए हल करना चाहते हैं.” मुंडा ने कहा कि हालांकि पिछले दौर की वार्ताओं में आम सहमति नहीं बन पाई, लेकिन बातचीत की प्रक्रिया जारी रहनी चाहिए. उन्होंने कहा, ”वार्ता की प्रक्रिया में, हमें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में हम निर्णय ले पाएंगे और किसानों की चिंताओं को दूर कर पाएंगे.”

Related Articles

Back to top button