केजरीवाल की गिरफ्तारी का लोस चुनाव में कोई असर नहीं, विधानसभा में भी कमल खिलेगा: बांसुरी स्वराज

सांसद बनने पर सुनिश्चित करूंगी मोदी की गारंटी हर नागरिक तक पहुंचे: बांसुरी स्वराज

नयी दिल्ली. नई दिल्ली लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उम्मीदवार बांसुरी स्वराज ने शुक्रवार को दावा किया कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी का चुनाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा क्योंकि शहर का ‘वास्तु शास्त्र’ उनकी पार्टी के पक्ष में है और 2025 के विधानसभा चुनाव में भी ‘कमल’ ही खिलेगा.

भाजपा की दिग्गज नेता और पूर्व विदेश मंत्री दिवंगत सुषमा स्वराज की बेटी बांसुरी स्वराज ने एजेंसी के मुख्यालय में पीटीआई के संपादकों के साथ बातचीत में केजरीवाल पर गिरफ्तारी का चुनावी लाभ उठाने के लिए ‘योजनाबद्ध’ तरीके से सहानुभूति बटोरने के प्रयास का आरोप लगाया. दिल्ली के मुख्यमंत्री कथित आबकारी घोटाले से जुड़े धनशोधन के एक मामले में तिहाड़ जेल में बंद हैं. उन्हें प्रवर्तन निदेशालय ने 21 मार्च को गिरफ्तार किया था.

बांसुरी ने कहा, ”आप 2025 में देखेंगे कि दिल्ली में कमल खिलेगा. चुनावों पर केवल एक (केजरीवाल की गिरफ्तारी का) प्रभाव पड़ेगा- अबकी बार 400 पार, फिर एक बार मोदी सरकार.” आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर लोकसभा चुनाव से पहले इसे खत्म करने का प्रयास करने का आरोप लगाया है. उच्च न्यायालय के हालिया आदेश का हवाला देते हुए स्वराज ने कहा कि केजरीवाल बहुत मंजे हुए नेता हैं.

उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री जानते थे कि चुनाव नजदीक हैं इसलिए उन्होंने इस स्थिति (चुनाव से पहले गिरफ्तारी) को चुना. उन्होंने कहा कि सहानुभूति का झूठा विमर्श गढ़ने के लिए केजरीवाल ने गिरफ्तार होने का वह समय चुना. बांसुरी स्वराज आम आदमी पार्टी के नेता सोमनाथ भारती के खिलाफ चुनाव लड़ रही हैं. यह उनका पहला चुनाव हैं. पार्टी ने दो बार की सांसद और केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी का टिकट काटकर उन्हें मैदान में उतारा है.

सांसद बनने पर सुनिश्चित करूंगी मोदी की गारंटी हर नागरिक तक पहुंचे: बांसुरी स्वराज

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नयी दिल्ली लोकसभा सीट से उम्मीदवार बांसुरी स्वराज ने शुक्रवार को कहा कि सांसद बनने के बाद वह सुनिश्चित करेंगी कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी हर दिल्लीवासी तक पहुंचे और संसदीय क्षेत्र में एक स्टार्ट-अप केंद्र विकसित हो ताकि युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुले.

पीटीआई के संपादकों के साथ एजेंसी के मुख्यालय में बातचीत में उन्होंने कहा कि वह यह सुनिश्चित करने के लिए कानून का दरवाजा खटखटाने समेत सब कुछ करेंगी कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की ‘स्वार्थी राजनीति’ के कारण दिल्लीवासी मोदी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से वंचित न हों. भाजपा की दिग्गज नेता और पूर्व विदेश मंत्री दिवंगत सुषमा स्वराज की बेटी बांसुरी स्वराज पहली बार चुनाव लड़ रही हैं. उनका मुकाबला आम आदमी पार्टी के नेता सोमनाथ भारती से है. पार्टी ने स्वराज को दो बार की सांसद और केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी की जगह नयी दिल्ली संसदीय सीट पर उतारा है.

नयी दिल्ली संसदीय क्षेत्र के लिए अपनी प्राथमिकताओं और योजनाओं के बारे में स्वराज ने कहा कि वह मोदी सरकार की स्टैंड अप इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और लखपति दीदी जैसी योजनाओं से बहुत उत्साहित और प्रभावित हैं. उन्होंने कहा, ”मैं नयी दिल्ली क्षेत्र में एक स्टार्ट-अप केंद्र स्थापित करना चाहती हूं.” स्वराज ने उम्मीद जताई कि नयी दिल्ली में स्टार्ट-अप केंद्र से रोजगार के नए रास्ते खोलेगा, खासकर युवाओं के लिए.

उन्होंने कहा, ”मैं यह भी चाहूंगी कि इसमें स्वयं सहायता समूहों के लोग हो. यह मेरे दिल के बहुत करीब है.” लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा की सबसे युवा उम्मीदवार ने कहा कि सांसद चुने जाने के बाद उनका सबसे बड़ा एजेंडा यह सुनिश्चित करना होगा कि लोगों को मोदी सरकार की ‘बहुत महत्वपूर्ण’ कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिले जिन्हें केजरीवाल सरकार द्वारा अभी तक लागू नहीं होने दिया गया है. उन्होंने कहा कि पांच लाख रुपये तक के नि:शुल्क स्वास्थ्य कवर के लिए आयुष्मान भारत योजना का लाभ देश के बाकी हिस्सों में उपलब्ध है, लेकिन दिल्ली के लोग इससे वंचित हैं.

उन्होंने आरोप लगाया, ”मुख्यमंत्री केजरीवाल दुर्भावना की राजनीति करते हैं और उन्होंने आयुष्मान भारत योजना को राष्ट्रीय राजधानी में लागू नहीं होने दिया.” उन्होंने कहा, ”इसी तरह, पीएम आवास योजना के तहत, देश भर में चार करोड़ लोगों को पक्के घर प्रदान किए गए. लेकिन दिल्ली के लोग इस योजना से वंचित हैं क्योंकि मुख्यमंत्री केजरीवाल ने ‘स्वार्थ की राजनीति’ से इसे शहर में लागू नहीं होने दिया.”

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