भारत और फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को ‘नई ऊंचाइयों’ पर ले जाने को उत्सुक: राजनाथ

नयी दिल्ली. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत और फ्रांस के बीच साइबर अंतरिक्ष तथा कृत्रिम मेधा (एआई) जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई. साथ ही रक्षा मंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी आज पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक है और दोनों देश इन्हें ‘नयी ऊंचाइयों’ पर ले जाने को लेकर उत्सुक हैं.

रक्षा मंत्री सिंह और फ्रांस के सशस्त्र बलों के मंत्री सेबस्टियन लेकोर्नू के बीच बुधवार को पेरिस में पांचवीं वार्षिक भारत-फ्रांस रक्षा वार्ता के दौरान गहन चर्चा हुई, जिसमें रक्षा औद्योगिक सहयोग बढ़ाने पर ध्यान के्द्रिरत किया गया. रक्षा मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा, ”दोनों मंत्रियों ने रक्षा औद्योगिक सहयोग बढ़ाने पर ध्यान देने के साथ क्षेत्रीय स्थिति के आकलन से लेकर मौजूदा सैन्य संपर्कों तक कई विषयों पर चर्चा की.” सिंह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपने पोस्ट में लेकोर्नू के साथ बैठक को ”बेहतरीन” करार दिया.

सिंह ने कहा, ”फ्रांस के सशस्त्र बलों के मंत्री सेबस्टियन लेकोर्नू के साथ पेरिस में मुलाकात बेहतरीन रही.” उन्होंने कहा, ”भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी वर्षों में और प्रगाढ़ हुई है और आज यह पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक है. हम इस साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने को लेकर उत्सुक हैं.” मंत्रालय ने कहा कि सिंह और लेकोर्नू ने रक्षा परियोजनाओं की समीक्षा की और दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग को प्रगाढ़ करने के तरीकों पर चर्चा की.

मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ”उन्होंने अंतरिक्ष, साइबर और कृत्रिम मेधा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में संभावित सहयोग पर भी चर्चा की.” इससे पहले रक्षा मंत्री सिंह ने बुधवार को पेरिस के निकट स्थित फ्रांसीसी कंपनी सफरान के जेट इंजन विनिर्माण केंद्र का दौरा किया और एयरो-इंजन प्रौद्योगिकी में हो रहे नवीनतम विकास का अवलोकन किया.

गेनेविलियर्स स्थित इस प्रतिष्ठान का सिंह का दौरा इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि सफरान एक बड़ी परियोजना के तहत भारत में एक लड़ाकू विमान इंजन का मिलकर विकास करने पर विचार कर रहा है. सिंह ने पेरिस में शीर्ष फ्रांसीसी रक्षा कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) के एक समूह के साथ भी बातचीत की और उन्हें भारत में रक्षा साजोसामान के सह-विकास और सह-उत्पादन के लाभों के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि इन्हें अन्य देशों में निर्यात किया जा सकता है. रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सिंह ने पेरिस के पास गेनेविलियर्स में सफरान इंजन डिवीजन के आर एंड डी केंद्र का दौरा किया और एयरो-इंजन प्रौद्योगिकी में हो रहे नवीनतम विकास को देखा.

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