
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सिखों के नौवें गुरु गुरु तेग बहादुर की शहादत दिवस पर उन्हें रविवार को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि एकता तथा धार्मिकता पर जोर देने वाली उनकी शिक्षाएं भाईचारे तथा शांति की राह में हमारा मार्ग प्रशस्त करती हैं.
मुगल शासक औरंगजेब के आदेश पर गुरु तेग बहादुर को मौत की सजा दी गई थी.
प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा,”आज के दिन को हम श्री गुरु तेग बहादुर जी की शहादत के रूप में याद करते हैं जो साहस और ताकत के प्रतीक हैं. स्वतंत्रता और मानवीय गरिमा के लिए उनका अद्वितीय बलिदान अमिट है और मनुष्यों को अखंडता तथा करुणा के साथ जीने के लिए प्रेरित करता है.” उन्होंने कहा, “एकता और धार्मिकता पर जोर देने वाली उनकी शिक्षाएं भाईचारे और शांति की खोज में हमारा मार्ग प्रशस्त करती हैं.”
संसद की सुरक्षा में सेंध काफी गंभीर मामला है: प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि संसद की सुरक्षा में सेंध काफी गंभीर मामला है और विपक्ष को इस मामले को लेकर विवाद नहीं खड़ा करना चाहिए. मोदी ने हिंदी समाचार पत्र ‘दैनिक जागरण’ से साक्षात्कार के दौरान कहा कि जांच एजेंसियां इस मामले की जांच कर रही है और कड़े कदम उठा रही हैं. उन्होंने कहा कि इस हमले में शामिल लोगों और उनके मकसद की गहराई तक पहुंचना भी उतना ही जरूरी है.
समाचार पत्र के अनुसार, मोदी ने सुरक्षा में सेंध की इस घटना को ”पीड़ादायक और चिंताजनक” बताया. उन्होंने कहा, ”सभी को एकसाथ समाधान खोजने का प्रयास करना चाहिए. ऐसे मुद्दे पर वाद-विवाद या प्रतिरोध से सभी को बचना चाहिए.” प्रधानमंत्री ने कहा, ”संसद में जो घटना हुई उसकी गंभीरता को जरा भी कम नहीं आंकना चाहिए.” उन्होंने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष इस मामले को लेकर पूरी गंभीरता के साथ आवश्यक कदम उठा रहे हैं. 13 दिसंबर को लोकसभा की कार्यवाही के दौरान दर्शक दीर्घा से दो लोग सदन के अंदर कूद गए थे. विपक्षी दल गृह मंत्री अमित शाह से इस मामले पर बयान देने की मांग कर रहे हैं, कुछ नेताओं ने शाह के इस्तीफे की भी मांग की है.



