मोदी 2014 का भाषण पढ़ रहे हैं, मुसलमानों को आरक्षण पर लोगों को गुमराह कर रहें : श्रीनेत

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 05 May 2024 07:13 PM
मोदी 2014 का भाषण पढ़ रहे हैं, मुसलमानों को आरक्षण पर लोगों को गुमराह कर रहें : श्रीनेत
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अहमदाबाद. कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने रविवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 2024 के लोकसभा चुनाव में 2014 की बातें दोहरा रहे हैं और उन्होंने उन पर मुसलमानों के लिए कोटे को लेकर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का आरोप है कि कांग्रेस एससी, एसटी और ओबीसी (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग) का कोटा छीनकर इसे तुष्टीकरण की राजनीति के तहत मुसलमानों को देना चाहती है.

कांग्रेस के सोशल मीडिया और डिजिटल मंचों की प्रमुख श्रीनेत ने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने 2022 में एक साक्षात्कार में कहा था कि गुजरात और मध्य प्रदेश में भाजपा सरकारें पहले ही मुसलमानों को ओबीसी के रूप में आरक्षण दे चुकी हैं. उन्होंने सवाल किया, ”उनके 10 वर्षों तक भारत के प्रधानमंत्री पद पर रहने के बाद, हमें लगा कि वह अब लोगों का सामना करेंगे और अपना रिपोर्ट कार्ड पेश करेंगे तथा अपनी सरकार की उपलब्धियों पर वोट मांगेंगे. इसके बजाय, वह 2024 में 2014 का ही भाषण पढ़ रहे हैं. वह कांग्रेस और इसके नेताओं के सिवा कोई बात नहीं कर रहे . तो इन 10 वर्षों में हमारे प्रधानमंत्री क्या कर रहे थे?” उन्होंने दावा किया कि 2024 का चुनाव 2004 को दोहराएगा जब भाजपा का ”भारत उदय” अभियान नाकाम हो गया था और अटल बिहारी वाजपेयी सरकार सत्ता से बाहर हो गई थी.

श्रीनेत ने कहा, ”मोदी कांग्रेस शासित कर्नाटक में मुसलमानों को दिये जा रहे आरक्षण के बारे में झूठ फैला रहे हैं. यह आरक्षण 1974 में किये गए एक सर्वेक्षण के आधार पर एच डी देवेगौड़ा ने दिया था, जब वह मुख्यमंत्री थे. और वर्तमान में, देवेगौड़ा की पार्टी जद(एस) भाजपा की सहयोगी है. कांग्रेस सरकार ने इसे लागू नहीं किया. यह आरक्षण वहां पिछले तीन दशक से है.” जनता दल (सेक्युलर) के नेता प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ बलात्कार और अन्य आरोपों पर श्रीनेत ने दावा किया कि मोदी ने मैसुरु में उनके लिए वोट मांगा जबकि वह इस मुद्दे से अवगत थे.

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया, ”मोदी ने रेवन्ना के लिए वोट मांगा, जो किसी राक्षस से कम नहीं हैं. क्या उन्हें उनके कुकर्मों के बारे में पता नहीं था? मोदी को सब कुछ पता था क्योंकि स्थानीय भाजपा नेताओं ने रेवन्ना के बारे में शीर्ष भाजपा नेतृत्व को पहले ही चेतावनी दे दी थी.” उन्होंने कहा कि मुसलमानों के बारे में बोलने के बजाय, प्रधानमंत्री को अन्य तीन ‘एम’ यानी महिला, महंगाई और मणिपुर हिंसा के बारे में बोलना चाहिए.

श्रीनेत ने कहा, ”मेरे नेता (राहुल गांधी) दो बार मणिपुर गए और शांति कायम करने की कोशिश की. लेकिन मोदीजी को मणिपुर का दौरा करने का समय नहीं मिला, जहां हिंसा अब भी हो रही है.” उन्होंने दावा किया कि लोग चुप हैं लेकिन वे भाजपा के खिलाफ मतदान कर रहे हैं क्योंकि वे जानते हैं कि 400 सीट मिलने के बाद वह संविधान बदल देगी और आरक्षण खत्म कर देगी.

उन्होंने कहा कि मोदी रैलियों के दौरान मुसलमानों, पाकिस्तान और मुस्लिम लीग के बारे में बोलकर ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस यह सुनिश्चित करेगी कि चुनाव बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार, संपत्ति का असमान वितरण और जनसंख्या के आधार पर साझेदारी जैसे लोगों से संबंधित मुद्दों पर लड़ा जाए. मोदी पर अपनी छवि बनाने के लिए 6,500 करोड़ रुपये खर्च करने का आरोप लगाते हुए श्रीनेत ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में गरीब और गरीब हो गए हैं, जबकि अमीर फले-फूले हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को हिंदू धर्म या गाय के बारे में बात करना शोभा नहीं देता क्योंकि पार्टी ने चुनावी बॉण्ड योजना के माध्यम से ‘बीफ’ निर्यातकों से पैसा लिया है.

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