उच्च न्यायालय ने चुनावी बॉन्ड योजना मामले में सीतारमण, अन्य के खिलाफ जांच पर लगाई रोक

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 30 Sep 2024 07:55 PM
उच्च न्यायालय ने चुनावी बॉन्ड योजना मामले में सीतारमण, अन्य के खिलाफ जांच पर लगाई रोक
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बेंगलुरु. कर्नाटक उच्च न्यायालय ने सोमवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और अन्य के खिलाफ चुनावी बॉण्ड योजना से संबंधित कथित अनियमितताओं की जांच पर रोक लगा दी. चुनावी बॉण्ड योजना अब रद्द हो चुकी है. न्यायमूर्ति एम. नागप्रसन्ना ने भाजपा नेता नलिन कुमार कटील द्वारा दायर उस याचिका पर यह अंतरिम आदेश दिया, जिसमें उन्हें आरोपी के रूप में नामजद करने वाली प्राथमिकी को चुनौती दी गई है. मामले की अगली सुनवाई 22 अक्टूबर को होगी.

चुनावी बॉण्ड योजना से संबंधित शिकायत के बाद यहां की एक विशेष अदालत के निर्देश पर शनिवार को सीतारमण और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. पुलिस के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री सीतारमण, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के पदाधिकारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है.
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कर्नाटक इकाई के प्रमुख बी.वाई. विजयेंद्र, पार्टी नेता नलिन कुमार कटील के नाम भी प्राथमिकी में हैं.

जनाधिकार संघर्ष परिषद (जेएसपी) के सह-अध्यक्ष आदर्श आर अय्यर ने शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने चुनावी बॉण्ड की आड़ में जबरन वसूली की और 8,000 करोड़ रुपये से अधिक का फायदा उठाया. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि सीतारमण ने ईडी अधिकारियों की गुप्त सहायता और समर्थन के माध्यम से राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर दूसरों के फायदे के लिए हजारों करोड़ रुपये की जबरन वसूली की.

इसमें कहा गया है, ”चुनावी बॉण्ड की आड़ में जबरन वसूली का काम विभिन्न स्तरों पर भाजपा के पदाधिकारियों की मिलीभगत से चलाया जा रहा था.” उच्चतम न्यायालय ने फरवरी में चुनावी बॉण्ड योजना को यह कहते हुए रद्द कर दिया था कि इससे संविधान के तहत सूचना के अधिकार और भाषण एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन होता है.

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