
लखनऊ: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरंिवद केजरीवाल ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) यदि लोकसभा चुनाव के बाद फिर से केंद्र की सत्ता में आई तो वह संविधान बदल देगी और आरक्षण हटा देगी।
आम आदमी पार्टी (आप) के नेता केजरीवाल ने यहां समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, “इन लोगों (भाजपा) की पूरी तैयारी है कि अगर ये जीत गये तो संविधान को बदल कर अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़े वर्ग (ओबीसी) का आरक्षण खत्म कर दिया जाएगा।’’
उन्होंने कहा, “पिछले चार-पांच महीने से इन्होंने ‘चार सौ पार’ का शोर मचा रखा है। तो इन्हें ‘चार सौ पार’ सीट चाहिए क्योंकि ये आरक्षण खत्म करना चाहते हैं और बाबासाहेब (आंबेडकर) ने जो संविधान बनाया, उसे खत्म करना चाहते हैं।’’
केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘ये लोग कहते थे कि मोदी जी कुछ बड़ा काम करना चाहते हैं। लोगों ने अंदर से पता कराया तो मालूम हुआ कि ये लोग आरक्षण ख़त्म करना चाहते हैं। आरएसएस और भाजपा शुरू से ही आरक्षण के ख़लिाफ रहे हैं। ये लोग संविधान को तार-तार करना चाहते हैं।’’ दिल्ली के मुख्यमंत्री ने अपना यह दावा दोहराया कि अगर भाजपा सत्ता में आई तो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हटा दिया जाएगा।
उन्होंने कहा, ”अगर ये (भाजपा) लोग जीत गये तो योगी आदित्यनाथ जी को दो से तीन माह के अंदर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद से हटा दिया जाएगा।’’ केजरीवाल ने कहा, ‘‘मैंने कहा कि योगी आदित्यनाथ जी को दो महीने में हटा दिया जाएगा तो इस पर अभी तक भाजपा के किसी नेता की टिप्पणी नहीं आई। इसका मतलब यह बात पक्की है कि उन्होंने योगी को हटाने की पूरी योजना बना ली है।’’
आप नेता ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने लिए नहीं, बल्कि गृह मंत्री अमित शाह को प्रधानमंत्री बनाने के लिए वोट मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब 2014 में मोदी प्रधानमंत्री बने थे तो उन्होंने खुद एक नियम बनाया था कि भाजपा के अंदर और उनकी सरकारों में 75 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी व्यक्ति होगा तो उसे संगठन और सरकार में किसी भी पद पर नहीं रखा जायेगा और ‘रिटायर’ कर दिया जाएगा।
केजरीवाल ने कहा, ‘‘इस नियम के तहत सबसे पहले लालकृष्ण आडवाणी जी और मुरली मनोहर जोशी जी को रिटायर किया गया। इसके बाद तमाम नेताओं को रिटायर किया गया।’’ उन्होंने कहा कि अगले साल 17 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी 75 साल के हो जाएंगे और उन्होंने तय कर लिया है कि वह अमित शाह को अपना उत्तराधिकारी बनाएं।
उन्होंने दावा किया, ‘‘भाजपा के अंदर अमित शाह के सामने जो-जो नेता बाधा पैदा कर सकता था, एक-एक करके उन सभी को दरकिनार कर दिया गया और उनका पत्ता साफ कर दिया गया।’’ आप नेता ने कहा कि एक ही शख्स बचे हैं जो अमित शाह के रास्ते का कांटा बन सकते हैं और वह हैं योगी आदित्यनाथ।
केजरीवाल ने कहा, ”दिल्ली में तीन-चार दिन पहले मैंने प्रेस वार्ता की थी। उसमें ये दोनों मुद्दे उठाए थे। तभी अमित शाह और उनके कई साथी नेताओं ने अपनी भावना प्रकट की थी कि ‘नहीं नहीं मोदी जी को 75 साल में इस्तीफा नहीं देना चाहिए। मोदी जी कार्यकाल पूरा करेंगे’।”
दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि लेकिन खुद मोदी ने ऐसा नहीं कहा कि वह 75 साल की उम्र में इस्तीफा नहीं देंगे। उन्होंने कहा, ‘‘देशवासियों को पूरा यकीन है कि मोदी जी ने नियम बनाया है तो उसका पालन वह जरूर करेंगे।’’ उन्होंने दावा किया कि अब पूरे देश में भाजपा के खिलाफ माहौल बन चुका है और उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार, राजस्थान, दिल्ली तथा महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में इनकी सीट कम होने वाली हैं।
केजरीवाल ने कहा, ‘‘चार जून को ‘इंडिया’ गठबंधन की सरकार बनने जा रही है और हम देश को प्रगति के रास्ते पर लेकर जाएंगे।’’ उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने संवाददाताओं से बातचीत में दावा किया कि लोकसभा चुनाव के पहले चार चरणों में भारतीय जनता पार्टी ‘‘चारों खाने चित्त हो चुकी है’’।
उन्होंने कहा, ”जो देश का माहौल है, उस हिसाब से भाजपा चार चरणों में चारों खाने चित्त हो गई है। अब वे स्वयं स्वीकार कर रहे हैं कि 143 सीट से ज्यादा नहीं जीत रहे हैं। 140 करोड़ की जनता इन्हें 140 सीट के नीचे पहुंचा देगी।”



