
नयी दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी में बुधवार को आयोजित भारत-अमेरिका आंतरिक सुरक्षा संवाद में आतंकवाद, धनशोधन, संगठित अपराध और अमेरिका में खालिस्तान समर्थक तत्वों की गतिविधियों से निपटने में सहयोग पर चर्चा हुई. सूत्रों ने बताया कि भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने किया, वहीं अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उनकी समकक्ष क्रिस्टी कैनेगलो, कार्यवाहक उप-सचिव, अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग ने किया.
इस संबंध में एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि वार्ता के दौरान दोनों पक्षों ने आतंकवाद-रोधी और सुरक्षा क्षेत्र में जारी सहयोग की समीक्षा की, जो भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी का एक प्रमुख स्तंभ रहा है. बयान में कहा गया कि इस संदर्भ में, उन्होंने आतंकवाद और हिंसक चरमपंथ, मादक पदार्थों की तस्करी, संगठित अपराध से निपटने और परिवहन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए द्विपक्षीय प्रयासों को मजबूत करने के वास्ते उठाए जा सकने वाले कदमों पर चर्चा की.
दोनों पक्षों ने सुरक्षित और कानूनी प्रवासन को सक्षम करने, अवैध प्रवासन, मानव तस्करी, धनशोधन, साइबर-अपराध और आतंकी वित्तपोषण सहित अवैध गतिविधियों के लिए साइबर जगत के दुरुपयोग को रोकने के वास्ते कदम उठाकर दोनों देशों के बीच लोगों से लोगों के संबंधों को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की. बयान में कहा गया कि सह-अध्यक्षों ने सूचना के आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण, तकनीकी सहायता और आंतरिक सुरक्षा संवाद के ढांचे के तहत स्थापित उप-समूहों की नियमित बैठकों के माध्यम से संबंधित कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच पारस्परिक रूप से लाभप्रद सहयोग को मजबूत करने में अपनी गहरी रुचि दोहराई.
सूत्रों ने कहा कि माना जाता है कि भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिका की धरती पर खालिस्तान समर्थक तत्वों की गतिविधियों और भारत में अलगाववादी तत्वों को उनके सक्रिय समर्थन तथा वित्तीय मदद का मुद्दा भी उठाया. यह बैठक शीर्ष खालिस्तानी अलगाववादी एवं अमेरिकी नागरिक गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या के कथित प्रयास को लेकर उत्पन्न विवाद की पृष्ठभूमि में हुई.
सूत्रों के अनुसार, अमेरिका जहां इस मामले में जवाबदेही की मांग करता रहा है, वहीं भारत जुलाई 2023 में सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हुए हमले में शामिल खालिस्तान समर्थक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है. राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने ऐसे 50 से अधिक खालिस्तान समर्थक लोगों की पहचान की है जिन्होंने सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमला किया था.
भारत मुंबई आतंकी हमलों के आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा के प्रत्यर्पण पर भी जोर दे रहा है. अमेरिका की एक अदालत प्रत्यर्पण के खिलाफ राणा की अपील को खारिज कर चुकी है. अमेरिकी संघीय कानून प्रवर्तन प्रशिक्षण केंद्र और भारत की सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी के बीच कानून प्रवर्तन प्रशिक्षण पर सहयोग के लिए एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर के साथ संपन्न हुई जिससे द्विपक्षीय सुरक्षा सहयोग और गहरा होगा. पिछला भारत-अमेरिका आंतरिक सुरक्षा संवाद जनवरी 2022 में आयोजित हुआ था.



