महाराष्ट्र: विधान भवन के बाहर प्रदर्शन कर रहे जितेंद्र आव्हाड को पुलिस ने बलपूर्वक हटाया

Author: navabharat digital
UPDATED: Fri, 18 Jul 2025 03:02 PM
महाराष्ट्र: विधान भवन के बाहर प्रदर्शन कर रहे जितेंद्र आव्हाड को पुलिस ने बलपूर्वक हटाया
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मुंबई: अपने एक समर्थक को हिरासत में लिए जाने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक जितेंद्र आव्हाड को बृहस्पतिवार देर रात पुलिस ने प्रदर्शनस्थल से बलपूवर्क हटाया। आव्हाड के समर्थक पर एक दिन पहले विधान भवन में भाजपा विधायक गोपीचंद पडलकर के समर्थकों ने कथित रूप से हमला किया था।

विधानसभा में मुखर तरीके से अपनी बात रखने वाले आव्हाड ने पुलिस द्वारा उनके समर्थक नितिन देशमुख को ले जाने के बाद देर रात करीब दो बजे विधान भवन परिसर के पिछले गेट के पास प्रदर्शन करना शुरू कर दिया।
विधायक ने पुलिस के वाहन को रोककर देशमुख की रिहाई की मांग की तथा अधिकारियों पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाया।

देशमुख ने कहा, ह्लयह कुछ नहीं, बल्कि खुला पक्षपात है। मेरा समर्थक, जिसे पीटा गया, उसे गिरफ्तार किया जा रहा है, जबकि पडलकर के पांच लोग जिन्होंने उसे पीटा, उन्हें पुलिस द्वारा सुरक्षा दी जा रही है। आव्हाड ने आरोप लगाया, ह्लबृहस्पतिवार को हुई हाथापाई के बाद, पुलिस ने दोनों पक्षों के समर्थकों को हिरासत में लिया। विधानसभा अध्यक्ष ने मुझे बताया था कि जैसे ही सदन की कार्यवाही समाप्त होगी, वह पुलिस को मेरे समर्थकों को रिहा करने का निर्देश देंगे, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।

वहीं, पडलकर के समर्थकों को पुलिस द्वारा वड़ा पाव और तंबाकू भी दिया जा रहा है। देशमुख और पडलकर के सहयोगी ऋषिकेश टाकले के बीच बृह्स्पतिवार को विधान भवन में कथित तौर पर झगड़ा हो गया।
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पडलकर ने पुलिस वाहन को रोकने की कोशिश करने के आव्हाड के कदम को ‘गुंडागर्दी’ करार दिया।

विधान भवन परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान भाजपा विधायक ने कहा, “मैंने विधानसभा अध्यक्ष से माफी मांगी है। मेरे समर्थकों ने गलती की है और मैंने अध्यक्ष से उन्हें सख्त चेतावनी देने का अनुरोध किया है। समर्थकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।”

उन्होंने कहा कि विधान परिषद के सभापति और विधानसभा अध्यक्ष विधान भवन में सर्वोच्च हैं। पडलकर ने कहा कि हालांकि वह उनके निर्णय पर टिप्पणी नहीं कर सकते, लेकिन वह उसका सम्मान करते हैं। हाथापाई शुरू होने से पहले के क्षणों के बारे में पूछे जाने पर पडलकर ने दावा किया, “मैं नितिन देशमुख को जानता तक नहीं हूं। मैं 15 मिनट तक विधान भवन की सीढि़यों पर था। मैंने पूरा दिन सदन में बिताया।”

उन्होंने कहा, “इस घटना के लिए मेरे समर्थकों पर मामला दर्ज किया गया है और मैं इसका सम्मान करता हूं। हम अदालत में इस मामले का सामना करेंगे। मेरे वकील अदालत में उनका प्रतिनिधित्व करेंगे।” प्रत्यक्षर्दिशयों के अनुसार, पुलिस ने आव्हाड को पुलिस वाहन से अलग करने के लिए बल प्रयोग किया और उन्हें सड़क से खींचकर ले जाया गया।

इसके बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया। रात की इस घटना में एक नया मोड़ तब आया जब पुलिस ने कथित तौर पर देशमुख को दूसरी गाड़ी से ले जाने की कोशिश की, लेकिन आव्हाड ने इस कदम को भांप लिया और अधिकारियों के सामने आ गए।

आधी रात के बाद मौके पर राकांपा (एसपी) के विधायक रोहित पवार भी मौजूद थे। बृहस्पतिवार को विधान भवन में पडलकर और आव्हाड के समर्थकों के बीच धक्कामुक्की हो गई थी। दोनों समूहों के एक-दूसरे पर हमला करने और सुरक्षार्किमयों द्वारा उन्हें पीछे खींचने के वीडियो सोशल मीडिया पर आए हैं।

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