बाजार में मिला-जुला रुख, सेंसेक्स 224 अंक चढ़ा, निफ्टी छह अंक फिसला

नयी दिल्ली. उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में स्थानीय शेयर बाजारों में बृहस्पतिवार को मिला-जुला रुख रहा. जहां बीएसई सेंसेक्स 224 अंक से अधिक के लाभ में रहा, वहीं एनएसई निफ्टी में लगभग छह अंक की मामूली गिरावट रही. तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 224.16 अंक यानी 0.38 प्रतिशत की बढ़त के साथ 59,932.24 अंक पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान एक समय ऊंचे में यह 60,007.67 अंक तक गया और नीचे में 59,215.62 अंक तक आया.

हालांकि, पचास शेयरों पर आधारित नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 5.90 अंक यानी 0.03 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 17,610.40 अंक पर बंद हुआ. अडाणी समूह की कंपनियों के शेयरों में लगातार बिकवाली का असर सूचकांक पर पड़ा. सेंसेक्स के शेयरों में आईटीसी 4.74 प्रतिशत उछला. इसके अलावा इंडसइंड बैंक, ंिहदुस्तान यूनिलीवर, इन्फोसिस, विप्रो, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टाटा कंसल्टेंसी र्सिवसेज और आईसीआईसीआई बैंक भी लाभ में रहे.

दूसरी तरफ एनटीपीसी, एचडीएफसी, टाइटन, टाटा स्टील, पावर ग्रिड, बजाज फाइनेंस और एचडीएफसी बैंक नुकसान में रहे. टाइटन का एकीकृत शुद्ध लाभ दिसंबर तिमाही में 9.78 प्रतिशत घटकर 913 करोड़ रुपये रहने से कंपनी का शेयर 1.80 प्रतिशत नीचे आया. जियोजीत फाइनेंशियल र्सिवसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने वाला बजट होने, कच्चे तेल की कीमत में गिरावट और वैश्विक बाजारों में तेजी के बावजूद, घरेलू बाजार अडाणी मामले के कारण लाभ में नहीं रहा.’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसके अलावा उभरते बाजारों की तुलना में घरेलू बाजार में शेयरों के अधिक मूल्य का भी असर पड़ रहा है. यह माना जा रहा है कि नीतिगत दर में वृद्धि का यह आखिरी दौर है. इस उम्मीद में वैश्विक बाजारों में तेजी रही.’’ अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के नीतिगत दर में 0.25 प्रतिशत वृद्धि उम्मीद के अनुरूप है. फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पावेल ने कहा कि महंगाई दर में कमी की प्रक्रिया जारी है. इससे प्रमुख ब्याज दर में वृद्धि का दौर समाप्त होने की उम्मीद बंधी है. इससे वैश्विक बाजारों में तेजी रही.

एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कंपोजिट लाभ में, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग नुकसान में रहा. यूरोप के प्रमुख बाजारों में शुरुआती कारोबार में तेजी रही. अमेरिकी शेयर बाजार बुधवार को बढ़त में रहे.
कोटक सिक्योरिटीज लि. के इक्विटी शोध प्रमुख श्रीकांत चौहान ने कहा, ‘‘अडाणी समूह की कंपनियों के शेयरों में गिरावट जारी रहने का बाजार पर साफ असर दिख रहा है. इससे बाजार में कारोबार के दौरान भारी उतार-चढ़ाव आया है. हालांकि, बाद में आईटी और बैंक शेयरों में लिवाली से बाजार चढ़ा.’’

उन्होंने कहा, ‘‘धारणा कमजोर होने से बिजली, ऊर्जा, तेल एवं गैस क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों से निवेशकों का निकलना जारी है. मुख्य रूप से घरेलू कारणों से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है.’’ अडाणी एंटरप्राइजेज ने बुधवार को कहा कि वह 20,000 करोड़ रुपये का अनुवर्ती सार्वजनिक निर्गम (एफपीओ) वापस लेने के साथ निवेशकों का पैसा लौटाएगी. कंपनी ने एफपीओ को मंगलवार को पूर्ण अभिदान मिलने के एक दिन बाद यह घोषणा की.

अडाणी एंटरप्राइजेज का शेयर 26.50 प्रतिशत लुढ़क गया. समूह की ज्यादातर कंपनियों के शेयर नुकसान में रहे. अडाणी ट्रांसमिशन 10 प्रतिशत, अडाणी ग्रीन एनर्जी 10 प्रतिशत, अडाणी टोटल गैस 10 प्रतिशत और अडाणी पोर्ट्स 6.13 प्रतिशत नुकसान में रहे.
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.29 प्रतिशत घटकर 82.78 डॉलर प्रति बैरल रहा. शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) शुद्ध लिवाल रहे और उन्होंने बुधवार को 1,785.21 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे.

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