नेतन्याहू ने भ्रष्टाचार के मुकदमे जारी रहने के बीच क्षमादान का अनुरोध किया प्रस्तुत

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 30 Nov 2025 07:44 PM
नेतन्याहू ने भ्रष्टाचार के मुकदमे जारी रहने के बीच क्षमादान का अनुरोध किया प्रस्तुत
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यरूशलम. इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने राष्ट्रपति से अनुरोध किया है कि वे उन्हें भ्रष्टाचार के आरोपों से क्षमादान प्रदान करें. नेतन्याहू ने ऐसा करके लंबे समय से जारी भ्रष्टाचार के उस मुकदमे पर रोक का प्रयास किया है जिसने देश को बुरी तरह विभाजित कर दिया है.

नेतन्याहू इन आरोपों को लेकर देश की न्याय व्यवस्था के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं. उन्होंने कहा कि यह अनुरोध क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलावों के दौर में देश को एकजुट करने में मदद करेगा. हालांकि नेतन्याहू के विरोधियों ने तुरंत इसकी निंदा की और कहा कि इससे इजराइल की लोकतांत्रिक संस्थाएं कमजोर होंगी और यह खतरनाक संदेश जाएगा कि वह कानून के शासन से ऊपर हैं.

इजराइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने रविवार को एक बयान में कहा कि नेतन्याहू ने राष्ट्रपति कार्यालय के कानूनी विभाग को क्षमादान का अनुरोध प्रस्तुत किया है. राष्ट्रपति कार्यालय ने इसे एक “असाधारण अनुरोध” बताया, जिसके “महत्वपूर्ण निहितार्थ” हैं. नेतन्याहू इजराइली इतिहास में एकमात्र ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जो तीन अलग-अलग मामलों में धोखाधड़ी, विश्वासघात और रिश्वत के आरोपों को लेकर मुकदमे का सामना कर रहे हैं. उन पर धनी राजनीतिक समर्थकों को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया गया है. उन्हें अभी तक किसी भी मामले में दोषी नहीं ठहराया गया है.

नेतन्याहू ने आरोपों को खारिज किया है और इस मामले की निंदा करते हुए इसे मीडिया, पुलिस और न्यायपालिका द्वारा साजिश के तहत निशाना बनाये जाने का आरोप लगाया है. यह अनुरोध अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इजराइल से नेतन्याहू को क्षमा करने का आग्रह करने के कुछ सप्ताह बाद आया है. इस महीने की शुरुआत में, ट्रंप ने राष्ट्रपति आइजैक हज.रग को एक पत्र भी भेजा था जिसमें भ्रष्टाचार के मामले को “राजनीतिक और अनुचित अभियोजन” बताया गया था.

एक वीडियो टेप में, नेतन्याहू ने कहा कि इस मुकदमे ने देश को विभाजित कर दिया है और क्षमादान से राष्ट्रीय एकता बहाल करने में मदद मिलेगी. उन्होंने यह भी कहा कि हफ़्ते में तीन बार अदालत में पेश होने की उनकी अनिवार्यता एक ऐसा ध्यान भटकाने वाला कदम है जिससे उनके लिए देश का नेतृत्व करना मुश्किल हो जाता है.

उन्होंने कहा, “मुकदमे का जारी रहना हमें अंदर से तोड़ देता है, विभाजन करता है और दरार को और गहरा करता है. देश के कई अन्य लोगों की तरह, मुझे भी यकीन है कि मुकदमे के तुरंत निपटारे से सुलह को ब­ढ़ावा मिलेगा, जिसकी हमारे देश को सख्त जरूरत है.” हालांकि कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि क्षमादान का अनुरोध मुकदमे को नहीं रोक सकता. न्याय मंत्रालय के पूर्व महानिदेशक एमी पामोर ने कहा, ”यह असंभव है.” उन्होंने कहा, ”जब मुकदमा चल रहा हो, तो आप यह दावा नहीं कर सकते कि आप निर्दोष हैं.” उन्होंने कहा कि मुकदमे को रोकने का एकमात्र तरीका अटॉर्नी जनरल से कार्यवाही रोकने के लिए कहना है.

नेतन्याहू के अनुरोध पर विपक्ष ने तुरंत प्रतिक्रिया व्यक्त की और राष्ट्रपति से उनके अनुरोध को नहीं मानने का आग्रह किया. विपक्षी नेता यायर लापिड ने कहा, “आप उन्हें अपराध स्वीकार किए बिना, पश्चाताप की अभिव्यक्ति के बिना और राजनीतिक जीवन से तत्काल संन्यास लिए बिना क्षमादान नहीं दे सकते.”

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