
आदिलाबाद. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘परिवार ना होने’ को लेकर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद के हमले पर पलटवार करते हुए सोमवार को पूरे भारत को अपना परिवार करार दिया और अपने जीवन को एक ‘खुली किताब’ बताते हुए कहा कि लोगों की सेवा करने के सपने के साथ उन्होंने कम आयु में ही घर छोड़ दिया था.
जिले में एक रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने ‘परिवारवादी दलों’ पर हमला बोला और कहा कि उनके अलग-अलग चेहरे हो सकते हैं, लेकिन ‘झूठ और लूट’ का उनका चरित्र समान है. राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद ने रविवार को पटना में एक रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर कटाक्ष किया था.
उन्होंने कहा था, ”अगर नरेन्द्र मोदी के पास अपना परिवार नहीं है तो हम क्या कर सकते हैं. वह राम मंदिर के बारे में डींगें मारते रहते हैं. वह सच्चे हिंदू भी नहीं हैं. हिंदू परंपरा में बेटे को अपने माता-पिता के निधन पर अपना सिर और दाढ़ी मुंडवानी चाहिए. जब मोदी की मां की मृत्यु हुई तो उन्होंने ऐसा नहीं किया.” प्रधानमंत्री मोदी ने लालू के इस आरोप पर सोमवार को पलटवार किया और कहा कि भ्रष्टाचार, परिवारवाद और तुष्टीकरण में आकंठ डूबे ‘इंडी गठबंधन’ के नेता बौखलाते जा रहे हैं.
उन्होंने हुए, ”अब इन्होंने 2024 के चुनाव का अपना असली घोषणा पत्र निकाला है. मैं इनके परिवारवाद पर सवाल उठाता हूं तो इन लोगों ने अब बोलना शुरू कर दिया है कि मोदी का कोई परिवार नही है. कल ये ऐसा भी कह सकते हैं कि तुम्हें कभी जेल की सजा नहीं हुई इसलिए तुम राजनीति में भी नहीं आ सकते.” मोदी ने 140 करोड़ देशवासियों को अपना परिवार बताया और कहा कि जिसका कोई नहीं है, वह भी मोदी के हैं और मोदी उनका है.
उन्होंने कहा, ”मेरा भारत-मेरा परिवार, इन्हीं भावनाओं का विस्तार लेकर मैं सपनों को संकल्प के साथ सिद्ध करने के लिए आपके लिए जी रहा हूं, आपके लिए जूझ रहा हूं और आपके लिए जूझता रहूंगा. एक सपना लेकर बचपन में घर छोड़ा था. मैं देशवासियों के लिए जियूंगा, ये सपना लेकर निकला था. मेरा पल-पल सिर्फ और सिर्फ आपके लिए होगा. मेरा कोई निजी सपना नहीं होगा, आपके सपने ही मेरा संकल्प होंगे. जिंदगी खपा दूंगा, आपके सपनों को पूरा करने के लिए, आपके बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल करने के लिए.” अपने जीवन को ‘खुली किताब’ करार देते हुए मोदी ने कहा कि उन्हें देशवासी भलीभांति जानते हैं और समझते हैं तथा उनके बारे में पल-पल की खबर रखते है.
उन्होंने कहा, ”कभी जब मैं देर रात तक काम करता हूं और खबर बाहर निकल जाती है तो देश से लाखों लोग मुझे लिखते हैं कि इतना काम मत करिए, कुछ आराम करिए.” उन्होंने आरोप लगाया, ”परिवारवादी दलों का चेहरा अलग हो सकता है लेकिन उनका चरित्र एक ही है …झूठ और लूट.” मोदी ने कहा कि टीआरएस (तेलंगाना राष्ट्र समिति), बीआरएस (भारत राष्ट्र समिति) बन गई, लेकिन इससे तेलंगाना के लिए कुछ भी नहीं बदला. उन्होंने दावा किया कि अब कांग्रेस इस क्षेत्रीय दल की जगह पर सत्ता में आई है लेकिन ‘कुछ नहीं होने वाला’ है.
उन्होंने आरोप लगाया कि बीआरएस ने अपने कार्यकाल के दौरान कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना जैसे घोटाले किए. उन्होंने सत्तारूढ़ कांग्रेस पर इस संबंध में कार्रवाई करने के बजाय फाइलों पर बैठे रहने का आरोप लगाया. पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव द्वारा स्थापित टीआरएस का नाम बदलकर बीआरएस कर दिया गया था. रैली में प्रधानमंत्री ने देश में पिछले 15 दिनों में किए गए कई विकास कार्यों का उल्लेख किया और कहा कि यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ को और मजबूत कर ‘विकसित भारत’ बनाएगा.
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि ‘विकसित भारत’ के लिए कार्य योजना के बारे में रविवार को नयी दिल्ली में उन्होंने अपने सभी मंत्रियों और शीर्ष अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की थी. मोदी ने आदिवासियों के कल्याण पर अपनी पार्टी का विशेष ध्यान होने का उल्लेख किया और कहा कि उनकी सरकार इस समुदाय को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है. उन्होंने कहा कि राज्य में स्थापित होने वाला ‘सम्मक्का-सरक्का’ केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय आदिवासी कल्याण के लिए उनकी सरकार की प्राथमिकता का प्रमाण है.
उन्होंने कहा कि मोदी की विकास गारंटी की अब पूरे देश में चर्चा हो रही है और विभिन्न पहलों के क्रियान्वयन से साबित होता है कि इस बात की गारंटी है कि मोदी की गारंटी पूरी होगी. उन्होंने तेलंगाना के लोगों से देश को विश्व के समृद्ध राष्ट्रों के समकक्ष बनाने का आशीर्वाद मांगा.
मोदी ने कहा, ”जैसे ही मैंने करोड़ों रुपये की विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया, कुछ लोगों ने इसे ‘चुनावी सभा’ ??कहा है. मैं उन ‘विश्लेषकों’ को बताना चाहता हूं कि अभी चुनाव की घोषणा भी नहीं हुई है. यह ‘चुनावी सभा’ ??नहीं बल्कि तेलंगाना में ‘विकास उत्सव’ है जिसे मनाने के लिए मैं आया हूं.” मोदी ने कहा कि विकास परियोजनाओं को ‘चुनावी’ रणनीति बताने वालों को यह देखना चाहिए कि उन्होंने पिछले 15 दिनों दो आईआईटी, एक आईआईआईटी, तीन आईआईएम, एक आईआईएस और पांच एम्स का उद्घाटन किया गया है.
उन्होंने कहा, ”पिछले 15 दिनों में हमने किसानों के लिए दुनिया की सबसे बड़ी भंडारण योजना का उद्घाटन किया. 18,000 सहकारी समितियों को कम्प्यूटरीकृत किया गया.” उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर में स्वर्ण दरवाजे और स्तंभ बनाने में तेलंगाना की भूमिका है और पूरा देश इसके लिए राज्य के लोगों का आभार व्यक्त करता है.



