
रायपुर. छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में विधिवत पूजा अर्चना कर कार्यभार सम्हाला. यह पहली बार हो रहा है कि मुख्यमंत्री ने कार्यभार ग्रहण करने के पूर्व विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की. गौरतलब है कि मुख्यमंत्री साय की धर्म में गहरी आस्था है. उन्होंने शपथ ग्रहण से पहले सुबह रायपुर स्थित अपने घर में पूजा-अर्चना की और रायपुर के भगवान जगन्नाथ मंदिर में भी पूजा अर्चना की थी.
इस मौके पर उप मुख्यमंत्री द्वय अरुण साव और विजय शर्मा भी उनके साथ थे. मुख्यमंत्री साय के मंत्रालय पहुचने पर मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा ने उनका पुष्प गुच्छ भेंटकर आत्मीय स्वागत किया. मुख्यमंत्री साय ने कार्यभार सम्हाले के बाद अपने कार्यालय कक्ष में मंत्रालय के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों से परिचय भी लिया. विभिन्न विभागों के सचिवों और वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को नए दायित्व के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी.

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित केन्द्रीय मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों और प्रदेशवासियों के प्रति आभार प्रकट किया
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अपने शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित केन्द्रीय मंत्रियों, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों, वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों, सांसदों विधायकगणों और पूरे प्रदेश से बड़ी संख्या में पहुंचे आमजनों के प्रति हृदय से आभार प्रकट किया.
मुख्यमंत्री साय मंत्रालय में कार्यभार ग्रहण करने के बाद मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा कर रहे थे. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री, केन्द्रीय गृह मंत्री सहित वरिष्ठजनों और हजारों की संख्या में प्रदेश से आए लोगों ने शामिल होकर कार्यक्रम को सफल बनाया. उन्होंने प्रदेशवासियों और सभी मतदाताओं के प्रति आभार प्रकट किया.
इस दौरान उन्होंने बताया कि नई सरकार की प्रथम केबिनेट की बैठक 14 दिसम्बर को आयोजित होगी. इसके बाद मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और सचिवों के साथ परिचयात्मक बैठक होगी, साथ ही प्रेस कॉन्फ्रेंस भी आयोजित की जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि शपथ ग्रहण करने के बाद आज मंत्रालय में विधिवत पूजा-अर्चना करने के बाद आज प्रथम दिवस काम-काज शुरू किया.
पंच से लेकर मुख्यमंत्री बनने तक विष्णुदेव साय का राजनीतिक सफर
नवनियुक्त मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जन्म 21 फरवरी 1964 को जशपुर जिले के कांसाबेल तहसील के ग्राम बगिया में हुआ था. विष्णुदेव साय के पिता स्वर्गीय राम प्रसाद साय एवं माता जसमनी देवी हैं. साय 27 मई 1991 में कौशल्या साय के साथ विवाह सूत्र में बंधे. इनके एक पुत्र और दो बेटियां है. साय की शिक्षा हायर सेकेंडरी तक लोयोला उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुनकुरी में सम्पन्न हुई.
विष्णुदेव साय का राजनीतिक सफर:-
विष्णुदेव साय का 1989 में ग्राम पंचायत बगिया के पंच चुने जाने के बाद राजनीतिक जीवन की शुरुआत हुई. 1990 में ग्राम पंचायत बगिया के निर्विरोध सरपंच बने, 1990 से 98 तक सदस्य मध्यप्रदेश विधानसभा तपकरा से विधायक चुने गए, 1999 में 13वीं लोकसभा के सदस्य के रूप में रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद चुने गए, 2004 में 14वीं लोकसभा में फिर से रायगढ़ संसदीय सीट से सांसद चुने गए, 2006 में प्रदेश अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी चुने गए, 2009 में 15वीं लोकसभा के लिए रायगढ़ संसदीय सीट से लोकसभा के सांसद चुने गए, 2011 में भारतीय जनता पार्टी के फिर से प्रदेश अध्यक्ष चुने गए. 2014 में 16वीं लोकसभा के सदस्य के रूप में रायगढ़ संसदीय सीट से लोकसभा के सांसद चुने गए. 27 मई 2014 से 2019 तक केंद्रीय राज्य मंत्री इस्पात, खान, श्रम व रोजगार मंत्रालय रहे. 2020 से 2022 तक भारतीय जनता पार्टी के फिर से प्रदेश अध्यक्ष चुने गए. 2 दिसंबर 2022 को भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारणी में विशेष आमंत्रित सदस्य चुने गए. 8 जुलाई 2023 को राष्ट्रीय कार्य समिति के सदस्य नामित किए गए और 3 दिसंबर को घोषित हुए विधानसभा चुनाव में कुनकुरी सीट से विधायक चुने गए. 10 दिसंबर 2023 को छत्तीसगढ़ के विधायक दल ने उन्हें अपना नेता चुना और प्रदेश के अगले और प्रदेश के पहले आदिवासी मुख्यमंत्री के रूप में चुने गए.
नवनियुक्त मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की परिवारिक पृष्टभूमि:-
नवनियुक्त मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पारिवारिक पृष्ठभूमि के संबंध में जानकारी देते हुए बताते हैं कि मैं स्वयं कृषक परिवार से हूं, जनसंघ के समय मेरे बड़े पिता जी स्वर्गीय नरहरि प्रसाद साय सन 1962 से 1967 तक विधायक विधानसभा क्षेत्र लैलूंगा एवं सन 1972 से 1977 तक सांसद लोकसभा के सांसद और जनता दल सरकार में केंद्रीय संचार राज्य मंत्री भारत सरकार रहे. विष्णु देव साय कहते हैं बड़े पिताजी स्वर्गीय केदार नाथ साय जनसंघ के समय सन 1967 से 1972 तक विधायक विधानसभा क्षेत्र तपकरा का प्रतिनिधित्व उन्होंने किया और दादाजी सरदार स्वर्गीय बुधनाथ साय 1947 से 1952 तक क्षेत्र से विधायक मनोनीत हुए थे.



