काबुल. आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में विदेश मंत्रालय के पास हुए भीषण बम विस्फोट की जिम्मेदारी ली है. इस विस्फोट में कम से कम पांच लोग मारे गए हैं. वर्ष 2023 में काबुल में हुआ यह दूसरा बड़ा हमला है. अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस हमले की निंदा की है.
चरमपंथी समूह ने बुधवार को हुए हमले के बारे में एक बयान में कहा कि ‘‘शहादत के इच्छुक’’ उसके सदस्य खैबर अल-कंधारी ने मंत्रालय के कर्मचारियों और सुरक्षार्किमयों के बीच विस्फोटक से भरी अपनी जैकैट में तब विस्फोट कर दिया जब वे मंत्रालय के मुख्य द्वार से निकल रहे थे. आईएस के दावे के बाद अफगानिस्तान की तालिबान सरकार की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
काबुल पुलिस के मुख्य प्रवक्ता खालिद जादरान ने बुधवार को कहा था कि विस्फोट में पांच लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए. आईएस की समाचार इकाई आमाक ने कहा कि हमला राजनयिकों के प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के समय हुआ. चरमपंथियों ने 2021 में अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद से अपने हमले बढ़ा दिए हैं. आईएस के आतंकी अकसर तालिबान के गश्ती दलों और देश के अल्पसंख्यक शिया समुदाय को निशाना बनाते रहते हैं.
इस हमले के बाद 40 से अधिक घायल लोगों को काबुल स्थित एक र्सिजकल सेंटर ले जाया गया. यह केंद्र गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) ‘इमरजेंसी’ द्वारा संचालित है. एनजीओ की अफगानिस्तान इकाई के निदेशक स्टेफÞनो सोजÞा ने आशंका व्यक्त की कि मरने वालों की संख्या में इजाफा हो सकता है. इस हमले की संयुक्त राष्ट्र और विभिन्न देशों ने ंिनदा की है.
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा कि हमले में उसका कोई भी नागरिक हताहत नहीं हुआ है क्योंकि ऐसी रिपोर्ट थी कि चीन का एक प्रतिनिधिमंडल विदेश मंत्रालय का दौरा करने वाला था. प्रवक्ता ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “हमें उम्मीद है कि अफगानिस्तान, चीन सहित वहां सभी लोगों और संस्थानों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मजबूत कदम उठाएगा.”